संसद मार्च और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच चिराग पासवान की पार्टी का रिएक्शन, 'जिस दिन…'
Jantar Mantar Protest: चिराग पासवान की पार्टी के सांसद अरुण भारती ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर हमला किया है. पढ़िए उन्होंने अपने एक्स हैंडल से क्या कुछ लिखा है.

कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से आज (सोमवार) के संसद मार्च के आह्वान पर देश भर से छात्र और युवा दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे हैं. मार्च शुरू होने के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. सीजेपी के विरोध मार्च के लिए जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए प्रदर्शनकारियों और RAF के बीच झड़प भी हो गई. इस पूरे घटनाक्रम के बीच चिराग पासवान की पार्टी की प्रतिक्रिया आई है.
चिराग पासवान की पार्टी के सांसद अरुण भारती ने सोमवार (20 जुलाई, 2026) की सुबह अपने एक्स हैंडल से एक पोस्ट किया. अपने इस पोस्ट में उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर हमला किया है.
अपने एक्स पोस्ट में वे लिखते हैं, "जिस दिन "चूक" से किसी "फुनसुक" ने यह कहकर भूख-हड़ताल शुरू कर दी कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष (LOP) के पद से इस्तीफा दें, अखिलेश यादव UP में दलितों पर अत्याचार के लिए माफी मांगें, तो फिर राहुल भैया का करिहें? अखिलेश भैया का करिहें? इनकर चेला-चपाटे का करिहें?"
जिस दिन "चूक" से किसी "फुनसुक" ने यह कहकर भूख-हड़ताल शुरू कर दी कि -
— Arun Bharti (@ArunBhartiLJP) July 20, 2026
✅ राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष (LOP) के पद से इस्तीफ़ा दें
✅ अखिलेश यादव UP में दलितों पर अत्याचार के लिए माफ़ी मांगें
तो फिर राहुल भैया का करिहें ?,
अखिलेश भैया का करिहें ?
इनकर चेला-चपाटे का करिहें ?
कांग्रेस ने क्या कहा?
इस पूरे मामले में बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि बीजेपी देश से लोकतंत्र को समाप्त करने पर आमादा दिख रही है और लगातार लोकतांत्रिक तरीके से उठने वाली आम लोगों की मांगों को दबाने के लिए अंग्रेजों से बदतर तरीके अपना रही है. हमारे नेता राहुल गांधी लगातार कई शहरों में नीट और अन्य मुख्य परीक्षाओं में पेपर लीक की समस्याओं पर प्रतियोगी छात्रों से मिल रहे हैं और उनके इस पहल में छात्रों का अपार समर्थन भी मिल रहा है.
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'पेपर लीक सरकार के मुंह पर तमाचा'
उन्होंने कहा कि विपक्ष के द्वारा सरकार से केवल लीक प्रूफ परीक्षा प्रणाली की मांग की जा रही है. सरकार नौकरी देने के अपने वादें से तो कब का संबंध तोड़ चुकी है, लेकिन अब पढ़ाई के लिए हो रहे प्रतियोगी परीक्षाओं में भी पेपर लीक हो जाना सरकार के मुंह पर करारा तमाचा है. अविलंब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना चाहिए. आखिर प्रधानमंत्री मोदी की क्या मजबूरी है जो धर्मेंद्र प्रधान जैसे निकृष्ट मंत्री का भार अपनी कैबिनेट में ढो रहे हैं! क्या ओडिशा के आयरन खदानों से वसूली के लिए उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाकर रखा गया है?
स्नेहाशीष वर्धन ने कहा, "आपके सिस्टम में भ्रष्टाचार को सदाचार मान लिया गया है… और आप वैसे निकम्मे मंत्रियों का इस्तीफा तक नहीं लेते तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार हैं…"
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