एक्सप्लोरर

अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी पाना भारतीय स्टूडेंट्स के लिए चुनौती क्यों? यह है वजह

अमेरिका में बैचलर डिग्री होल्डर्स के लिए जॉब मार्केट चुनौतीपूर्ण हो गया है, हर चार में से एक ग्रेजुएट बेरोजगार है. भारतीय छात्रों के लिए जरूरी है कि वे सिर्फ डिग्री तक सीमित न रहें.

अमेरिका में बैचलर डिग्री होल्डर्स के लिए जॉब मार्केट चुनौतीपूर्ण हो गया है, हर चार में से एक ग्रेजुएट बेरोजगार है. भारतीय छात्रों के लिए जरूरी है कि वे सिर्फ डिग्री तक सीमित न रहें.

अमेरिका में पढ़ाई का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए अब सावधान रहने का वक्त आ गया है. हर साल हजारों भारतीय छात्र 12वीं के बाद या ग्रेजुएशन (UG) करने के लिए अमेरिका जाते हैं, और उनके लिए लक्ष्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं बल्कि पढ़ाई के तुरंत बाद नौकरी पाना भी होता है. छात्रों और उनके परिवारों के लिए यह निवेश लाखों रुपये का होता है, इसलिए वे उम्मीद करते हैं कि पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें रोजगार का अवसर मिलेगा.

1/5
लेकिन हाल के आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका में बैचलर्स डिग्री होल्डर्स के लिए जॉब मार्केट अब पहले जैसी नहीं रही. मजबूत जॉब मार्केट की कमी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के कारण डिग्री होने के बावजूद स्टूडेंट्स नौकरी पाने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं. छात्रों के पास डिग्री तो है, लेकिन उन्हें नौकरी देने वाली कंपनियों की संख्या कम होती जा रही है. इसका असर छात्रों पर वित्तीय और मानसिक दोनों तरह से पड़ रहा है.
लेकिन हाल के आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका में बैचलर्स डिग्री होल्डर्स के लिए जॉब मार्केट अब पहले जैसी नहीं रही. मजबूत जॉब मार्केट की कमी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के कारण डिग्री होने के बावजूद स्टूडेंट्स नौकरी पाने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं. छात्रों के पास डिग्री तो है, लेकिन उन्हें नौकरी देने वाली कंपनियों की संख्या कम होती जा रही है. इसका असर छात्रों पर वित्तीय और मानसिक दोनों तरह से पड़ रहा है.
2/5
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, चार वर्षीय कॉलेज डिग्री रखने वाले अमेरिकियों में 25 प्रतिशत लोग बेरोजगार हैं. यानी हर चार में से एक व्यक्ति के पास ग्रेजुएशन की डिग्री होने के बावजूद नौकरी नहीं है.
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, चार वर्षीय कॉलेज डिग्री रखने वाले अमेरिकियों में 25 प्रतिशत लोग बेरोजगार हैं. यानी हर चार में से एक व्यक्ति के पास ग्रेजुएशन की डिग्री होने के बावजूद नौकरी नहीं है.
3/5
केवल 25 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाले लगभग 19 लाख अमेरिकी, जिनके पास ग्रेजुएशन की डिग्री थी, सितंबर 2025 में बेरोजगार थे. यह आंकड़ा 1992 के बाद से अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है.
केवल 25 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाले लगभग 19 लाख अमेरिकी, जिनके पास ग्रेजुएशन की डिग्री थी, सितंबर 2025 में बेरोजगार थे. यह आंकड़ा 1992 के बाद से अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है.
4/5
यूएस ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स (BLS) के अनुसार, बैचलर डिग्री होल्डर्स की बेरोजगारी दर सितंबर 2025 में बढ़कर 2.8 प्रतिशत हो गई है, जो पिछले साल की तुलना में आधा प्रतिशत अधिक है. हालांकि, ज्यादा उम्र वाले वर्कर्स में बेरोजगारी का स्तर उतना अधिक नहीं है, इसका मतलब है कि मुख्य रूप से युवा ग्रेजुएट्स ही इस बदलाव से प्रभावित हो रहे हैं.
यूएस ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स (BLS) के अनुसार, बैचलर डिग्री होल्डर्स की बेरोजगारी दर सितंबर 2025 में बढ़कर 2.8 प्रतिशत हो गई है, जो पिछले साल की तुलना में आधा प्रतिशत अधिक है. हालांकि, ज्यादा उम्र वाले वर्कर्स में बेरोजगारी का स्तर उतना अधिक नहीं है, इसका मतलब है कि मुख्य रूप से युवा ग्रेजुएट्स ही इस बदलाव से प्रभावित हो रहे हैं.
5/5
20 से 24 वर्ष की उम्र वाले अमेरिकी युवाओं में बेरोजगारी दर सितंबर में 9.2 प्रतिशत थी, जो पिछले साल की तुलना में 2.2 प्रतिशत अंक अधिक है. यह वृद्धि न केवल ऐतिहासिक रूप से बड़ी है बल्कि मंदी के समय के बाद भी इतनी तेज नहीं देखी गई थी. इसका सीधा असर उन छात्रों पर पड़ता है जो अभी-अभी कॉलेज से स्नातक होकर जॉब ढूंढ रहे हैं.
20 से 24 वर्ष की उम्र वाले अमेरिकी युवाओं में बेरोजगारी दर सितंबर में 9.2 प्रतिशत थी, जो पिछले साल की तुलना में 2.2 प्रतिशत अंक अधिक है. यह वृद्धि न केवल ऐतिहासिक रूप से बड़ी है बल्कि मंदी के समय के बाद भी इतनी तेज नहीं देखी गई थी. इसका सीधा असर उन छात्रों पर पड़ता है जो अभी-अभी कॉलेज से स्नातक होकर जॉब ढूंढ रहे हैं.

नौकरी फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

ग्लोबल यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारत की मौजूदगी, QS में शामिल  हुए 52 संस्थान
ग्लोबल यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारत की मौजूदगी, QS में शामिल  हुए 52 संस्थान
10th Pass Government Jobs: 10वीं पास करने के बाद किन सरकारी नौकरियों का खुल जाता है दरवाजा?
10वीं पास करने के बाद किन सरकारी नौकरियों का खुल जाता है दरवाजा?
राजस्थान में 600 चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती को मंजूरी, जल्द जारी होगा विज्ञापन 
राजस्थान में 600 चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती को मंजूरी, जल्द जारी होगा विज्ञापन 
कौन है दीप्ति गौड़ मुखर्जी, जो बनीं उच्च शिक्षा विभाग की नई सचिव?
कौन है दीप्ति गौड़ मुखर्जी, जो बनीं उच्च शिक्षा विभाग की नई सचिव?

वीडियोज

Sansani: एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की खतरनाक मिस्ट्री !
The Traitors 2 का नया Sneak Peek Out, Rhea Chakraborty से Mallika Sherawat तक दिखा बड़ा Drama
Lock Upp 2 की Success Party में Shreya Kalra का जलवा, Farhana Bhatt समेत सितारों ने बिखेरा Glamour
Salman Khan की Seven Dogs 21 August को India में रिलीज, Sanjay Dutt का होगा खास Cameo
Amruta Khanvilkar ने Divorce Rumours पर जताई नाराजगी, Legal Action की दी चेतावनी

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
मूसलाधार बारिश, फ्लैश फ्लड की आशंका, 45 जगहों पर अलर्ट…, मैदान से पहाड़ तक आसमानी आफत
मूसलाधार बारिश, फ्लैश फ्लड की आशंका, 45 जगहों पर अलर्ट…, मैदान से पहाड़ तक आसमानी आफत
बिहार: 'UP के शिक्षकों के साथ…', ट्रांसफर-पोस्टिंग पर बड़ी खबर
बिहार: 'UP के शिक्षकों के साथ…', ट्रांसफर-पोस्टिंग पर बड़ी खबर
पुर्तगाल क्रिकेट टीम का हुआ एलान, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बना कप्तान
पुर्तगाल क्रिकेट टीम का हुआ एलान, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बना कप्तान
गोवा में पेंट हाउस, मुंबई में करोड़ों का बंगला, 100 करोड़ से ज्यादा का है इमरान हाशमी का साम्राज्य, नेटवर्थ जान उड़ जाएंगे होश
100 करोड़ से ज्यादा का है इमरान हाशमी का साम्राज्य, नेटवर्थ जान उड़ जाएंगे होश
JPC भेजा जाएगा FCRA बिल, विरोध के बीच सरकार का बड़ा कदम
JPC भेजा जाएगा FCRA बिल, विरोध के बीच सरकार का बड़ा कदम
शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर आया भारत का रिएक्शन, कहा- 'हम अपनी...'
शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर आया भारत का रिएक्शन, कहा- 'हम अपनी...'
हमले को लेकर ममता बनर्जी का आया पहला रिएक्शन, कहा - 'मेरे सीने में...'
हमले को लेकर ममता बनर्जी का आया पहला रिएक्शन, कहा - 'मेरे सीने में...'
क्या है मून बेस प्रोग्राम, जिसके लिए NASA ने ISRO को किया इनवाइट?
क्या है मून बेस प्रोग्राम, जिसके लिए NASA ने ISRO को किया इनवाइट?
Embed widget