महिला आरक्षण बिल गिरा तो अब उपेंद्र कुशवाहा उठाने जा रहे ये बड़ा कदम, मांझी की पार्टी भी भड़की
Women Reservation Bill: उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक के विरोध में वोट देकर आधी-आबादी को लोकसभा एवं विधानसभाओं में जाने से रोका गया है. पढ़िए उन्होंने और क्या कुछ कहा है.

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के गिरने पर सत्ता पक्ष के नेता विपक्ष पर हमलावर हैं. पक्ष और विपक्ष के बीच जारी बयानबाजी के बीच राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के प्रमुख और सांसद उपेंद्र कुशवाहा बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं. कुशवाहा ने कहा कि विपक्ष के इस कुकृत्य को जनता के बीच ले जाने का वो कार्यक्रम बनाएंगे.
उपेंद्र कुशवाहा ने अपने एक्स पोस्ट के जरिए विपक्ष पर हमला किया है. उन्होंने कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक के विरोध में वोट देकर कांग्रेस एवं इंडिया गठबंधन की पार्टियों ने देश की आधी-आबादी को लोकसभा एवं विधानसभाओं में जाने से रोका है. महिलाओं को मिल रहे अधिकारों से उनको वंचित किया है.
'उजागर हुआ महिला विरोधी चेहरा'
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि यदि विपक्ष का सहयोग मिलता तो सीटों की संख्या भी डेढ़ गुनी बढ़ जाती और उसमें से 33% सीटों पर जीत कर सिर्फ महिलाएं ही सांसद और विधायक बनतीं. मगर विपक्ष ने ऐसा होने नहीं दिया. उनके इस रवैए ने उनका महिला विरोधी चेहरा को उजागर किया है.
उन्होंने कहा कि रही बात ओबीसी के आरक्षण की जिसका समर्थन हमारी पार्टी भी हमेशा से करती रही है. यह तो जातीय गणना (जो प्रक्रियाधीन है) के बाद ही संभव हो पाएगा. ऐसे भी फिलहाल ओबीसी के लिए ऐसी संस्थाओं में आरक्षण नहीं है. वर्तमान विधेयक में एससी/एसटी की महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है क्योंकि इन वर्गों के लिए पूर्व से आरक्षण की व्यवस्था है.
संतोष सुमन ने कहा- 'बिल नहीं गिरा, देश की…'
उधर जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन ने कहा कि 131वां संविधान संशोधन बिल नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम पर भी विपक्ष ने अपनी नकारात्मक सोच दिखा दी. बिल नहीं गिरा है, देश की मां-बहनों की नजरों में विपक्ष की इज्जत गिरी है, उनका विश्वास गिरा है, उनका भरोसा टूटा है.
उन्होंने कहा कि स्पष्ट है कि इनकी प्राथमिकता महिलाओं का सम्मान नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना है. जब भी देश आगे बढ़ता है, ये लोग सिर्फ रुकावट डालते हैं. गांधी परिवार और लालू परिवार सहित पूरे विपक्ष को इस पर आत्ममंथन करना चाहिए.
Source: IOCL




























