एक्सप्लोरर

Wildlife Protection Rules: Wildlife Sanctuary और नेशनल पार्क में क्या होता है अंतर? यहां जान लीजिए

Wildlife Protection Rules: नेशनल पार्क और वाइल्डलाइफ सेंचुरी दोनों ही वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन इनके नियम, उद्देश्य और संरक्षण का तरीका एक-दूसरे से अलग होता है.

Wildlife Protection Rules: नेशनल पार्क और वाइल्डलाइफ सेंचुरी दोनों ही वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन इनके नियम, उद्देश्य और संरक्षण का तरीका एक-दूसरे से अलग होता है.

जंगल, जानवर और प्रकृति सिर्फ धरती की खूबसूरती नहीं बढ़ाते, बल्कि इंसानों की जिंदगी को भी संतुलित बनाए रखते हैं. यही वजह है कि वन्यजीवों और जंगलों को बचाने के लिए देश में कई सुरक्षित क्षेत्र बनाए गए हैं. इनमें सबसे ज्यादा चर्चा नेशनल पार्क और वाइल्डलाइफ सेंचुरी की होती है. कई लोग इन दोनों को एक जैसा समझने की भूल करते हैं. लेकिन असल में इनके बीच काम और नियमों में बड़ा अंतर होता है. चलिए आपको बताते हैं इनके बीच क्या फर्क हैं.

1/6
वाइल्डलाइफ सेंचुरी यानी ऐसा सुरक्षित जंगल क्षेत्र, जहां जानवरों और पक्षियों को उनके प्राकृतिक माहौल में सुरक्षित रखा जाता है. यहां उनका शिकार करना या उन्हें नुकसान पहुंचाना पूरी तरह मना होता है. इसका मुख्य उद्देश्य खास वन्यजीवों की सुरक्षा करना होता है, ताकि वे बिना डर के रह सकें. यहां कुछ शर्तों के साथ लोगों को आने-जाने की अनुमति मिल सकती है. साथ ही भारत में इस समय 567 वाइल्डलाइफ सेंचुरी मौजूद हैं.
वाइल्डलाइफ सेंचुरी यानी ऐसा सुरक्षित जंगल क्षेत्र, जहां जानवरों और पक्षियों को उनके प्राकृतिक माहौल में सुरक्षित रखा जाता है. यहां उनका शिकार करना या उन्हें नुकसान पहुंचाना पूरी तरह मना होता है. इसका मुख्य उद्देश्य खास वन्यजीवों की सुरक्षा करना होता है, ताकि वे बिना डर के रह सकें. यहां कुछ शर्तों के साथ लोगों को आने-जाने की अनुमति मिल सकती है. साथ ही भारत में इस समय 567 वाइल्डलाइफ सेंचुरी मौजूद हैं.
2/6
वहीं नेशनल पार्क का दायरा थोड़ा बड़ा माना जाता है. यहां सिर्फ जानवर ही नहीं, बल्कि पूरे जंगल, पेड़-पौधे, जमीन और वहां के पूरे प्राकृतिक माहौल को सुरक्षित रखा जाता है. नेशनल पार्क में नियम ज्यादा सख्त होते हैं और यहां लोगों की गतिविधियों पर काफी रोक रहती है. साथ ही कई जगहों पर बिना अनुमति प्रवेश भी नहीं मिलता. वही भारत में अभी कुल 106 नेशनल पार्क हैं.
वहीं नेशनल पार्क का दायरा थोड़ा बड़ा माना जाता है. यहां सिर्फ जानवर ही नहीं, बल्कि पूरे जंगल, पेड़-पौधे, जमीन और वहां के पूरे प्राकृतिक माहौल को सुरक्षित रखा जाता है. नेशनल पार्क में नियम ज्यादा सख्त होते हैं और यहां लोगों की गतिविधियों पर काफी रोक रहती है. साथ ही कई जगहों पर बिना अनुमति प्रवेश भी नहीं मिलता. वही भारत में अभी कुल 106 नेशनल पार्क हैं.
3/6
दोनों जगहों का सबसे बड़ा मकसद प्रकृति और वन्यजीवों को बचाना है, लेकिन काम करने का तरीका अलग होता है. वाइल्डलाइफ सेंचुरी में कुछ सीमित मानवीय गतिविधियों की अनुमति हो सकती है, जबकि नेशनल पार्क में नियम ज्यादा कड़े होते हैं. वहां जंगल की प्राकृतिक स्थिति को बिल्कुल सुरक्षित रखने की कोशिश की जाती है.
दोनों जगहों का सबसे बड़ा मकसद प्रकृति और वन्यजीवों को बचाना है, लेकिन काम करने का तरीका अलग होता है. वाइल्डलाइफ सेंचुरी में कुछ सीमित मानवीय गतिविधियों की अनुमति हो सकती है, जबकि नेशनल पार्क में नियम ज्यादा कड़े होते हैं. वहां जंगल की प्राकृतिक स्थिति को बिल्कुल सुरक्षित रखने की कोशिश की जाती है.
4/6
वाइल्डलाइफ सेंचुरी में खास जानवरों की प्रजातियों को बचाने पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है.  वहीं नेशनल पार्क पूरे इकोसिस्टम यानी जंगल के हर हिस्से को सुरक्षित रखने का काम करता है. साथ ही इसमें जानवरों के साथ पेड़-पौधे, नदी, पहाड़ और जमीन भी शामिल होते हैं.  इसी वजह से नेशनल पार्क को ज्यादा संरक्षित क्षेत्र माना जाता है.
वाइल्डलाइफ सेंचुरी में खास जानवरों की प्रजातियों को बचाने पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है. वहीं नेशनल पार्क पूरे इकोसिस्टम यानी जंगल के हर हिस्से को सुरक्षित रखने का काम करता है. साथ ही इसमें जानवरों के साथ पेड़-पौधे, नदी, पहाड़ और जमीन भी शामिल होते हैं. इसी वजह से नेशनल पार्क को ज्यादा संरक्षित क्षेत्र माना जाता है.
5/6
अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ यानी IUCN भी इन दोनों को अलग श्रेणियों में रखता है. वाइल्डलाइफ सेंचुरी को चौथी श्रेणी में रखा गया है, जबकि नेशनल पार्क को दूसरी श्रेणी में माना जाता है.  इसका मतलब यह है कि नेशनल पार्क में सुरक्षा और नियम ज्यादा सख्त होते हैं.
अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ यानी IUCN भी इन दोनों को अलग श्रेणियों में रखता है. वाइल्डलाइफ सेंचुरी को चौथी श्रेणी में रखा गया है, जबकि नेशनल पार्क को दूसरी श्रेणी में माना जाता है. इसका मतलब यह है कि नेशनल पार्क में सुरक्षा और नियम ज्यादा सख्त होते हैं.
6/6
भारत जैसे देश में नेशनल पार्क और वाइल्डलाइफ सेंचुरी दोनों ही बहुत जरूरी होती हैं. तेजी से कटते जंगल और बढ़ते प्रदूषण के बीच ये जगहें जानवरों के लिए सुरक्षित घर का काम करती हैं. साथ ही लोगों को प्रकृति के करीब आने और वन्यजीवों को समझने का मौका भी देती हैं. अगर ये सुरक्षित क्षेत्र न हों, तो कई जानवर हमेशा के लिए खत्म हो सकते हैं.
भारत जैसे देश में नेशनल पार्क और वाइल्डलाइफ सेंचुरी दोनों ही बहुत जरूरी होती हैं. तेजी से कटते जंगल और बढ़ते प्रदूषण के बीच ये जगहें जानवरों के लिए सुरक्षित घर का काम करती हैं. साथ ही लोगों को प्रकृति के करीब आने और वन्यजीवों को समझने का मौका भी देती हैं. अगर ये सुरक्षित क्षेत्र न हों, तो कई जानवर हमेशा के लिए खत्म हो सकते हैं.

जनरल नॉलेज फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Sajjan Kumar Death: सज्जन कुमार से पहले कौन-कौन से नेता जेल में गंवा चुके जान? देखें पूरी लिस्ट
सज्जन कुमार से पहले कौन-कौन से नेता जेल में गंवा चुके जान? देखें पूरी लिस्ट
चीनी के प्रोडक्शन में भारत दूसरा, कौन-सा देश पहले नंबर पर?
चीनी के प्रोडक्शन में भारत दूसरा, कौन-सा देश पहले नंबर पर?
वंदे मातरम को लेकर अंग्रेज क्या सोचते थे, कब-कब लगाया प्रतिबंध?
वंदे मातरम को लेकर अंग्रेज क्या सोचते थे, कब-कब लगाया प्रतिबंध?
 XI JINPING Dinner Menu: शी जिनपिंग क्या खाएंगे-क्या नहीं, विदेश दौरे पर कैसे तय होता है मेन्यू?
शी जिनपिंग क्या खाएंगे-क्या नहीं, विदेश दौरे पर कैसे तय होता है मेन्यू?

वीडियोज

Janhit With Chitra Tripathi: Nripendra Mishra...Champat Rai के टारगेट पर क्यों आए? | Donation Scam
Chirag Paswan Exclusive: CM Samrat को लिखी चिट्ठी का क्या राज? EXCLUSIVE बातचीत में खुला राज!
Sandeep Chadhary: राष्ट्रगीत बहाना...मुस्लिम वोटबैंक पर निशाना? | Vande Mataram Row| BJP | Congress
Sugar Price Hike: चीनी के दाम बढ़े तो सरकार ने कसी लगाम, स्टॉक पर रोक | Breaking | New Price
Chitra Tripathi: 2 छंद Vs 6 छंद, राष्ट्रगीत पर जंग क्योंं? विश्लेषकों का विश्लेषण| Vande Mataram Row

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'डेमोग्राफिक बदलाव, Gen Z और....', RSS की बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
'डेमोग्राफिक बदलाव, Gen Z और....', RSS की बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
आशुतोष रांका पर हमले पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का बयान, 'CJP का चरित्र...'
आशुतोष रांका पर हमले पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का बयान, 'CJP का चरित्र...'
Irumudi X Review: रवि तेजा का दमदार कमबैक, 'इरुमुडी' देख क्रेजी हुए फैंस, बताया- 'ब्लॉकबस्टर'
रवि तेजा का दमदार कमबैक, 'इरुमुडी' देख क्रेजी हुए फैंस, बताया- 'ब्लॉकबस्टर'
वनडे इंटरनेशनल में कभी जीरो पर आउट ना होने वाले बल्लेबाज
वनडे इंटरनेशनल में कभी जीरो पर आउट ना होने वाले बल्लेबाज
तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी का अमेरिका दौरा रद्द, केंद्र पर लगाया ये आरोप
तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी का अमेरिका दौरा रद्द, केंद्र पर लगाया ये आरोप
सिंगापुर में भारतीय नागरिक दिवालिया, मजदूरों का बकाया नहीं देने का आरोप
सिंगापुर में भारतीय नागरिक दिवालिया, मजदूरों का बकाया नहीं देने का आरोप
राहुल गांधी के सामने साहिल लोचव की वकील ने पुलिस पर लगाए चौंकाने वाले आरोप
राहुल गांधी के सामने साहिल लोचव की वकील ने पुलिस पर लगाए चौंकाने वाले आरोप
दिल्ली में 9वीं की तीसरी भाषा का नियम वापस, R3 में फेल होने पर भी दे सकेंगे 10वीं बोर्ड
दिल्ली में 9वीं की तीसरी भाषा का नियम वापस, R3 में फेल होने पर भी दे सकेंगे 10वीं बोर्ड
Embed widget