वाराणसी में मनीष हत्याकांड के आरोपियों से मुठभेड़, पैर में लगी गोली, सिर पर था 50 हजार का इनाम
Varanasi Encounter: वाराणसी में पुलिस की दो बदमाशों से मुठभेड़ हो गई, जिसमें दोनों के पैर में गोली लगने से घायल हो गए. ये दोनों बीते दिनो वाराणसी में व्यापारी मनीष कुमार की हत्या मामले में वांछित थे.

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बीते सप्ताह व्यापारी मनीष कुमार सिंह की घर लौटते समय भीड़ की हमले में हुई मौत मामले में फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों से पुलिस की मुठभेड़ हो गई. इस मुठभेड़ में दोनों के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद पुलिस ने दोनों गिरफ़्तार कर लिया. आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था. घटना के बाद से ही वो फ़रार चल रहे थे.
फूलपुर थाना क्षेत्र पुलिस ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दोनों इनामी बदमाश आशीष राजभर और मनीष राजभर घमहापुर गांव क्षेत्र में ही मौजूद हैं. दोनों आरोपी सगे भाई हैं. सूचना मिलते ही पुलिस के द्वारा आसपास के इलाके में चेकिंग अभियान चलाया गया.
पुलिस मुठभेड़ में दोनों के पैर में लगी गोली
सोमवार को चेकिंग के दौरान पुलिस को दो संदिग्ध दिखाई दिए, पुलिस ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो दोनों संदिग्धों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिसमें दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी. दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
मारपीट के बाद हुई व्यापारी मनीष की मौत
बता दें कि थाना फूलपुर स्थित घमहापुर गाँव में बीते 26 अप्रैल को अपनी कार से लौट रहे व्यापारी मनीष कुमार सिंह का ग्रामीणों के साथ विवाद हो गया था, जिसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें पीट-पीटकर बुरी तरह घायल कर दिया था. अस्पताल में इलाज के दौरान मनीष ने दम तोड़ दिया था. ये मामला वाराणसी से पूर्वांचल तक काफी सुर्खियों में रहा था.
पुलिस ने इस मामले में आठ नामज़द समेत कुछ अज्ञात लोगों के ख़िलाफ मुकदमा दर्ज कर नौ लोगों को गिरफ़्तार किया था. लेकिन दोनों मुख्य आरोपी आशीष राजभर और मनीष राजभर जिन पर 50-50 हजार रुपए का इनाम रखा गया था वह फरार चल रहे थे. जिसके बाद से ही पुलिस को उनकी तलाश थी. दोनों आरोपियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL
























