शराबबंदी कानून खत्म करने की मांग के बीच CM सम्राट चौधरी की दो टूक, 'इस फैसले पर…'
Bihar CM Samrat Choudhary: सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार की बनाई लकीर की बराबरी करना आसान नहीं है, लेकिन बिहार में बनी यह नई सरकार बेहतर काम करके नई मिसाल पेश करेगी.

बिहार में बनी नई सरकार किस तरह काम करेगी? सरकार का क्या विजन, रोडमैप है? इस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (CM Samrat Choudhary) ने विस्तृत जानकारी दी है. बीते शुक्रवार (17 अप्रैल, 2026) को सम्राट चौधरी ने कहा कि नई सरकार में भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी. मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर से इसकी समीक्षा की जाएगी. काम में कोताही बरतने वाले बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई तय है.
दूसरी ओर बिहार में नई सरकार बनने के साथ ही सत्ता पक्ष के विधायकों ही शराबबंदी कानून को खत्म करने की मांग कर रहे हैं. इसको लेकर सीएम सम्राट चौधरी ने साफ किया है कि बिहार में शराबबंदी जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के इस फैसले की तारीफ पीएम मोदी भी कर चुके हैं. इस फैसले पर पुनर्विचार का सवाल ही नहीं उठता है.
'निशांत मंत्रिमंडल में शामिल होते हैं तो खुशी की बात'
नई सरकार में नीतीश कुमार के बेटे निशांत शामिल नहीं हुए हैं. इस पर भी सम्राट ने अपनी प्रतिक्रिया दी. कहा, "निशांत आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल में अगर शामिल होते हैं तो मेरे लिए खुशी की बात होगी. अभी सरकार में शामिल नहीं हुए हैं ये नीतीश कुमार और निशांत का फैसला है. मेरी इसमें कोई भूमिका नहीं है."
दूसरी ओर उन्होंने जानकारी दी कि 15 नवंबर तक 5 लाख करोड़ तक का निवेश लाने का लक्ष्य रखा है. साथ ही उन्होंने शिक्षा-व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एकेडमिक कैलेंडर फिक्स करने की बात भी कही.
सम्राट चौधरी ने विपक्ष में टूट का किया दावा
सम्राट चौधरी ने इशारा किया है कि विपक्ष में जल्द बड़ी टूट हो सकती है. विपक्ष के विधायक पाला बदल सकते हैं. साथ ही पूर्व सीएम नीतीश के 20 वर्षों के कामकाज की उन्होंने तारीफ की. कहा कि नीतीश कुमार की बनाई लकीर की बराबरी करना आसान नहीं है, लेकिन बिहार में बनी यह नई सरकार बेहतर काम करके नई मिसाल पेश करेगी.
दूसरी ओर उन्होंने राज्य में किसी भी तरह के वित्तीय संकट की खबरों को खारिज किया है. बताया कि कोई वित्तीय संकट नहीं है. सम्राट ने कहा कि अब ब्लॉक, अंचल और थानों के कामकाज की सीधी निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा की जाएगी. थाना और ब्लॉक स्तर पर काम नहीं होने की स्थिति में बड़े अधिकारी नपेंगे.
मुख्यमंत्री ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी और राशन कार्ड जैसे सरकारी दस्तावेजों से करीब 22 लाख लोगों के नाम कटे हैं. एक विशेष ड्राइव चलाकर यह पता लगाया जाएगा कि ये लोग कौन हैं और कहां से आए हैं. जो भी घुसपैठिए पाए जाएंगे उन्हें वापस भेजा जाएगा.
Source: IOCL

























