एक्सप्लोरर

Bakrid 2026: बकरीद पर क्यों होती है खस्सी बकरे की डिमांड, नॉर्मल से कितने होते हैं अलग?

Bakrid 2026: बकरीद के मौके पर बाजारों में खस्सी बकरे की मांग सबसे ज्यादा होती है. कम उम्र में हार्मोनल बदलाव होने से ये बकरे शांत स्वभाव के और काफी वजनी हो जाते हैं, जिससे ये सबसे बेहतर माने जाते हैं.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • शांत स्वभाव, बेहतर मांस के कारण अधिक कीमत पर बिकते हैं.

Bakrid 2026: इस्लामी कैलेंडर के आखिरी महीने जुल हिज्जा में मनाया जाने वाला ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार अपने विशेष महत्व के लिए जाना जाता है. इस मौके पर दी जाने वाली कुर्बानी के लिए बाजारों में बकरों की खरीदारी काफी तेजी से शुरू हो जाती है. बाजार में सामान्य बकरों के मुकाबले एक खास तरह के बकरे की मांग सबसे ज्यादा देखी जाती है, जिसे बोलचाल की भाषा में खस्सी बकरा कहा जाता है. आखिर इस त्योहार पर इन विशेष बकरों को इतनी प्राथमिकता क्यों दी जाती है और ये सामान्य बकरों से किस तरह अलग होते हैं, चलिए जानते हैं.

बकरीद की तैयारियां

मुस्लिम समुदाय के लिए ईद-उल-अजहा का त्योहार त्याग और समर्पण का प्रतीक माना जाता है. इस साल भी त्योहार को लेकर देश-दुनिया के बाजारों में चहल-पहल काफी बढ़ गई है. लोग कुर्बानी के लिए सबसे सेहतमंद बकरे की तलाश में जुटे हैं. इस पूरी प्रक्रिया में खरीदारी के दौरान ग्राहकों की पहली पसंद हमेशा खस्सी बकरा ही बनती है. व्यापारियों का भी मानना है कि इस त्योहार के दौरान सामान्य बकरों के मुकाबले खस्सी बकरों की बिक्री कई गुना ज्यादा होती है और लोग इनके लिए अच्छी कीमत चुकाने को भी तैयार रहते हैं.

कैसे होता है खस्सी बकरा?

खस्सी बकरा कोई अलग नस्ल नहीं है, बल्कि यह एक विशेष प्रक्रिया से तैयार किया गया नर बकरा होता है. जब बकरा छोटा होता है (लगभग 2 से 3 महीने या फिर 10 से 14 महीने की उम्र में), तब उसका बंध्याकरण (Castration) कर दिया जाता है. इस प्रक्रिया में आधुनिक मशीन या पारंपरिक तरीकों से अंडकोष की नसों को ब्लॉक कर दिया जाता है. इसके बाद बकरे के शरीर में प्रजनन से जुड़े हार्मोन का बनना पूरी तरह रुक जाता है और उसका शारीरिक विकास सामान्य से अलग दिशा में होने लगता है. 

यह भी पढ़ें: Goat Price In Pakistan: पाकिस्तान में आसमान छू रही बकरों की कीमतें, इतने में तो घर आ जाएगी चमचमाती कार

स्वाद और मांस की प्रीमियम गुणवत्ता

बंध्याकरण की इस प्रक्रिया के बाद बकरे के मांस की गुणवत्ता में बहुत बड़ा सुधार आता है. इस बकरे के मांस में एक खास तरह की तेज और तीखी महक (गेमी स्मेल) होती है. इसके उलट, खस्सी बकरे का मटन बेहद मुलायम, रसीला और बिना किसी दुर्गंध वाला होता है. मांसाहार के शौकीनों के बीच इसके मांस को सबसे उच्च गुणवत्ता यानी प्रीमियम श्रेणी का माना जाता है, क्योंकि यह पकने में आसान और खाने में स्वादिष्ट होता है. 

शारीरिक बनावट और वजन 

हार्मोन का स्तर कम होने की वजह से बकरे के शरीर की पूरी ऊर्जा प्रजनन तंत्र के बजाय उसके शारीरिक विकास और मांसपेशियों को मजबूत करने में लगने लगती है. खस्सी बकरे बहुत कम समय में तेजी से वजन बढ़ाते हैं और काफी तगड़े दिखाई देते हैं. सबसे खास बात यह है कि इनमें अनचाही चर्बी और हड्डियों का वजन काफी कम होता है, जबकि शुद्ध और सेहतमंद मांस (Lean Meat) की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. यही वजह है कि खरीदार को अपनी रकम के बदले ज्यादा और बेहतर मांस मिल जाता है. 

शांत व्यवहार और आसान रख-रखाव

शारीरिक और हार्मोनल बदलावों का असर बकरे के स्वभाव पर भी साफ दिखाई देता है. सामान्य बकरे जहां टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के कारण काफी आक्रामक, गुस्सैल और आपस में लड़ने वाले होते हैं, वहीं खस्सी किए गए बकरे बेहद शांत स्वभाव के हो जाते हैं. वे झुंड में बिना किसी लड़ाई-झगड़े के आराम से रहते हैं. स्वभाव में आए इस सीधेपन के कारण पशुपालकों के लिए उनका रख-रखाव, उन्हें खिलाना-पिलाना और त्योहार के बाजारों तक सुरक्षित पहुंचाना काफी आसान और सुरक्षित हो जाता है.

नस्ल और वजन के आधार पर तय होती हैं कीमतें

त्योहार के दौरान बकरों की कीमतें मुख्य रूप से उनकी नस्ल जैसे कि सिरोही, गुजरी, तोतापरी और उनके कुल वजन व बनावट पर निर्भर करती हैं. चूंकि खस्सी बकरों को तैयार करने में पशुपालकों को ज्यादा मेहनत और समय लगाना पड़ता है, इसलिए बाजार में इनकी कीमत सामान्य बकरों से हमेशा अधिक होती है. अलग-अलग इलाकों और बकरा फार्म्स के हिसाब से इनकी दरों में अंतर जरूर होता है, लेकिन बेहतर सेहत और साफ-सुथरे गोश्त के कारण लोग खुशी-खुशी इन बकरों को ऊंचे दामों पर भी खरीद लेते हैं.

यह भी पढ़ें: बकरीद पर न नमाज न कुर्बानी... पाकिस्तान में इन मुसलमानों को बकरा काटने पर हो जाती है जेल

About the author निधि पाल

निधि पाल एबीपी लाइव में कंटेंट राइटर हैं. ये यहां पर जीके सेक्शन की जिम्मेदारियां संभाल रही हैं. पिछले 7 साल से पत्रकारिता की दुनिया में कार्यरत निधि पाल ने इससे पहले अमर उजाला डिजिटल, न्यूज 24, ईटीवी भारत हैदराबाद जैसे बड़े संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है.

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो उन्होंने आईआईएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन लखनऊ से जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

क्या होता‌ है फॉर्म 47 सरकार का मतलब, भारत ने पाकिस्तान को यह क्यों कहा?
क्या होता‌ है फॉर्म 47 सरकार का मतलब, भारत ने पाकिस्तान को यह क्यों कहा?
रेलवे को एक दिन में कितना कमाकर देती है राजधानी ट्रेनें? चौंका देगा हिसाब
रेलवे को एक दिन में कितना कमाकर देती है राजधानी ट्रेनें? चौंका देगा हिसाब
दिल्ली से By Car जाना है USA, क्या है पूरा तरीका और कितना आता है खर्च
दिल्ली से By Car जाना है USA, क्या है पूरा तरीका और कितना आता है खर्च
हिंदुओं में यमराज का कॉन्सेप्ट तो मुस्लिमों में क्या, कैसे होता है हिसाब?
हिंदुओं में यमराज का कॉन्सेप्ट तो मुस्लिमों में क्या, कैसे होता है हिसाब?

वीडियोज

Sansani: चाची के गहने...भतीजे की थार..गुप्त खेल का खुलासा ! Special Report। ABP News
MLC Election Results: काउंटिंग के बीच पुलिस से भिड़े सपा कार्यकर्ता | Bihar | Congress | NDA | JDU
UP MLC Election Result News: UP में इन सीटों पर BJP की जीत | Uttar Pradesh | Breaking | SP | ABP
Bharat Ki Baat: SIR संग्राम का 'दिवाली धमाका' बाकी! | Gyanesh Kumar | Supreme Court | Rahul Gandhi
Sandeep Chaudhary: CEC पर कब थमेगा घमासान? SIR का सटीक विश्लेषण!| Rahul | Akhilesh Yadav | MLC

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'आखिर हो क्या रहा है?' शिवसेना सांसदों के खिलाफ याचिका पर SC में बोले कपिल सिब्बल
'आखिर हो क्या रहा है?' शिवसेना सांसदों के खिलाफ याचिका पर SC में बोले कपिल सिब्बल
UP MLC Election Results 2026 Live: मेरठ-सहारनपुर खंड की शिक्षक और स्नातक, दोनों MLC सीटों पर BJP की जीत
Live: मेरठ-सहारनपुर खंड की शिक्षक और स्नातक, दोनों MLC सीटों पर BJP की जीत
लद्दाख में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग, सड़कों पर उतरीं महिलाएं
लद्दाख में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग, सड़कों पर उतरीं महिलाएं
अभिषेक शर्मा की तूफानी बैटिंग ने PAK दिग्गजों के उड़ाए होश, बोले- न्यूजीलैंड को तबाह कर दिया
अभिषेक शर्मा की तूफानी बैटिंग ने PAK दिग्गजों के उड़ाए होश, बोले- न्यूजीलैंड को तबाह कर दिया
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कुणाल का नंबर ‘जय बलकारी’ नाम से सेव, पांच कारतूस की तस्वीरें डिलीट
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कुणाल का नंबर ‘जय बलकारी’ नाम से सेव, पांच कारतूस की तस्वीरें डिलीट
Cyclone Arnab Live: अर्नब के आने से पहले ही उत्तरी चेन्नई में समुद्री तूफान, आंध्र की ओर तेजी से बढ़ रहा चक्रवात
Live: अर्नब के आने से पहले ही उत्तरी चेन्नई में समुद्री तूफान, आंध्र की ओर तेजी से बढ़ रहा चक्रवात
इजरायल में चुनाव नेतन्याहू के लिए अहम परीक्षा, विरोधियों ने लगाए बैलेट से छेड़छाड़ के आरोप
इजरायल में चुनाव नेतन्याहू के लिए अहम परीक्षा, विरोधियों ने लगाए बैलेट से छेड़छाड़ के आरोप
फुटपाथ पर बाइक चढ़ा राहगीरों को हॉर्न बजाता रहा शख्स, नहीं मिली साइड
फुटपाथ पर बाइक चढ़ा राहगीरों को हॉर्न बजाता रहा शख्स, नहीं मिली साइड
Embed widget