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कुछ Laptops में क्यों होते हैं 2 Charging Ports? जानिए क्या होती है वजह

Laptop: पिछले कुछ सालों में USB-C टेक्नोलॉजी काफी तेजी से फेमश हुई है.

Laptop: पिछले कुछ सालों में USB-C टेक्नोलॉजी काफी तेजी से फेमश हुई है.

ऑफिस से लेकर घर तक आज लैपटॉप का इस्तेमाल होता है. अब तो बच्चों तक को इस डिवाइस की पढ़ाई में जरूरत होती है. अब टेक्नोलॉजी इतनी एडवांस हो चुकी है कि मार्केट में कई तरह के लैपटॉप मौजूद हैं जिनमें आपको कई सारे एडवांस फीचर्स देखने को मिल जाते हैं. इसी तरह से कई लैपटॉप में आपको दो चार्जिंग पोर्ट भी देखने को मिल जाते हैं. आइए जानते हैं कि क्या होती है इसकी असली वजह.

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आपको बता दें कि पिछले कुछ सालों में USB-C टेक्नोलॉजी काफी तेजी से फेमश हुई है. इसकी वजह है फास्ट डेटा ट्रांसफर स्पीड, ज्यादा पावर सपोर्ट और एक ही पोर्ट से कई तरह के डिवाइस कनेक्ट करने का फीचर. यही कारण है कि पुराने गोल (Barrel) चार्जिंग पोर्ट की जगह अब ज्यादातर कंपनियां USB-C पोर्ट का इस्तेमाल कर रही हैं.
आपको बता दें कि पिछले कुछ सालों में USB-C टेक्नोलॉजी काफी तेजी से फेमश हुई है. इसकी वजह है फास्ट डेटा ट्रांसफर स्पीड, ज्यादा पावर सपोर्ट और एक ही पोर्ट से कई तरह के डिवाइस कनेक्ट करने का फीचर. यही कारण है कि पुराने गोल (Barrel) चार्जिंग पोर्ट की जगह अब ज्यादातर कंपनियां USB-C पोर्ट का इस्तेमाल कर रही हैं.
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इसके अलावा आज के ज्यादातर लैपटॉप में कम से कम एक USB-C पोर्ट जरूर मिलता है लेकिन बढ़ती जरूरतों को देखते हुए लैपटॉप बनाने वाली कंपनियां अब दो या उससे ज्यादा USB-C पोर्ट देने लगे हैं.
इसके अलावा आज के ज्यादातर लैपटॉप में कम से कम एक USB-C पोर्ट जरूर मिलता है लेकिन बढ़ती जरूरतों को देखते हुए लैपटॉप बनाने वाली कंपनियां अब दो या उससे ज्यादा USB-C पोर्ट देने लगे हैं.
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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि USB-C पोर्ट काफी मजबूत होते हैं और इन्हें हजारों बार इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किया जाता है. लेकिन इसका लगातार इस्तेमाल, धूल, झटके या गलत तरीके से केबल लगाने जैसी वजहों से इनमें खराबी आ सकती है. ऐसे में अगर लैपटॉप में दूसरा USB-C पोर्ट मौजूद है तो आप उसी से चार्जिंग और अन्य काम जारी रख सकते हैं. ये एक एक्सट्रा सेफ्टी की तरह काम करता है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि USB-C पोर्ट काफी मजबूत होते हैं और इन्हें हजारों बार इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किया जाता है. लेकिन इसका लगातार इस्तेमाल, धूल, झटके या गलत तरीके से केबल लगाने जैसी वजहों से इनमें खराबी आ सकती है. ऐसे में अगर लैपटॉप में दूसरा USB-C पोर्ट मौजूद है तो आप उसी से चार्जिंग और अन्य काम जारी रख सकते हैं. ये एक एक्सट्रा सेफ्टी की तरह काम करता है.
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इतना ही नहीं, आजकल पतले और हल्के लैपटॉप बनाने के लिए कंपनियां USB-A जैसे पुराने पोर्ट कम करती जा रही हैं. ऐसे में एक्सट्रा USB-C पोर्ट काफी काम आता है. इसकी मदद से आप USB Hub, Docking Station, External SSD, Monitor, Keyboard, Mouse और अन्य USB-C एक्सेसरीज आसानी से कनेक्ट कर सकते हैं. अगर एक पोर्ट चार्जिंग में लगा हुआ है तब भी दूसरा पोर्ट बाकी डिवाइस चलाने के लिए उपलब्ध रहता है.
इतना ही नहीं, आजकल पतले और हल्के लैपटॉप बनाने के लिए कंपनियां USB-A जैसे पुराने पोर्ट कम करती जा रही हैं. ऐसे में एक्सट्रा USB-C पोर्ट काफी काम आता है. इसकी मदद से आप USB Hub, Docking Station, External SSD, Monitor, Keyboard, Mouse और अन्य USB-C एक्सेसरीज आसानी से कनेक्ट कर सकते हैं. अगर एक पोर्ट चार्जिंग में लगा हुआ है तब भी दूसरा पोर्ट बाकी डिवाइस चलाने के लिए उपलब्ध रहता है.
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इसके अलावा दो USB-C पोर्ट का सबसे बड़ा फायदा इस्तेमा में मिलने वाली Flexibility है. साथ ही कई लैपटॉप में ये पोर्ट दोनों किनारों पर दिए जाते हैं जिससे आप किसी भी तरफ से चार्जर लगा सकते हैं. अगर बिजली का सॉकेट दाईं ओर है तो वहीं से चार्ज करें और अगर बाईं ओर है तो दूसरी तरफ का पोर्ट इस्तेमाल कर लें. इससे केबल बिखरती नहीं और आपका वर्कस्पेस भी मैनेज्ड रहता है.
इसके अलावा दो USB-C पोर्ट का सबसे बड़ा फायदा इस्तेमा में मिलने वाली Flexibility है. साथ ही कई लैपटॉप में ये पोर्ट दोनों किनारों पर दिए जाते हैं जिससे आप किसी भी तरफ से चार्जर लगा सकते हैं. अगर बिजली का सॉकेट दाईं ओर है तो वहीं से चार्ज करें और अगर बाईं ओर है तो दूसरी तरफ का पोर्ट इस्तेमाल कर लें. इससे केबल बिखरती नहीं और आपका वर्कस्पेस भी मैनेज्ड रहता है.
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आपको बता दें कि सभी USB-C पोर्ट की ताकत एक जैसी नहीं होती है. कुछ पोर्ट केवल नॉर्मल चार्जिंग और डेटा ट्रांसफर के लिए होते हैं वहीं, कुछ USB Power Delivery (PD) को सपोर्ट करते हैं. PD टेक्नोलॉजी ज्यादा पावर देने में सक्षम होती है और लैपटॉप को तेज व सुरक्षित तरीके से चार्ज करती है. हालांकि ज्यादातर लैपटॉप को 240W जैसी मैक्सिमम ताकत की जरूरत नहीं होती लेकिन PD सपोर्ट भविष्य के लिए एक बेहतर ऑप्शन माना जाता है.
आपको बता दें कि सभी USB-C पोर्ट की ताकत एक जैसी नहीं होती है. कुछ पोर्ट केवल नॉर्मल चार्जिंग और डेटा ट्रांसफर के लिए होते हैं वहीं, कुछ USB Power Delivery (PD) को सपोर्ट करते हैं. PD टेक्नोलॉजी ज्यादा पावर देने में सक्षम होती है और लैपटॉप को तेज व सुरक्षित तरीके से चार्ज करती है. हालांकि ज्यादातर लैपटॉप को 240W जैसी मैक्सिमम ताकत की जरूरत नहीं होती लेकिन PD सपोर्ट भविष्य के लिए एक बेहतर ऑप्शन माना जाता है.

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