एक्सप्लोरर

तीसरा विश्व युद्ध हुआ तो कौन सा देश होगा किसके साथ, दिखने लगा नया वर्ल्ड ऑर्डर

तीसरे विश्व युद्ध की आहट के बीच दुनिया दो शक्तिशाली गुटों में बंटती नजर आ रही है। एक ओर अमेरिका और नाटो देशों का पश्चिमी गठबंधन है, तो दूसरी ओर चीन और रूस की धुरी वाला यूरेशियन ब्लॉक है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • मिडिल ईस्ट व यूक्रेन युद्धों से तीसरे विश्व युद्ध की चर्चा तेज.
  • अमेरिका के नेतृत्व वाले गुट में नाटो, जापान, ऑस्ट्रेलिया शामिल.
  • रूस-चीन के नेतृत्व में यूरेशियन ब्लॉक में उत्तर कोरिया, ईरान.

मिडिल ईस्ट में भड़कती आग और रूस-यूक्रेन के बीच खिंचती जंग ने दुनिया को एक ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहां हर कोई एक ही सवाल पूछ रहा है कि क्या तीसरा विश्व युद्ध शुरू होने वाला है? सोशल मीडिया से लेकर कूटनीतिक गलियारों तक World War 3 की चर्चा तेज है. हालांकि विशेषज्ञ अभी इसे महायुद्ध नहीं मानते, लेकिन वैश्विक शक्तियों की गोलबंदी ने एक नया वर्ल्ड ऑर्डर जरूर तैयार कर दिया है. अगर कल को दुनिया दो हिस्सों में बंटती है, तो कौन किसके साथ खड़ा होगा? आइए, वर्तमान भू-राजनीतिक समीकरणों के आधार पर इसे विस्तार से समझते हैं.

विश्व युद्ध की परिभाषा और मौजूदा हालात 

डिफेंस एक्सपर्ट्स बताते हैं कि हर बड़े संघर्ष को विश्व युद्ध नहीं कहा जा सकता है. किसी भी जंग को विश्व युद्ध तब माना जाता है जब वह कई महाद्वीपों (जैसे यूरोप, एशिया और अफ्रीका) में फैल जाए और दुनिया की महाशक्तियां सीधे एक-दूसरे के सामने आ जाएं. इसके अलावा, इसका असर महीनों नहीं बल्कि सालों तक रहे और वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल की सप्लाई और समुद्री व्यापार पूरी तरह ठप हो जाए. फिलहाल मिडिल ईस्ट और यूक्रेन में हालात गंभीर हैं, लेकिन महाशक्तियां अभी तक प्रॉक्समी वॉर यानी परोक्ष युद्ध लड़ रही हैं, सीधे आमने-सामने नहीं आई हैं.

अमेरिका के नेतृत्व वाली ताकत

अगर तीसरा विश्व युद्ध छिड़ता है, तो एक खेमा अमेरिका के नेतृत्व में खड़ा होगा. इसमें नाटो (NATO) के सभी सदस्य देश जैसे ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी शामिल होंगे. एशिया-प्रशांत क्षेत्र में जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया इस गुट की रीढ़ बनेंगे. मिडिल ईस्ट में इजराइल इस गठबंधन का सबसे भरोसेमंद साथी होगा. यह गुट मुख्य रूप से लोकतांत्रिक मूल्यों और मौजूदा वैश्विक व्यवस्था को बचाने के नाम पर एकजुट होगा. ताइवान और यूक्रेन को भी इसी खेमे का सक्रिय समर्थन मिलने की पूरी संभावना है.

यह भी पढ़ें: देश के किन-किन राज्यों में अलग से है धर्मांतरण कानून, जानें कहां मिलती है सबसे कड़ी सजा?

यूरेशियन ब्लॉक

दूसरी ओर, चीन और रूस के नेतृत्व में एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी गुट तैयार हो रहा है. इस खेमे में उत्तर कोरिया, ईरान और बेलारूस जैसे देश शामिल होंगे. ईरान की भागीदारी इस युद्ध को मिडिल ईस्ट में और भी घातक बना देगी, जबकि उत्तर कोरिया अपनी परमाणु शक्ति और विशाल सेना के साथ चीन का साथ दे सकता है. सीरिया और वेनेजुएला जैसे देश भी अपनी अमेरिका-विरोधी नीतियों के कारण इसी ब्लॉक की ओर झुक सकते हैं. यह गठबंधन मुख्य रूप से अमेरिकी वर्चस्व को चुनौती देने के उद्देश्य से एक साथ आएगा.

दुनिया का सबसे बड़ा वाइल्डकार्ड

इस संभावित महायुद्ध में भारत की स्थिति सबसे दिलचस्प और जटिल होगी. भारत को एक वाइल्डकार्ड प्लेयर माना जा रहा है. भारत के रूस के साथ पुराने और अच्छे रक्षा संबंध हैं, तो वहीं अमेरिका के साथ मजबूत रणनीतिक साझेदारी है. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अपनी पुरानी गुटनिरपेक्ष नीति पर चलते हुए तटस्थ रहने की कोशिश करेगा. हालांकि, चीन के साथ सीमा विवाद और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए भारत को अंततः कड़ा फैसला लेना पड़ सकता है. भारत की स्थिति इस युद्ध के नतीजे को किसी भी तरफ मोड़ने की ताकत रखती है.

विचारधारा नहीं, संसाधनों के आधार पर बनेगी बात

तीसरे विश्व युद्ध में गठबंधनों का आधार केवल लोकतंत्र या तानाशाही नहीं होगा, बल्कि संसाधन सबसे बड़ी भूमिका निभाएंगे. कई देश केवल इसलिए किसी गुट के साथ जा सकते हैं, क्योंकि उन्हें अनाज, तेल या आधुनिक तकनीक की जरूरत होगी. उदाहरण के लिए, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कई देश अपनी आर्थिक जरूरतों के कारण चीन या अमेरिका में से किसी एक को चुन सकते हैं. यह युद्ध विचारधारा की लड़ाई से कहीं ज्यादा संसाधनों पर कब्जे की जंग साबित हो सकता है.

युद्ध की चिंगारी और ट्रिगर पॉइंट क्या होगा?

विश्व युद्ध की शुरुआत किस मुद्दे पर होती है, यह तय करेगा कि कौन सा देश तुरंत एक्शन में आएगा. यदि युद्ध का ट्रिगर ताइवान होता है, तो चीन और अमेरिका सीधे भिड़ेंगे. वहीं, अगर रूस नाटो के किसी सदस्य देश पर हमला करता है, तो पूरा यूरोप और अमेरिका तुरंत युद्ध में कूद पड़ेंगे. वर्तमान में रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट के संघर्ष पहले से ही इन गठबंधनों की नींव रख चुके हैं. दुनिया इस समय एक बारूद के ढेर पर बैठी है, जहां एक छोटी सी गलतफहमी तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत कर सकती है.

यह भी पढ़ें: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मुकाबले कितना संकरा है बाब अल-मंडेब का रास्ता, जानें यहां से किन देशों को पहुंचता है तेल?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

CBSE Cyber Attack: AIIMS से लेकर CBSE तक... पिछले पांच साल में देश के किन बड़े सरकारी पोर्टल्स पर हुए साइबर अटैक?
AIIMS से लेकर CBSE तक... पिछले पांच साल में देश के किन बड़े सरकारी पोर्टल्स पर हुए साइबर अटैक?
CBSE Cyber Attack: क्या है CERT-In, जो सरकारी वेबसाइट्स पर साइबर अटैक होने पर करती है जांच? जानें इसके अधिकार
क्या है CERT-In, जो सरकारी वेबसाइट्स पर साइबर अटैक होने पर करती है जांच? जानें इसके अधिकार
Plastic Notes: कागज की जगह प्लास्टिक के नोट, एक नोट छापने पर कितना खर्च होता है?
कागज की जगह प्लास्टिक के नोट, एक नोट छापने पर कितना खर्च होता है?
Solar Energy: सूरज की एनर्जी से धरती को कितनी मिलती है पावर, जानें इससे कितनी बिजली बन सकती है?
सूरज की एनर्जी से धरती को कितनी मिलती है पावर, जानें इससे कितनी बिजली बन सकती है?
Advertisement

वीडियोज

Weather Update: उत्तर भारत में मौसम का कहर जारी, कई हादसों में मौतें और भारी नुकसान | Breaking News
Ghaziabad Surya Case: इलाके में इंसाफ की मांग हुई तेज| Khora Murder | Breaking News | Latest News
UP Electricity Price Hike: भारी किल्लत के बीच बढ़ी दरें, आपके बिल पर कितना असर पड़ेगा! | Breaking
New Tata Tiago Facelift 2026: Budget Hatchback Segment की Game Changer? #tata #tatatiago #autolive
New Honda City facelift hybrid drive review and mileage | #hondacity #hondacityfacelift #autolive
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
भारत की ब्रह्मोस मिसाइल से क्यों घबराया तुर्की? ग्रीस संग डील की चर्चा से टेंशन में एर्दोगन, एक्सपर्ट ने खोले राज
भारत की ब्रह्मोस मिसाइल से क्यों घबराया तुर्की? ग्रीस संग डील की चर्चा से टेंशन में एर्दोगन, एक्सपर्ट ने खोले राज
Maharashtra: 40 डिग्री की तपिश में अनशन पर बैठे मनोज जरांगे, मराठा आरक्षण को लेकर सरकार को दी चुनौती
महाराष्ट्र: 40 डिग्री की तपिश में अनशन पर बैठे मनोज जरांगे, मराठा आरक्षण को लेकर सरकार को दी चुनौती
बूंद-बूंद को तरस गया पाकिस्तान का कराची, पहलगाम आतंकी हमले पर बुरी तरह पछता रहे होंगे आसिम मुनीर!
बूंद-बूंद को तरस गया पाकिस्तान का कराची, पहलगाम आतंकी हमले पर बुरी तरह पछता रहे होंगे आसिम मुनीर!
शुभमन गिल के शतक को सिद्धू मूसेवाला के स्टाइल में किया सेलिब्रेट, ग्राउंड पर भी नाचे पिता, वीडियो वायरल
शुभमन गिल के शतक को सिद्धू मूसेवाला के स्टाइल में किया सेलिब्रेट, ग्राउंड पर भी नाचे पिता, वीडियो वायरल
Upcoming Movies: जून में साउथ फिल्मों का हल्लाबोल, एक्शन मोड में सामंथा तो कुश्ती के मैदान में 'पेड्डी', 'जन नायकन' बनेंगे CM विजय
जून में साउथ फिल्मों का हल्लाबोल, एक्शन मोड में सामंथा तो कुश्ती के मैदान में 'पेड्डी'
ABP इंडिया @2047 कॉन्क्लेव का सजेगा मंच, राजनेता-उद्यमी और फिल्मी सितारों का लगेगा जमावड़ा
ABP इंडिया @2047 कॉन्क्लेव का सजेगा मंच, राजनेता-उद्यमी और फिल्मी सितारों का लगेगा जमावड़ा
महाराष्ट्र जहरीली शराब कांड: 5 पुलिस अधिकारी सस्पेंड, मौत का आंकड़ा 21 पहुंचा
महाराष्ट्र जहरीली शराब कांड: 5 पुलिस अधिकारी सस्पेंड, मौत का आंकड़ा 21 पहुंचा
3900 KM दूर चीन में बैठे डॉक्टर ने कर दी भारत में सर्जरी, हैदराबाद में हुआ ये हैरान कर देने वाला कारनामा, पढ़ें दिलचस्प स्टोरी
3900 KM दूर चीन में बैठे डॉक्टर ने कर दी भारत में सर्जरी, हैदराबाद में हुआ ये हैरान कर देने वाला कारनामा, पढ़ें दिलचस्प स्टोरी
Embed widget