एक्सप्लोरर

एआई से पैसे बचने थे, लेकिन इसके कारण खर्चा बढ़ क्यों रहा है? दुनियाभर में इन दिक्कतों से जूझ रही हैं कंपनियां

Why AI is Getting Expensive: एआई को खर्चा कम करने वाली टेक्नोलॉजी के तौर पर देखा जा रहा था, लेकिन इसने लागत बढ़ा दी है. इस कारण अब कंपनियों सस्ते विकल्पों पर विचार करने लगी हैं.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • कंपनियों का एआई पर खर्च बचत की बजाय लगातार बढ़ रहा है।
  • सदस्यता, लाइसेंस और कर्मचारियों की ट्रेनिंग से लागत बढ़ रही है।
  • जनरेटिव एआई मॉडल के उपयोग से लागतें बेहिसाब बढ़ीं।
  • एआई में दक्षता की कमी, मानवीय कौशल अभी भी आवश्यक है।

Why AI is Getting Expensive: पिछले कुछ समय से हर जगह एआई का बोलबाला है. हर कंपनी अपने कर्मचारियों की छुट्टी कर एआई से उनका काम ले रही है. एआई को अल्टीमेट प्रोडक्टिविटी टूल माना जा रहा है. यही कारण है कि कंपनियां ऑपरेटिंग कॉस्ट को कम करने और एफिशिएंसी को बढ़ाने के लिए एआई पर पूरा जोर दे रही हैं, लेकिन क्या असल में एआई के कारण कंपनियों की लागत कम हो रही है? यह सवाल इसलिए पूछा जा रहा है क्योंकि एआई पर खर्चा लगातार बढ़ रहा है और पैसे बचाने का दावा पूरी तरह सच साबित होता नहीं दिख रहा.

एआई का यूज पड़ रहा है महंगा

एआई ऐसी टेक्नोलॉजी नहीं है, जिस पर एक बार निवेश करने से काम हो जाए. कंपनियों को हर महीने सब्सक्रिप्शन, एंटरप्राइज लाइसेंस, यूसेज-बेस्ड प्राइसिंग और कर्मचारियों को इसकी ट्रेनिंग देने पर भारी पैसा खर्च करना पड़ रहा है. कुछ समय पहले ही खबर आई थी कि एक कंपनी ने एंथ्रोपिक क्लॉड पर लगभग 4200 करोड़ रुपये खर्च कर दिए थे. इसी तरह अमेजन भी बिल बचाने के लिए अपने कर्मचारियों को एआई का संभलकर इस्तेमाल करने की सलाह दे चुकी है. उबर के COO कह चुके हैं कि एआई का यूज काफी महंगा है और इसे जस्टिफाई नहीं किया जा सकता. उबर ने इस पूरे साल का एआई बजट सिर्फ चार महीनों में ही खर्च कर दिया था. 

क्यों बढ़ रहा खर्चा?

ट्रेडिशनल सॉफ्टवेयर की बात करें तो इन्हें एनुअल लाइसेंस के जरिए खरीदा जा सकता है, लेकिन एआई के मामले में ऐसा नहीं है. कई जनरेटिव एआई सर्विसेस सब्सक्रिप्शन मॉडल या टोकन कंजप्शन के हिसाब से ऑपरेट होती हैं. अब कंपनियों में राइटिंग से लेकर डेटा एनालिसिस तक एआई का इस्तेमाल हो रहा है. ऐसे में एआई की लागत बेहिसाब बढ़ रही है. यही कारण है कि अब कंपनियां लागत बचाने के तरीके ढूंढ रही हैं. कई कंपनियां अब प्रीमियम एआई मॉडल्स की जगह छोटे और सस्ते मॉडल यूज करने लगी हैं.

एआई की लिमिटेशन भी आ रही सामने

इस बात में कोई शंका नहीं है कि एआई एक पावरफुल टूल है, लेकिन यूज बढ़ने के साथ-साथ इसकी लिमिटेशन भी सामने आ रही है. एआई से वो सारे काम नहीं किए जा सकते, जिनमें इंसानों की जरूरत पड़ती है. ताजा मामला फोर्ड मोटर कंपनी का है. फोर्ड ने एआई इंटीग्रेशन के बाद पिछले तीन सालों में 350 इंजीनियरों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था, लेकिन एआई उन जैसा काम नहीं कर पा रही है. एआई में न तो उन जैसी स्किल है और न ही उन जैसा एक्सपीरियंस. इसी वजह से यह कंपनी अब फिर से उन इंजीनियरों को नौकरी पर रख रही है.

ये भी पढ़ें-

क्या एक जैसे ही हो जाएंगे वनप्लस, रियलमी और ओप्पो के सारे फोन? कंपनी करने जा रही है यह काम

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पढ़ाई पूरी करने के बाद पिछले एक दशक से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय हूं. फिलहाल एबीपी न्यूज के साथ काम कर रहा हूं और यहां टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों, गैजेट्स, ऐप्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया और डिजिटल ट्रेंड्स पर लिख रहा हूं. फ्यूचर टेक, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया से जुड़े टॉपिक्स में विशेष रुचि है. पिछले 10 वर्षों में नेशनल, पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, ऑटो, बिजनेस और टेक समेत कई बीट्स पर काम करने का अनुभव रहा है. इस दौरान टाइम्स इंटरनेट, दैनिक जागरण और न्यूजबाइट्स जैसे कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. 

विभिन्न बीट्स पर काम करने के अनुभव ने खबरों को अलग-अलग नजरिए से समझने और पेश करने की समझ दी. रिपोर्टिंग और कंटेंट लिखने के दौरान हमेशा कोशिश रही कि खबरों को आसान और भरोसेमंद तरीके से रीडर तक पहुंचाया जाए. 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान ग्राउंड रिपोर्टिंग करने और कई नेताओं के इंटरव्यू लेने का भी अवसर मिला. 

काम के सिलसिले में कई बड़े कार्यक्रमों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और विशेष आयोजनों को कवर करने का मौका मिला, जहां अलग-अलग पहलुओं को समझने का अवसर मिला. डिजिटल मीडिया के लगातार बदलते दौर में नई चीजें सीखने और खुद को अपडेट रखने की कोशिश रहती है, ताकि कंटेंट को बेहतर और रीडर के समझने के लिए आसान बनाया जा सके.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Google Pixel 11 या iPhone 17! दोनों में कौन है ज्यादा पावरफुल, पढ़ें कंपैरिजन
Google Pixel 11 या iPhone 17! दोनों में कौन है ज्यादा पावरफुल, पढ़ें कंपैरिजन
लॉन्च हो गया Google Gemini 3.7 Flash! जानें क्या-क्या बदला
लॉन्च हो गया Google Gemini 3.7 Flash! जानें क्या-क्या बदला
Spam Calls हमेशा आपके नंबर पर कैसे पहुंच जाती हैं? जानें इसकी टेक्निक
Spam Calls हमेशा आपके नंबर पर कैसे पहुंच जाती हैं? जानें इसकी टेक्निक
US सरकार की ओर से अब प्राइवेट कंपनियां करेंगी साइबर अटैक
US सरकार की ओर से अब प्राइवेट कंपनियां करेंगी साइबर अटैक
Advertisement

वीडियोज

Mahadev & Sons: Rajji पर टूटा दुखों का पहाड़, Dheeraj ने निभाया अपना सच्चा पति धर्म!
Bollywood News: Toxic के म्यूजिक जश्न के बीच विवाद ने पकड़ा जोर, किस बात पर मचा बवाल?
Bigg Boss 20 की Rumoured List में Jennifer Winget, Jannat Zubair, Nia Sharma और कई नाम
Akanksha Chamola ने Gaurav Khanna से Divorce पर किया बड़ा खुलासा, 18 महीने बाद लिया फैसला
TMKOC के पुराने Episodes आज भी क्यों हैं Hit? Asit Modi ने बताया Comedy का Secret
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अमित शाह के खिलाफ बोलकर फंसे राहुल, विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी
अमित शाह के खिलाफ बोलकर फंसे राहुल, विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी
झगड़े में पत्नी को ‘बांझ’ कहना क्रूरता नहीं, HC का फैसला
झगड़े में पत्नी को ‘बांझ’ कहना क्रूरता नहीं, HC का फैसला
'कमबैक करना आसान नहीं था...', फिल्मों में वापसी पर बोलीं प्रीति जिंटा | Exclusive
'कमबैक करना आसान नहीं था...', फिल्मों में वापसी पर बोलीं प्रीति जिंटा | Exclusive
कल से भारत-श्रीलंका पहला टेस्ट, जानें प्लेइंग XI, हेड टू हेड और पिच रिपोर्ट
कल से भारत-श्रीलंका पहला टेस्ट, जानें प्लेइंग XI, हेड टू हेड और पिच रिपोर्ट
राष्ट्रपति के संबोधन की PM मोदी ने की तारीफ, बोले- उनके विचार राष्ट्र...
राष्ट्रपति के संबोधन की PM मोदी ने की तारीफ, बोले- उनके विचार राष्ट्र...
‘कॉकरोच पर बयान को किया गया मिसकोट’, CJI बोले- यूथ को बरगलाया गया
‘कॉकरोच पर बयान को किया गया मिसकोट’, CJI बोले- यूथ को बरगलाया गया
लॉन्च हो गया Google Gemini 3.7 Flash! जानें क्या-क्या बदला
लॉन्च हो गया Google Gemini 3.7 Flash! जानें क्या-क्या बदला
'हमारा रुख...', सिंधु जल संधि पर आया भारत का रिएक्शन
'हमारा रुख...', सिंधु जल संधि पर आया भारत का रिएक्शन
Embed widget