एक्सप्लोरर
कितने पढ़े-लिखे हैं प्रेमानंद महाराज को चुनौती देने वाले रामभद्राचार्य, जानें उन्हें कितनी भाषाओं का ज्ञान?
रामभद्राचार्य ने कठिन आर्थिक हालात में भी संस्कृत व्याकरण में पीएचडी और डीलिट की उपाधि हासिल की. उन्होंने उच्च पदों को ठुकराकर अपना जीवन धर्म, समाज और दिव्यांग जनों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया.
रामभद्राचार्य का नाम हाल ही में खूब चर्चा में है. वजह है उनका प्रेमानंद महाराज को दी गई चुनौती. धार्मिक मंचों पर अक्सर संतों और आचार्यों के विचारों को लेकर बहस होती रहती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर रामभद्राचार्य कौन हैं, उनकी पढ़ाई-लिखाई कैसी है और उन्हें कितनी भाषाओं का ज्ञान है.
Published at : 27 Aug 2025 07:01 AM (IST)

अनूप मिश्राReporter
Opinion





























