हिंदी न्यूज़फोटो गैलरीबॉलीवुडHappy Birthday Ayushmann Khurrana: फिल्म Dream Girl की 'पूजा' से लेकर गंजे बाला तक, आयुष्मान खुराना ने की है लीक से हटकर फिल्में
Happy Birthday Ayushmann Khurrana: फिल्म Dream Girl की 'पूजा' से लेकर गंजे बाला तक, आयुष्मान खुराना ने की है लीक से हटकर फिल्में
बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना लीक से हटकर फिल्मों के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने कई ऐसे सब्जेक्ट पर बनी फिल्मों में काम किया है जिन्हें करने से ज्यादातर अभिनेता कतरा सकते हैं. लेकिन अपने शानदार अभिनय से उन्होंने हर फिल्म के साथ अपना नाम कमाया है. फिल्म 'विक्की डोनर' हो या फिर ड्रीम गर्ल की पूजा, शुभमंगल ज्यादा सावधान में समलैंगिग या बाला में गंजे होकर आयुष्मान ने साफ कर दिया कि वो कोई भी चैलेंज लेने से पीछे नहीं हटते.
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आयुष्मान खुराना ने साल 2012 में अपने फिल्मी डेब्यू ही एक ऐसी फिल्म से किया था जिसमें काम करने से कोई भी हीरो कतरा सकता था. फिल्म विकी डोनर में वो स्पर्म डोनर बने. ये फिल्म काफी हिट रही और लोगों ने उनके अभिनय को पहचाना.
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शभु मंगल सावधान में आयुष्मान खुराना एक ऐसे शख्स की भूमिका में थे जिन्हें जेंट्स प्रोब्लम होती हैं. इस फिल्म में उनके साथ अभिनेत्री भूमि पेडनेकर लीड रोल में थी.
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फिल्म डायरेक्टर श्री राम राघवन की फिल्म अंधाधुन उनकी शानदार फिल्मों में से एक हैं. इस फिल्म में वो एक प्यानो प्लेयर बने हैं जो नेत्रहीन होने का नाटक करता हैं. इस फिल्म के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी मिल चुका है.
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आयुष्मान खुराना की फिल्म ड्रीम गर्ल में वो फोन पर लड़कियों की आवाज निकालकर मर्दों को रिझाने की कोशिश करते हैं. वो पूजा नाम की लड़की बनकर लड़कों से बातें करते हैं. इस फिल्म में उनके साथ नुसरत भरुचा दिखाई दी थीं.
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साल 2019 में आई अमर कौशिक की फिल्म Bala में आयुष्मान एक बार फिर नए किरदार में दिखाई दिए. इस फिल्म में वो गंजे बने थे, इस फिल्म में पुरुषों में गंजेपन और लड़कियों के काले रंग को समाज की संकीर्ण सोच पर निशाना साधा गया.
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साल 2019 में आई फिल्म 'आर्टिकल15' में आयुष्मान खुराना ने एक पुलिस अफसर का रोल किया था जो समाज में व्याप्त कास्ट सिस्टम और जाति के नाम पर होने वाले भेदभाव के खिलाफ लड़ता है.
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साल 2020 में आयुष्मान खुराना की फिल्म शुभ मंगल ज्यादा सावधान में उन्होंने समलैंगिक युवक का किरदार निभाया. इस फिल्म में उन्होंने ये समझाने की कोशिश की कि समलैंगिक होना एक प्राकृतिक समस्या हैं. समाज को इसे लेकर अपनी सोच में परिवर्तन करना चाहिए.