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क्या जेल की सजा में दिन और रात को अलग-अलग गिना जाता है?
कई लोगों को लगता है कि जेल में कैदी की सजा के दिन और रात को अलग-अलग गिना जाता है. मतलब हमारे जैसे एक साधारण व्यक्ति का दिन, एक कैदी के दो दिन के बराबर गिना जाएगा. क्या वाकई में ऐसा है?
जेल
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किसी भी देश को चलाने के लिए कानून व्यवस्था बेहद जरूरी होती है. न्यायपालिका पीड़ित को न्याय और अपराधी को दंड देने का काम करती है. ज्यादातर जब कोर्ट किसी को कोई लंबी सजा जैसे उम्र कैद (14 वर्ष, 20 वर्ष आदि) सुनाती है, तो तब लोग ऐसा मानते हैं कि जेल में एक दिन, कैदी के दो के बराबर गिना जाता है.
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इस हिसाब से अगर किसी को 14 वर्ष की सजा हुई है तो वो ऊपर के गणित के हिसाब से केवल सात साल ही सलाखों के भीतर रहेगा. ऐसी बातें ज्यादातर उम्रकैद वाले मामलों में सुनने को मिलती हैं.
Published at : 09 Mar 2023 05:44 PM (IST)
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मेघा प्रसादसीनियर एडिटर (पॉलिटिकल अफेयर्स)
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