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विदेशी तिजोरियों में आज भी कैद हैं भारत की ये निशानियां, कब होगी इनकी घर वापसी?
चोल ताम्रपत्रों की सफल वापसी के बाद विदेशों में बंद भारत के 10 बड़े खजानों जैसे कोहिनूर, मां वाग्देवी की प्रतिमा और टीपू के यांत्रिक बाघ को वापस लाने की मांग तेज हो गई है. आइए इनके बारे में जानें.
इतिहास के पन्नों को पलटें तो भारत की गुलामी का दौर सिर्फ राजनीतिक शोषण का नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान को लूटे जाने का भी गवाह रहा है. ब्रिटिश हुकूमत और अन्य विदेशी ताकतों ने भारत की सदियों पुरानी, बेशकीमती और अद्वितीय ऐतिहासिक धरोहरों को बेरहमी से लूटा और अपने साथ सात समंदर पार ले गए. हालांकि, बदलते वक्त के साथ आज भारत अपने गौरव को वापस लाने की कानूनी और कूटनीतिक जंग मजबूती से लड़ रहा है. नीदरलैंड द्वारा चोल राजवंश के 11वीं शताब्दी के ऐतिहासिक ताम्रपत्रों को लौटाए जाने के बाद अब दुनिया भर की तिजोरियों में कैद भारत की अन्य बहुमूल्य निशानियों की घर वापसी की मांग ने भारी जोर पकड़ लिया है.
Published at : 17 May 2026 06:34 PM (IST)
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सुधीर कुमारएडिटर, वाइल्ड लाइफ टुडे
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