एक्सप्लोरर

रास्ता भटकने के बाद अंतरिक्ष में कहां गायब हो जाते हैं सैटेलाइट, कहां है इनका कब्रिस्तान?

Satellite Graveyard: अंतरिक्ष में भटकने वाले सैटेलाइट सीधे धरती पर नहीं गिरते, बल्कि तय नियमों के तहत उन्हें खत्म किया जाता है. आइए जानें कि सैटेलाइट्स का कब्रिस्तान किसे कहा जाता है.

Satellite Graveyard: अंतरिक्ष में भटकने वाले सैटेलाइट सीधे धरती पर नहीं गिरते, बल्कि तय नियमों के तहत उन्हें खत्म किया जाता है. आइए जानें कि सैटेलाइट्स का कब्रिस्तान किसे कहा जाता है.

जब कोई सैटेलाइट अंतरिक्ष में रास्ता भटक जाता है, तो लोगों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि अब वह गया कहां? क्या वह सीधे धरती पर गिर सकता है या फिर हमेशा के लिए अंतरिक्ष में भटकता रहेगा? हाल ही में ISRO के PSLV-C62 मिशन में आई तकनीकी गड़बड़ी के बाद यही सवाल फिर चर्चा में है. लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज्यादा वैज्ञानिक और योजनाबद्ध है. अंतरिक्ष में भी एक ‘कब्रिस्तान’ होता है, जहां ऐसे सैटेलाइट्स को भेजा जाता है.

1/7
ISRO के PSLV-C62 मिशन में तीसरे चरण में तकनीकी दिक्कत आने के कारण रॉकेट तय कक्षा में सैटेलाइट्स को स्थापित नहीं कर सका. ऐसे मामलों में यह जरूरी नहीं कि सैटेलाइट सीधे धरती पर गिर जाए.
ISRO के PSLV-C62 मिशन में तीसरे चरण में तकनीकी दिक्कत आने के कारण रॉकेट तय कक्षा में सैटेलाइट्स को स्थापित नहीं कर सका. ऐसे मामलों में यह जरूरी नहीं कि सैटेलाइट सीधे धरती पर गिर जाए.
2/7
अंतरिक्ष एजेंसियां पहले यह जांचती हैं कि सैटेलाइट किस स्थिति में है और वह किस ऑर्बिट में पहुंचा है. जापानी स्पेस एजेंसी JAXA समेत सभी अंतरिक्ष एजेंसियां मानती हैं कि हर सैटेलाइट की एक तय डिजाइन लाइफ होती है.
अंतरिक्ष एजेंसियां पहले यह जांचती हैं कि सैटेलाइट किस स्थिति में है और वह किस ऑर्बिट में पहुंचा है. जापानी स्पेस एजेंसी JAXA समेत सभी अंतरिक्ष एजेंसियां मानती हैं कि हर सैटेलाइट की एक तय डिजाइन लाइफ होती है.
3/7
यानी उसे कितने साल काम करना है, यह पहले से तय किया जाता है. कुछ सैटेलाइट तय समय से ज्यादा भी चलते हैं, लेकिन अंत में उन्हें सुरक्षित तरीके से हटाना जरूरी होता है.
यानी उसे कितने साल काम करना है, यह पहले से तय किया जाता है. कुछ सैटेलाइट तय समय से ज्यादा भी चलते हैं, लेकिन अंत में उन्हें सुरक्षित तरीके से हटाना जरूरी होता है.
4/7
अगर कोई सैटेलाइट सही कक्षा में पहुंच तो जाए, लेकिन बाद में कंट्रोल से बाहर हो जाए, तो वह स्पेस डेब्री यानी अंतरिक्ष का कचरा बन जाता है. ऐसे सैटेलाइट्स बिना दिशा के घूमते रहते हैं और दूसरे सक्रिय सैटेलाइट्स के लिए खतरा बन सकते हैं. इसलिए इन्हें लगातार ट्रैक किया जाता है ताकि टकराव से बचा जा सके.
अगर कोई सैटेलाइट सही कक्षा में पहुंच तो जाए, लेकिन बाद में कंट्रोल से बाहर हो जाए, तो वह स्पेस डेब्री यानी अंतरिक्ष का कचरा बन जाता है. ऐसे सैटेलाइट्स बिना दिशा के घूमते रहते हैं और दूसरे सक्रिय सैटेलाइट्स के लिए खतरा बन सकते हैं. इसलिए इन्हें लगातार ट्रैक किया जाता है ताकि टकराव से बचा जा सके.
5/7
जब किसी सैटेलाइट का ईंधन खत्म हो जाता है, तो वह धीरे-धीरे अपनी ऊंचाई खोने लगता है. कई बार वह धरती के वायुमंडल में घुसते ही जलकर पूरी तरह खत्म हो जाता है. अगर उसके कुछ हिस्से बचने की संभावना होती है, तो उसे नियंत्रित तरीके से गिराया जाता है.
जब किसी सैटेलाइट का ईंधन खत्म हो जाता है, तो वह धीरे-धीरे अपनी ऊंचाई खोने लगता है. कई बार वह धरती के वायुमंडल में घुसते ही जलकर पूरी तरह खत्म हो जाता है. अगर उसके कुछ हिस्से बचने की संभावना होती है, तो उसे नियंत्रित तरीके से गिराया जाता है.
6/7
स्पेस जंक को कम करने के लिए संयुक्त राष्ट्र की संस्था UN COPUOS ने गाइडलाइंस बनाई हैं. इनके मुताबिक, किसी भी सैटेलाइट को मिशन खत्म होने के 25 साल के भीतर डी-ऑर्बिट करना जरूरी है. यानी उसे सुरक्षित तरीके से पृथ्वी के वायुमंडल में लाकर खत्म करना या तय जगह पर गिराना होता है.
स्पेस जंक को कम करने के लिए संयुक्त राष्ट्र की संस्था UN COPUOS ने गाइडलाइंस बनाई हैं. इनके मुताबिक, किसी भी सैटेलाइट को मिशन खत्म होने के 25 साल के भीतर डी-ऑर्बिट करना जरूरी है. यानी उसे सुरक्षित तरीके से पृथ्वी के वायुमंडल में लाकर खत्म करना या तय जगह पर गिराना होता है.
7/7
खराब या डेड सैटेलाइट्स को आमतौर पर पॉइंट नेमो नाम की जगह पर गिराया जाता है. यह दक्षिणी प्रशांत महासागर का सबसे दूरस्थ इलाका है, जहां इंसानी आबादी नहीं के बराबर है. समुद्र बेहद गहरा है और जहाजों की आवाजाही भी बहुत कम होती है. इसी वजह से इसे अंतरिक्ष का कब्रिस्तान कहा जाता है.
खराब या डेड सैटेलाइट्स को आमतौर पर पॉइंट नेमो नाम की जगह पर गिराया जाता है. यह दक्षिणी प्रशांत महासागर का सबसे दूरस्थ इलाका है, जहां इंसानी आबादी नहीं के बराबर है. समुद्र बेहद गहरा है और जहाजों की आवाजाही भी बहुत कम होती है. इसी वजह से इसे अंतरिक्ष का कब्रिस्तान कहा जाता है.

जनरल नॉलेज फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

ये है पाकिस्तान का ताजमहल, हिंदू राजा ने अपनी मोहब्बत के लिए कराया था निर्माण
ये है पाकिस्तान का ताजमहल, हिंदू राजा ने अपनी मोहब्बत के लिए कराया था निर्माण
Election Laws: क्या चुनावी नतीजों के खिलाफ की जा सकती है अपील, किन देशों में है यह कानून?
क्या चुनावी नतीजों के खिलाफ की जा सकती है अपील, किन देशों में है यह कानून?
DNPA ACT: क्या है नया डेटा प्रोटेक्शन कानून, इससे कौन-से नियम होंगे लागू?
क्या है नया डेटा प्रोटेक्शन कानून, इससे कौन-से नियम होंगे लागू?
Dubai luxury Property: दुबई में कैसे खरीद सकते हैं घर, कितने रुपये करने पड़ते हैं इनवेस्ट?
दुबई में कैसे खरीद सकते हैं घर, कितने रुपये करने पड़ते हैं इनवेस्ट?

वीडियोज

Sansani: बैंक का 'गोलमाल'... ग्राहक 'कंगाल' !
Ballot Paper पर जीरो, अब क्या करेगी Congress?
Form-6 पर Supreme Court में क्या बहस हुई? सटीक विश्लेषण
MLC का नतीजा UP में 2027 का करेगा फैसला? सटीक विश्लेषण
YRKKH:🫨Badi Dadi ने मेहमानों के सामने Abhira को दिए ताने, बवाल के बीच Maira-Kabir का हुआ सामना  #sbs

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
‘मैं आपको सिखाऊंगा लड़ते कैसे हैं’, कैप्टन माछर से क्या बोले UAE के राष्ट्रपति
‘मैं आपको सिखाऊंगा लड़ते कैसे हैं’, कैप्टन माछर से क्या बोले UAE के राष्ट्रपति
UP MLC Election Results 2026 Live: वाराणसी के BJP उम्मीदवार केदारनाथ सिंह ने स्वीकारी हार, सपा सांसद ने की 2027 की भविष्यवाणी
Live: वाराणसी के BJP MLC उम्मीदवार ने स्वीकारी हार, सपा सांसद ने की 2027 की भविष्यवाणी
राजेश खन्ना की संपत्ति मांग रही अनीता आडवाणी को SC से झटका, रिश्ते को बताया था 'शादी जैसा'
राजेश खन्ना की संपत्ति मांग रही अनीता आडवाणी को SC से झटका, रिश्ते को बताया था 'शादी जैसा'
दिवाली 2026 पर बॉक्स ऑफिस पर होगा बड़ा क्लैश, सूर्या-नयनतारा की फिल्मों से भिड़ेगी रणबीर कपूर की 'रामायण'
दिवाली 2026 पर बॉक्स ऑफिस पर महाटक्कर, सूर्या-नयनतारा की फिल्मों से भिड़ेगी 'रामायण'
'कॉन्सर्ट मत लेकर जाना', जाह्नवी कपूर ने वीर पहाड़िया को दी डेटिंग एडवाइज, तारा संग ब्रेकअप का दिया हिंट
'कॉन्सर्ट मत लेकर जाना', जाह्नवी कपूर ने वीर पहाड़िया को दी डेटिंग एडवाइज, तारा संग ब्रेकअप का दिया हिंट
अर्नब के कमजोर होने के बाद आ रही नई आफत, दक्षिण अंडमान से उठ रहा नया तूफान
अर्नब के कमजोर होने के बाद आ रही नई आफत, दक्षिण अंडमान से उठ रहा नया तूफान
दिल्ली की रेस कोर्स मस्जिद में नहीं पढ़ी जा सकेगी नमाज, HC ने नहीं दी इजाजत
दिल्ली की रेस कोर्स मस्जिद में नहीं पढ़ी जा सकेगी नमाज, HC ने नहीं दी इजाजत
Amla Storage Tips: आंवला कैसे स्टोर करें कि महीनों चले? आजमाएं दादी-नानी के नुस्खे
आंवला कैसे स्टोर करें कि महीनों चले? आजमाएं दादी-नानी के नुस्खे
Embed widget