एक्सप्लोरर

Explained: NDA का 'मिशन 360' क्या? 41 सांसद जुटा लो या फिर विपक्षी सांसद रहें गायब, किस तिकड़म में उलझी बीजेपी?

NDA 360 Mission: यह मिशन संसद में ऐसी ताकत जुटाने की प्लानिंग है, जिससे सरकार संविधान बदल सकेगी. DMK, NCP और सपा जैसे दलों में सेंध की कवायद तेज हो गई. कुछ महीनों में जोड़-तोड़ की राजनीति के आसार हैं.

'मिशन 360' का सीधा मतलब है लोकसभा में 360 या उससे ज्यादा सीटें हासिल करना, लेकिन इसके पीछे असली जादुई नंबर है 362. दरअसल, 543 सदस्यों वाली लोकसभा में संविधान संशोधन पासल कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत चाहिए होता है, जो 362 सीटों का आंकड़ा बनता है. नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) अभी इस आंकड़े से बहुत दूर है, लेकिन उसने इसे पूरा करने की बकायदा रणनीति बना ली है. 2024 के लोकसभा चुनाव में NDA ने 293 सीटें जीती थीं. इनके अलावा कुछ निर्दलीय और बहुत छोटे दलों ने भी सरकार को समर्थन देने की बात कही, जिससे सरकार के पक्ष में कुल संख्या लगभग 321 तक पहुंच गई. अब 362 तक जाने के लिए 41 और सांसदों की जरूरत है. अब ये 41 सांसद कहां से आएंगे? इसी का जवाब है 'सेंध' की रणनीति...

बीजेपी ने किन पार्टियों में सेंध लगाने की तैयारी?

NDA की नजर तीन बड़े विपक्षी दलों पर है जिनके सांसदों की संख्या इस गणित को पूरा कर सकती है. ये तीन दल हैं समाजवादी पार्टी (सपा), DMKऔर NCP (शरद पवार गुट). इन तीनों की मौजूदा लोकसभा सीटें देखिए:

  • सपा: 37 सांसद
  • DMK: 22 सांसद
  • NCP (शरद पवार): 8 सांसद
  • यानी कुल 67 सांसद.  

अगर इन तीनों दलों में से सिर्फ 41 सांसद भी टूटकर NDA के साथ आ जाएं तो सरकार का आंकड़ा 321 से सीधे 362 पहुंच जाएगा और दो-तिहाई बहुमत पक्का हो जाएगा. इसीलिए इन पार्टियों पर ख़ास फ़ोकस है.

पार्टी-दर-पार्टी समझिए कैसे होगी सेंध?

1. समाजवादी पार्टी (37 सीटें)- सबसे बड़ा निशाना

यूपी में सपा ने 37 सीटें जीतकर जबरदस्त प्रदर्शन किया था, लेकिन पार्टी के अंदर ही कई तरह की खींचतान चल रही है. कुछ सपा सांसदों पर केंद्रीय एजेंसियों की जांच भी चल रही है. सूत्रों की मानें तो NDA की रणनीति है कि सपा के एक बड़े गुट को तोड़कर साथ लाया जाए. अगर सपा के 25-30 सांसद भी अलग हो गए तो खेल लगभग बन जाएगा.

2. DMK (22 सीटें)- दक्षिण में सेंध

तमिलनाडु में DMK की मजबूत पकड़ है और उसके 22 सांसद हैं. वहां सीधे तोड़ना आसान नहीं है, लेकिन रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ DMK सांसद पार्टी नेतृत्व से नाराज बताए जाते हैं. साथ ही केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का दबाव भी उन पर हो सकता है. NDA को उम्मीद है कि कुछ सांसद या तो सीधे बीजेपी में आएंगे या कम से कम संविधान संशोधन के वक्त समर्थन देंगे.

3. NCP-शरद पवार (8 सीटें)- महाराष्ट्र का खेल

महाराष्ट्र में अजित पवार वाली NCP पहले से NDA में शामिल है. अब शरद पवार की बची हुई NCP के 8 सांसदों पर दबाव बनाया जा रहा है. हाल के विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद ये सांसद भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. NDA को लगता है कि इन 8 में से कम से कम 4-5 सांसद पाला बदल सकते हैं.

इसके अलावा, पूर्वोत्तर से भी NDA अपना दायरा बढ़ा रहा है. मिजोरम की सत्तारूढ़ पार्टी ZPM NDA को मुद्दा-आधारित समर्थन देने को तैयार है. पूर्वोत्तर की 25 लोकसभा सीटों पर NDA के पास पहले से 16 सीटें हैं. अगर जरूरत पड़ी तो कुछ कांग्रेस सांसद भी अहम मतदान के दौरान अनुपस्थित रह सकते हैं.

ये 41 का आंकड़ा इतना जरूरी क्यों है?

दो-तिहाई बहुमत मिलने पर सरकार बिना किसी अड़ंगे के संविधान में संशोधन कर सकती है. NDA जिन बड़े फैसलों की तैयारी कर रही है, वो ये हैं:

  • समान नागरिक संहिता (UCC): पूरे देश में एक जैसा पर्सनल लॉ लागू करना.
  • एक देश-एक चुनाव: लोकसभा और सभी विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराना.
  • धर्मांतरण विरोधी राष्ट्रीय कानून: 'लव जिहाद' जैसे मामलों पर राज्यों से हटकर एक सख्त केंद्रीय कानून बनाना.
  • आरक्षण और अन्य सुधार: आर्थिक आधार पर आरक्षण को संवैधानिक रूप से और मजबूत करना.

परिसीमन नहीं हुआ तो इसे आगे बढ़ाने के लिए संविधान में संशोधन करना होगा. ऐसा करने से सरकार की विफलता दिखेगी. परिसीमन हो जाए और विरोध भी न हो, इसके लिए ही महिला आरक्षण का नुस्खा निकाला गया है. महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देकर लोकसभा सीटें बढ़ जाएंगी. उसकी आड़ में परिसीमन को भी कानूनी मान्यता मिल जाएगी. एक देश एक चुनाव के लिए भी दो-तिहाई बहुमत की जरूरत पड़ सकती है.

तो क्या बीजेपी का मिशन 360 फेल हो जाएगा?

'मिशन 360' सिर्फ चुनावी नारा नहीं है, बल्कि आने वाले महीनों में जोड़-तोड़ और सियासी उठापटक की पूरी ब्लूप्रिंट है. अगर NDA को 41 सांसद मिल गए तो सरकार किसी भी बड़े संवैधानिक बदलाव को अंजाम देने की ताकत रखेगी. इस वजह से सपा, DMK और NCP के हर सांसद की हरकत पर अभी से पैनी नजर है.

इससे इतर, केंद्र सरकार का दो चीजों पर फोकस रहेगा:

  • 41 सांसद और जुटाने होंगे: विपक्ष के 41 सांसद टूट, विलय या समर्थन के जरिए NDA में शामिल हों या अलग गुट बनाकर सरकार का समर्थन करें.
  • विपक्ष के सांसद गैरहाजिर रहें: ऐसा करने से संसद में प्रभावी सदस्य संख्या घट जाएगी. फिर दो-तिहाई आंकड़ा 319 पर आ जाएगा. इसके लिए सपा (37), DMK (22), NCP-शरद पवार (8) और TMC (8) यानी कुल 75 सांसदों में से 61 को गैरहाजिर कराना होगा. 7 निर्दलीय और छोटी पार्टियों के 10 सांसदों पर भी निगाह है. जरूरत पड़ी तो कांग्रेस (98) के भी कुछ सांसदों को गैरहाजिर रखने का प्रयास हो सकता है.

ज़ाहिद अहमद इस वक्त ABP न्यूज़ में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. टेलीविजन और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में उन्हें करीब 9 साल का तजुर्बा है. इससे पहले वे 3 बड़े मीडिया संस्थानों में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. वे ओरिजिनल सेक्शन की एक्सप्लेनर टीम में सीनियर सब एडिटर रहे. ज़ाहिद आउटपुट डेस्क, बुलेटिन प्रोड्यूसिंग और बॉलीवुड सेक्शन को बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर लीड भी कर चुके हैं. देश-विदेश, सियासत, कारोबार, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, चुनाव और समाजी मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है. आसान लहजे में असरदार और भरोसेमंद एक्सप्लेनर पेश करना उनकी पहचान है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Goa CM Pramod Sawant: वन नेशन, वन इलेक्शन पर गोवा CM प्रमोद सावंत का समर्थन, कहा- 'संसाधनों की होगी बचत'
वन नेशन, वन इलेक्शन पर गोवा CM प्रमोद सावंत का समर्थन, कहा- 'संसाधनों की होगी बचत'
Ayatollah Ali Khamenei Funeral: 'ईरान के लोग डरे नहीं, एकजुट और मजबूत दिखे',खामेनेई के अंतिम संस्कार से लौटने पर सलमान खुर्शीद का बड़ा बयान
'ईरान के लोग डरे नहीं, एकजुट और मजबूत दिखे',खामेनेई के अंतिम संस्कार से लौटने पर सलमान खुर्शीद का बड़ा बयान
‘कांग्रेस 117 सीटों के साथ फिर से सत्ता में आएगी’, तेलंगाना विधानसभा चुनाव को लेकर बोले CM रेवंत रेड्डी
‘कांग्रेस 117 सीटों के साथ फिर से सत्ता में आएगी’, तेलंगाना विधानसभा चुनाव को लेकर बोले CM रेवंत रेड्डी
पाक के चक्कर में बांग्लादेश ने चली कश्मीर पर 'गंदी चाल', भारत ने ढाका में ही कर दी बोलती बंद!
पाक के चक्कर में बांग्लादेश ने चली कश्मीर पर 'गंदी चाल', भारत ने ढाका में ही कर दी बोलती बंद!
Advertisement

वीडियोज

Bollywood News: कियारा-यश के गाने ‘तबाही’ पर मचा बवाल, ट्रोलर्स ने क्यों घसीटा सिद्धार्थ मल्होत्रा का नाम? (10-07-2026)
DR. Aarambhi: Aarambhi का बड़ा खेल, Avantika को घर से निकाला बाहर; तंडन परिवार ने भी मोड़ा मुंह
'Lock Upp 2' में Akanksha Chamola का बड़ा खुलासा, बोलीं- शो से बाहर आते ही शुरू होगी Divorce Process
हर कोई SUV ही क्यों खरीद रहा है? Womens की पहली पसंद SUV? #autolive
'Lock Upp 2' में Akanksha Chaudhary का गुस्सा बेकाबू, Shreya Kalra पर की तीखी टिप्पणी
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
PoK में 32वें दिन भी जारी विद्रोह: मुजफ्फराबाद मार्च से पहले 1 लाख प्रदर्शनकारियों की तैयारी, पाक में हड़कंप
PoK में 32वें दिन भी जारी विद्रोह: मुजफ्फराबाद मार्च से पहले 1 लाख प्रदर्शनकारियों की तैयारी, पाक में हड़कंप
बांकीपुर उपचुनाव: BJP के कैंडिडेट बदलने से प्रशांत किशोर को फायदा या नुकसान? चौंकाने वाला दावा
बांकीपुर उपचुनाव: BJP के कैंडिडेट बदलने से प्रशांत किशोर को फायदा या नुकसान? चौंकाने वाला दावा
ट्रंप की जान को खतरा या नेतन्याहू का मास्टरस्ट्रोक? जानें क्यों ईरान पर US फाइटर जेट्स बरसाने लगे बारूद
ट्रंप की जान को खतरा या नेतन्याहू का मास्टरस्ट्रोक? जानें क्यों ईरान पर US फाइटर जेट्स बरसाने लगे बारूद
FIFA वर्ल्ड कप में किलियन एम्बाप्पे का मैच देखने पहुंचे विराट कोहली और शुभमन गिल! जानें वायरल तस्वीर की हकीकत
FIFA वर्ल्ड कप में किलियन एम्बाप्पे का मैच देखने पहुंचे विराट कोहली और शुभमन गिल! तस्वीर वायरल
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: राजपाल यादव को अभी नहीं जाना होगा जेल, चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत
राजपाल यादव को अभी नहीं जाना होगा जेल, चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत
Explained: पूरे भारत पर छाया मानसून! लेकिन मौसम विभाग ने बादल छंटने की दी चेतावनी, बारिश की आंख मिचौली क्यों?
पूरे भारत पर छाया मानसून! मौसम विभाग ने बादल छंटने की चेतावनी, बारिश की आंख मिचौली क्यों?
‘मैं ममता बनर्जी की तरह नहीं कमजोर CM...’, बहरामपुर में गरजे शुभेंदु, हुमायूं कबीर को दी ये वॉर्निंग
‘मैं ममता बनर्जी की तरह नहीं कमजोर CM...’, बहरामपुर में गरजे शुभेंदु, हुमायूं कबीर को दी वॉर्निंग
अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर कांग्रेस ने क्यों किया अटल बिहारी वाजपेयी को याद?
अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर कांग्रेस ने क्यों किया अटल बिहारी वाजपेयी को याद?
Embed widget