नीतीश कुमार की पार्टी को लेकर RJD का बड़ा दावा, 'JDU अपने राज्यसभा सांसद से हर महीने…'
Bihar News: आरजेडी का कहना है कि नीतीश मॉडल ऐसा फूलप्रूफ है कि इनके खासमखास भ्रष्ट अधिकारी जेडीयू प्रत्याशियों को लड़ने के लिए लिफाफा देते हैं और इन बेचारों को पता ही नहीं चलता. पढ़िए और क्या कहा है.

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की पार्टी को लेकर आरजेडी की ओर से बड़ा दावा किया गया है. आरजेडी का कहना है कि जेडीयू ऐसी पार्टी है जो राज्यसभा सांसद बनाने के बदले में शुरुआत में एकमुश्त चढ़ावा लेती है. इसके उस सांसद से उनके छह साल के कार्यकाल तक हर महीने एक करोड़ चंदा लेती है. कई सांसद इसके उदाहरण रहे हैं.
आरजेडी के एक्स हैंडल से आज (शुक्रवार) यह बयान पोस्ट किया गया है. हालांकि पोस्ट में किसी सांसद का नाम नहीं लिखा गया है. आरजेडी ने तंज कसा कि जेडीयू इस देश की एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसे इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए भूत-प्रेत और भटकती आत्मा ने सैकड़ों करोड़ का चंदा दिया.
पोस्ट में लिखा गया है, "सुप्रीम कोर्ट द्वारा इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को असंवैधानिक घोषित किए जाने के बाद कोर्ट के निर्देशानुसार चुनाव आयोग द्वारा यह पूछने पर कि आपको यह चंदा किसने दिया तो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने चुनाव आयोग को बताया कि उन्हें नहीं पता कि यह चंदा किसने दिया. उनका तर्क था कि कोई अज्ञात व्यक्ति या संस्था सैकड़ों करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड का सीलबंद लिफाफा उनकी पार्टी के कार्यालय (पटना) में फेंक गया, उन्होंने उसे अपने खाते में कैश करा लिया. हैं न कितने ईमानदार लोग?"
JDU इस देश की एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसे इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए भूत-प्रेत और भटकती आत्मा ने सैंकड़ों करोड़ का चंदा दिया।
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) May 22, 2026
हादसा यह है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को असंवैधानिक घोषित किए जाने के बाद कोर्ट के निर्देशानुसार चुनाव आयोग द्वारा यह पूछने पर कि आपको यह…
'खासमखास भ्रष्ट अधिकारी…'
आरजेडी का कहना है कि भारतीय राजनीति के इतिहास में चंदा प्राप्त करने का यह दिलचस्प, गोपनीय, अद्भुत, अलौकिक और रहस्यमयी नीतीश मॉडल है. नीतीश मॉडल ऐसा फूलप्रूफ है कि इनके खासमखास भ्रष्ट अधिकारी जेडीयू प्रत्याशियों को लड़ने के लिए लिफाफा देते हैं और इन बेचारों को पता ही नहीं चलता.
पोस्ट के अंत में लिखा गया है, "सार यह है कि JDU थैली वालों की नहीं बल्कि नोटों का बोरा देने वालों की पार्टी है. इनके नेता सही कह रहे है कि जेडीयू में सब Commercial deal होता है." बता दें कि अभी हाल ही में पूर्व सांसद आनंद मोहन ने जेडीयू को थैली की पार्टी कहा था. इस पर भी सियासत जारी है.

























