भारत के पड़ोसी देशों में पेट्रोल सस्ता या महंगा, जानें कहां कितने का मिल रहा तेल?
वैश्विक संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारत के पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल रिकॉर्ड महंगे हुए हैं. म्यांमार, पाकिस्तान और श्रीलंका में भी कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. चलिए सभी के दाम जानें.

- आम आदमी पर बढ़ा खर्च का बोझ, अर्थव्यवस्था प्रभावित.
मिडिल ईस्ट के ताजा तनाव और ग्लोबल सप्लाई चेन के टूटने से आज पूरी दुनिया भयंकर महंगाई से जूझ रही है. कच्चे तेल के बढ़ते दामों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के रूप में दिख रहा है. भारत के साथ-साथ उसके तमाम पड़ोसी मुल्कों में भी ईंधन के दामों में रिकॉर्ड तोड़ उछाल आया है. सप्लाई संकट की वजह से म्यांमार, पाकिस्तान और नेपाल जैसे देशों में आम जनता पर खर्च का बोझ भारी हो गया है.
म्यांमार में भयंकर तेल संकट
भारत के इस पड़ोसी देश में ईंधन की कीमतों ने आसमान छू लिया है. वैश्विक तेल संकट और आंतरिक हालातों की वजह से म्यांमार में पेट्रोल और डीजल के दाम सबसे ज्यादा बढ़े हैं. आंकड़ों के मुताबिक, म्यांमार में पेट्रोल की कीमतों में 89.7 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वहीं अगर डीजल की बात करें, तो इसके दाम 112.7 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं. दुनिया भर में तेल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई चेन की दिक्कतों का सबसे बुरा असर इसी देश पर पड़ा है.
पाकिस्तान में ईंधन की रिकॉर्ड उछाल
कच्चे तेल की मार झेलने के मामले में पाकिस्तान दुनिया के तमाम प्रभावित देशों की सूची में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है. पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति और वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव की वजह से यहां आम जनता त्राहि-त्राहि कर रही है. आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों में 54.9 प्रतिशत का तगड़ा उछाल आया है. इसके साथ ही डीजल की कीमतों में भी राहत नहीं है और वह भी 44.9 प्रतिशत तक महंगा हो चुका है, जिसने महंगाई को चरम पर पहुंचा दिया है.
यह भी पढ़ें: Sweden Import Garbage: दूसरे देशों से कचरा क्यों इंपोर्ट करता है स्वीडन, इसका करता क्या है? आज यहीं PM Modi का दौरा
श्रीलंका में महंगाई की दोहरी मार
आर्थिक संकटों से उबरने की कोशिश कर रहे श्रीलंका में भी अंतरराष्ट्रीय बाजार की तेल कीमतों ने बड़ा झटका दिया है. तेल की वैश्विक सप्लाई प्रभावित होने के चलते श्रीलंका में ईंधन के रेट बेकाबू हो गए हैं. ताजा फैक्ट्स बताते हैं कि श्रीलंका में पेट्रोल की कीमतों में 38.2 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि देखी गई है. इसी तरह ट्रांसपोर्ट और उद्योगों की जान माने जाने वाले डीजल के दाम भी यहां 41.8 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं, जिससे रोजमर्रा की चीजें महंगी हो रही हैं.
नेपाल में डीजल ने तोड़े रिकॉर्ड
भारत के बेहद करीबी पड़ोसी देश नेपाल में भी ईंधन के दामों ने आम लोगों का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है. नेपाल में पेट्रोल और डीजल की कीमतें जिस रफ्तार से बढ़ी हैं, उसने पुरानी सभी बढ़ोतरी को पीछे छोड़ दिया है. नेपाल में पेट्रोल की कीमत में जहां 38.2 प्रतिशत का इजाफा हुआ है, वहीं डीजल के दामों में भयंकर तेजी आई है. नेपाल में डीजल के दाम 58.5 प्रतिशत तक महंगे हो चुके हैं, जिससे वहां माल ढुलाई काफी महंगी हो गई है.
चीन में भी महंगी हुई तेल की धार
दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल और भारत के सबसे बड़े पड़ोसी देश चीन पर भी इस ग्लोबल तेल संकट का गहरा असर पड़ा है. हालांकि चीन अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े इंतजाम रखता है, फिर भी वह वैश्विक कीमतों के असर से बच नहीं पाया है. आंकड़ों को देखें तो चीन में पेट्रोल की कीमतों में 21.7 प्रतिशत की तेजी आई है. इसके साथ ही चीन के बाजार में डीजल के दामों में भी 23.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
बांग्लादेश में कीमतों पर लगाम की कोशिश
भारत के पूर्वी पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों का असर साफ तौर पर दिखने लगा है. बाकी पड़ोसी देशों के मुकाबले बांग्लादेश ने कीमतों को थोड़ा नियंत्रित रखने की कोशिश की है, फिर भी वहां उछाल साफ है. बांग्लादेश में पेट्रोल के दाम 16.7 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं. वहीं अगर डीजल की बात की जाए, तो इसकी कीमतों में भी 15.0 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब खाली हो रही है.
यह भी पढ़ें: अगर चीन का हिस्सा था ताइवान तो कैसे हुआ था अलग, जानें क्या है विवाद की असल जड़


























