'राम का नाम आते ही कांग्रेस की आंखें क्यों तन जाती हैं?', G राम G बिल पर बोले कैलाश विजयवर्गीय
Indore News: मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जी राम जी योजना को लेकर प्रेस वार्ता की. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस की तरफ से किए जा रहे विरोध पर निशाना साधा है.

मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रस्तावित 'जी राम जी' विकसित भारत रोजगार मिशन बिल को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि राम का नाम आते ही कांग्रेस की आंखें क्यों तन जाती हैं?
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस योजना का पूरा नाम 'जी राम जी' विकसित भारत रोजगार मिशन है और इसका शॉर्ट नाम 'जी राम जी' है. मैं कांग्रेस के लोगों से पूछना चाहता हूं कि इसमें आपत्ति किस बात की है?
'मनरेगा' योजना को लेकर क्या बोले विजयवर्गीय?
विजयवर्गीय ने कहा कि 1980 में कांग्रेस ने रोजगार से जुड़ी योजना चलाई, बाद में राजीव गांधी के समय उसका नाम जवाहर रोजगार योजना रखा गया. फिर नाम बदलकर मनरेगा कर दिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जवाहर नेहरू के नाम से मनरेगा करने पर किसी का अपमान हुआ?
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बिना अध्ययन किए ही इस नए बिल का विरोध शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि देश में कई योजनाएं और पुरस्कार गांधी परिवार के नाम पर हैं. राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड का उदाहरण देते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि राजीव गांधी का खेलकूद से कोई सीधा जुड़ाव नहीं था.
इंदिरा आवास योजना पर कसा तंज
इंदिरा आवास योजना पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि गांव में अगर एक कुटिया ही मिल जाए तो यह तय करने में दुविधा हो जाती थी कि किसे दी जाए. उन्होंने कहा कि जब एक योजना का नाम 'जी राम जी' रखा गया तो कांग्रेस प्रदर्शन पर उतर आई.
मनरेगा को लेकर मंत्री ने कहा कि अब तक इसमें करीब साढ़े 11 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जिसमें सबसे अधिक खर्च प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के कार्यकाल में हुआ है. बंगाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां एक साल गड्ढा खोदा जाता था और अगले साल उसी गड्ढे को भर दिया जाता था, लेकिन जांच नहीं हो पाती थी और गरीबों का पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था.
'जी राम जी' बिल को लेकर दी यह जानकारी
विजयवर्गीय ने कहा कि नए बिल में पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया गया है. प्रत्येक जिले में लोकपाल की व्यवस्था होगी और जांच के लिए समय-सीमा तय की जाएगी. बायोमेट्रिक हस्ताक्षर, सैटेलाइट, जियो-ट्रैकिंग और एआई तकनीक के जरिए फर्जी जॉब कार्ड और फर्जी काम रोके जाएंगे.
मजदूरी सीधे बैंक खाते में आएगी और साप्ताहिक भुगतान किया जाएगा. महिलाओं को सेल्फ हेल्प ग्रुप के माध्यम से जोड़ा जाएगा और 125 दिन का रोजगार मिलेगा. उन्होंने कहा कि इस योजना से स्थायी परिसंपत्तियां बनेंगी, किसानों की समस्याओं का समाधान होगा और आपदा के समय रिकवरी की व्यवस्था भी रहेगी. राहुल गांधी के इंदौर दौरे और मनरेगा के नाम बदलने के विरोध में रखे गए उपवास पर टिप्पणी करते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि अच्छा है, एक दिन का देश का अन्न बचेगा.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























