एक्सप्लोरर

Kanwar Yatra: सावन के अलावा और कब कर सकते हैं कांवड़ यात्रा?

Kanwar Yatra: कावड़ यात्रा के लिए सावन को सबसे अच्छा और पावन समय माना जाता है. लेकिन अलावा भी कुछ ऐसे शुभ अवसर होते हैं, जिसमें शिवभक्त कांवड़ यात्रा कर शिवालयों में जल चढ़ाने के लिए जाते हैं.

Kanwar Yatra: कावड़ यात्रा के लिए सावन को सबसे अच्छा और पावन समय माना जाता है. लेकिन अलावा भी कुछ ऐसे शुभ अवसर होते हैं, जिसमें शिवभक्त कांवड़ यात्रा कर शिवालयों में जल चढ़ाने के लिए जाते हैं.

सावन कांवड़ यात्रा 2026

1/6
कांवड़ यात्रा की शुरुआत भगवान राम से मानी जाती है. इसी परंपरा का पालन करते हुए आज भी कांवड़िये कांवड़ में गंगाजल उठाकर शिवलिंग का अभिषेक करते हैं. मनोकामना पूर्ति, परिवार की सुख-समृद्धि और धन्यवाद स्वरूप भक्त कांवड़ यात्रा करते हैं.
कांवड़ यात्रा की शुरुआत भगवान राम से मानी जाती है. इसी परंपरा का पालन करते हुए आज भी कांवड़िये कांवड़ में गंगाजल उठाकर शिवलिंग का अभिषेक करते हैं. मनोकामना पूर्ति, परिवार की सुख-समृद्धि और धन्यवाद स्वरूप भक्त कांवड़ यात्रा करते हैं.
2/6
शिव भक्तों के लिए कांवड़ यात्रा आस्था, तप और समर्पण का प्रतीक है. श्रद्धालु पवित्र नदियों से गंगाजल लाकर शिवलिंग का अभिषेक करते हैं और शिवकृपा प्राप्त करते है लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि कांवड़ यात्रा सिर्फ सावन तक सीमित नहीं है.
शिव भक्तों के लिए कांवड़ यात्रा आस्था, तप और समर्पण का प्रतीक है. श्रद्धालु पवित्र नदियों से गंगाजल लाकर शिवलिंग का अभिषेक करते हैं और शिवकृपा प्राप्त करते है लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि कांवड़ यात्रा सिर्फ सावन तक सीमित नहीं है.
3/6
अधिकांश लोग कांवड़ यात्रा के लिए सावन महीने को सबसे शुभ मानते हैं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव का जलाभिषेक और कांवड़ यात्रा वर्ष के कुछ अन्य शुभ अवसरों पर भी की जा सकती है. आइए जानते हैं सावन के अलावा और कब सकते हैं कांवड़ यात्रा.
अधिकांश लोग कांवड़ यात्रा के लिए सावन महीने को सबसे शुभ मानते हैं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव का जलाभिषेक और कांवड़ यात्रा वर्ष के कुछ अन्य शुभ अवसरों पर भी की जा सकती है. आइए जानते हैं सावन के अलावा और कब सकते हैं कांवड़ यात्रा.
4/6
महाशिवरात्रि- सावन के अलावा महाशिवरात्रि का समय भी भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है. इस समय भी शिवभक्त पवित्र नदियों का जल लाकर शिवलिंग पर अर्पित करते हैं. कुछ क्षेत्रों में महाशिवरात्रि के अवसर पर भी कांवड़ यात्रा की परंपरा देखने को मिलती है.
महाशिवरात्रि- सावन के अलावा महाशिवरात्रि का समय भी भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है. इस समय भी शिवभक्त पवित्र नदियों का जल लाकर शिवलिंग पर अर्पित करते हैं. कुछ क्षेत्रों में महाशिवरात्रि के अवसर पर भी कांवड़ यात्रा की परंपरा देखने को मिलती है.
5/6
प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि- भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि के समय पर भी भक्त पवित्र जल से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं. कई स्थानों पर श्रद्धालु संकल्प लेकर छोटी दूरी की कांवड़ यात्रा भी करते हैं.
प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि- भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि के समय पर भी भक्त पवित्र जल से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं. कई स्थानों पर श्रद्धालु संकल्प लेकर छोटी दूरी की कांवड़ यात्रा भी करते हैं.
6/6
कार्तिक मास- कुछ स्थानीय परंपराओं में कार्तिक मास के दौरान भी शिव मंदिरों में जल चढ़ाने की परंपरा है. हालांकि यह सावन जितनी व्यापक नहीं होती, लेकिन स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका काफी महत्व है.
कार्तिक मास- कुछ स्थानीय परंपराओं में कार्तिक मास के दौरान भी शिव मंदिरों में जल चढ़ाने की परंपरा है. हालांकि यह सावन जितनी व्यापक नहीं होती, लेकिन स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका काफी महत्व है.

ऐस्ट्रो फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

टैरो राशिफल 23 अक्टूबर 2026: सिंह को अचानक लाभ व कन्या को बाहरी स्रोतों से फायदा; जानें 12 राशियों का भाग्य
टैरो राशिफल 23 अक्टूबर 2026: सिंह को अचानक लाभ व कन्या को बाहरी स्रोतों से फायदा; जानें 12 राशियों का भाग्य
Weekly Horoscope: मेष की साझेदारी, मकर के काम की समीक्षा… 25 से 31 अक्टूबर आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा?
साप्ताहिक राशिफल 25 से 31 अक्टूबर 2026: वक्री बुध के बीच कैसा रहेगा सप्ताह, आखिरी दिन गुरु बदलेगा राशि
Dev Uthan Ekadashi 2026: 4 महीने बाद योग निद्रा से जागेंगे भगवान विष्णु, तुलसी विवाह पर जरूर करें ये 1 काम; खुलेंगे भाग्य के द्वार
Dev Uthan Ekadashi 2026: 4 महीने बाद योग निद्रा से जागेंगे भगवान विष्णु, तुलसी विवाह पर जरूर करें ये 1 काम; खुलेंगे भाग्य के द्वार
1 नवंबर की रैली तो शुरुआत है, 16 नवंबर की ग्रह चाल से तय होगा 2029 का असली सियासी मूड
नवंबर 2026 में भारत की राजनीति कैसी रहेगी, क्या मोदी सरकार की बढ़ेगी टेंशन?

वीडियोज

Sansani: दिलकश डांसर का दुश्मन दारोगा !
Regime Change की साजिश, International खुलासा!
आजम परिवार से अखिलेश यादव क्या हुई बात ?
वोट का गड़बड़झाला और विदेशी टूलकिट! विश्लेषकों का सटीक विश्लेषण
रेहान वाड्रा के साथ क्या हुआ?

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
रेहान वाड्रा एग्जीबिशन: बीकानेर हाउस ने जारी किया बयान, 'हमारी नीतियों के खिलाफ थी कुछ तस्वीरें'
रेहान वाड्रा एग्जीबिशन: बीकानेर हाउस ने जारी किया बयान, 'हमारी नीतियों के खिलाफ थी कुछ तस्वीरें'
अखिलेश यादव और आजम खान की जेल में मुलाकात पर BJP बोली- 'ये लोग…'
अखिलेश यादव और आजम खान की जेल में मुलाकात पर BJP बोली- 'ये लोग…'
ODI के 5 सबसे बड़े रन चेज़, श्रीलंका ने इंग्लैंड के खिलाफ 430 रनों के लक्ष्य का किया पीछा
ODI के 5 सबसे बड़े रन चेज़, श्रीलंका ने इंग्लैंड के खिलाफ 430 रनों के लक्ष्य का किया पीछा
Thursday Box office Collection: 'जेलर 2' हुई 334 करोड़ के पार, जानें- 'प्रहार'- 'नई नवेली' का थर्सडे कलेक्शन
'जेलर 2' हुई 334 करोड़ के पार, जानें- 'प्रहार'- 'नई नवेली' का थर्सडे कलेक्शन
अन्नामलाई का बड़ा बयान, कहा-'मुझे कोई राष्ट्रवाद का पाठ न पढ़ाए मैं...'
अन्नामलाई का बड़ा बयान, कहा-'मुझे कोई राष्ट्रवाद का पाठ न पढ़ाए मैं...'
'कांग्रेस के मुश्किल समय में...' सोनिया गांधी की किताब को लेकर आनंद शर्मा का बयान
'कांग्रेस के मुश्किल समय में...' सोनिया गांधी की किताब को लेकर आनंद शर्मा का बयान
'भारत को निशाना बनाना मकसद नहीं', H-1B वीजा नियमों पर बोले मार्को रुबियो
'भारत को निशाना बनाना मकसद नहीं', H-1B वीजा नियमों पर बोले मार्को रुबियो
4 नवंबर को होने वाली बिहार STET परीक्षा टली, अब 21 नवंबर को होगा एग्जाम 
4 नवंबर को होने वाली बिहार STET परीक्षा टली, अब 21 नवंबर को होगा एग्जाम 
Embed widget