एक्सप्लोरर

Sonam Wangchuk Hunger Strike: लंबे वक्त तक भूख हड़ताल से कौन-से अंग सबसे पहले होते हैं खराब, कब फेल होने लगता है सिस्टम?

Sonam Wangchuk की लंबी भूख हड़ताल के बीच जानें लंबे वक्त तक खाना न खाने पर शरीर में क्या बदलाव होते हैं? कौन-कौन से अंग प्रभावित हो सकते हैं और Refeeding Syndrome कितना खतरनाक हो सकता है?

लद्दाख के पर्यावरण को बचाने और उसे छठी अनुसूची का दर्जा दिलाने के लिए मशहूर पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक कई बार लंबी भूख हड़ताल कर चुके हैं. शून्य से भी नीचे के तापमान में, खुले आसमान के नीचे 21 दिन तक सिर्फ पानी और नमक के सहारे जिंदा रहना आसान नहीं है. क्या आपने कभी सोचा है कि जब कोई इंसान हफ्तों तक अन्न का एक भी दाना नहीं खाता तो उसके शरीर के अंदर क्या चल रहा होता है? आइए समझते हैं कि भूख हड़ताल के दौरान शरीर का सिस्टम कैसे काम करता है? कौन-सा अंग सबसे पहले जवाब देता है और मेडिकल साइंस ऐसे लोगों की जान कैसे बचाता है?

शरीर का अपना 'बैकअप सिस्टम'

जब आप खाना बंद करते हैं तो शरीर घबराता नहीं है. पहले 24 से 48 घंटे तक शरीर अपने लिवर और मांसपेशियों में जमा ग्लूकोज का इस्तेमाल एनर्जी के लिए करता है. जब यह खत्म हो जाता है तो शरीर केटोसिस नामक प्रोसेस में चला जाता है. इसमें शरीर एनर्जी के लिए अपने जमा फैट को जलाना शुरू कर देता है. इस दौरान बहुत तेज भूख लगती है. कमजोरी महसूस होती है और सिरदर्द होता है. वांगचुक जैसे सत्याग्रही इसी शुरुआती और सबसे मुश्किल तकलीफ को अपने मजबूत इरादों से हराते हैं.

जब खुद को ही 'खाने' लगता है शरीर

लगभग एक हफ्ते बाद शरीर की सारी चर्बी पिघलकर खत्म होने लगती है. अब जिंदा रहने के लिए शरीर के पास कोई विकल्प नहीं बचता, इसलिए वह अपनी ही मांसपेशियों को तोड़कर एनर्जी बनाने लगता है. इसे स्टार्वेशन मोड कहते हैं. इंसान का वजन तेजी से गिरने लगता है. हड्डियां दिखने लगती हैं और उठने-बैठने में भी आंखों के सामने अंधेरा छाने लगता है. ब्लड प्रेशर और पल्स रेट खतरनाक स्तर तक नीचे गिर जाते हैं.

सबसे पहले कौन-सा अंग करता है काम करना बंद?

यहीं वह पड़ाव है, जहां शरीर अंदर से टूटने लगता है. भूख हड़ताल में सबसे पहला और सबसे घातक प्रहार किडनी और हार्ट पर होता है.

  • किडनी का फेल होना: जब शरीर अपनी ही मांसपेशियों को तोड़ता है तो खून में जहरीले तत्व बढ़ने लगते हैं. इन्हें छानकर बाहर निकालने का काम किडनी का होता है. भोजन न मिलने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स (पोटैशियम, सोडियम) का संतुलन बिगड़ जाता है. पानी के अलावा कोई पोषक तत्व न मिलने के कारण किडनी पर इन जहर को साफ करने का काफी ज्यादा प्रेशर पड़ता है और वह सबसे पहले काम करना बंद करने लगती है. इसे एक्यूट किडनी इंजरी कहा जाता है.
  • हार्ट पर मंडराता खतरा: शरीर में पोटैशियम और मैग्नीशियम कम होते ही दिल की धड़कनें अनियमित हो जाती हैं. हार्ट के लिए खून पंप करना मुश्किल हो जाता है. लंबी भूख हड़ताल में हार्ट अटैक से मौत का खतरा सबसे ज्यादा रहता है.

कब पूरी तरह फेल हो जाता है सिस्टम?

मेडिकल साइंस के अनुसार, 3 हफ्ते बाद शरीर का पूरा सिस्टम शटडाउन की तरफ बढ़ने लगता है. यही वजह है कि सोनम वांगचुक ने अक्सर अपने अनशन की सीमा 21 दिन ही रखी है, क्योंकि इसके बाद मौत का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है.

आखिरी स्टेज में कैसे बचती है जान?

जब कोई व्यक्ति 21 दिन या उससे ज्यादा लंबी भूख हड़ताल तोड़ता है तो जान बचाना बहुत नाजुक प्रक्रिया होती है. उसे तुरंत रोटी या चावल नहीं दिया जा सकता. अगर भूखे इंसान को अचानक भारी खाना खिला दिया जाए तो शरीर उसे बर्दाश्त नहीं कर पाता. इस स्थिति को रीफीडिंग सिंड्रोम कहते हैं, जिससे हार्ट फेल हो सकता है और तुरंत मौत हो सकती है.

जान बचाने का मेडिकल तरीका

  • ड्रिप का सहारा: सबसे पहले नसों में ड्रिप के जरिए इलेक्ट्रोलाइट्स (पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम) और जरूरी विटामिन्स सीधे खून में पहुंचाए जाते हैं.
  • लिक्विड पदार्थ: मरीज को नींबू पानी, नारियल पानी या बहुत पतले जूस की कुछ-कुछ बूंदें या चम्मच से लिक्विड चीजें दी जाती हैं. आपने देखा होगा कि सोनम वांगचुक अपना अनशन हमेशा जूस पीकर ही तोड़ते हैं.
  • हफ्तों की निगरानी: लगातार अनशन से पाचन तंत्र पूरी तरह सिकुड़ जाता है. ऐसे में डॉक्टरों की निगरानी में मरीज को कई हफ्तों तक रहना पड़ता है और धीरे-धीरे सॉलिड फूड देकर उसे ठीक किया जाता है.

ये भी पढ़ें: दुनिया में सबसे पहले किसने की थी भूख हड़ताल? जानिए किसके खिलाफ शुरू हुआ था यह विरोध

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

About the author सोनम

जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. 

लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. अमर उजाला में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद दैनिक जागरण के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं.

ट्रैवल उनका इंटरेस्ट  एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Robotic Valve Replacement: सफदरजंग का विश्व रिकॉर्ड, रोबोट से की अनोखी हार्ट सर्जरी
सफदरजंग का विश्व रिकॉर्ड, रोबोट से की अनोखी हार्ट सर्जरी
 Kidney Health Tips:दिल नहीं किडनी का भी रखिए ख्याल, इन पांच आदतों को अपनाकर पाएं हेल्दी लाइफ
दिल नहीं किडनी का भी रखिए ख्याल, इन पांच आदतों को अपनाकर पाएं हेल्दी लाइफ
साल में तीन हेल्थ चेकअप घटा सकते हैं अस्पताल का खर्च, रिपोर्ट में खुलासा
साल में तीन हेल्थ चेकअप घटा सकते हैं अस्पताल का खर्च, रिपोर्ट में खुलासा
दूध नहीं पीता बच्चा? ये चीजें नहीं होने देंगी कैल्शियम की कमी
दूध नहीं पीता बच्चा? ये चीजें नहीं होने देंगी कैल्शियम की कमी
Advertisement

वीडियोज

Mahadev & Sons: Narmada ने दी बड़ी खुशखबरी, किन्नर के भेष में Mogra का बाप देगा झटका!
Bollywood News: सालों बाद आमने-सामने कंगना-ऋतिक, वायरल मीम्स पर ऋतिक के रिएक्शन से भड़कीं कंगना (02.08.26)
Ranbir Kapoor के Lord Ram रोल के सपोर्ट में Dipika Chikhlia, बोलीं- एक्टर हर किरदार निभा सकता है
Pakistan में छाया Ramayana Trailer, Ranbir Kapoor, Yash और Sai Pallavi की हो रही तारीफ
Ramayana Trailer के बाद Kangana Ranaut का पुराना Sita लुक चर्चा में, एक पोस्ट से मचा बवाल
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
होर्मुज को लेकर ओमान-ईरान के बीच फाइनल हुई डील, बनेगा नया रास्ता?
होर्मुज को लेकर ओमान-ईरान के बीच फाइनल हुई डील, बनेगा नया रास्ता?
Datia Bypoll Result 2026 Live: शुरुआती रुझानों के बीच ही नरोत्तम मिश्रा ने दे दी बधाई, वोटों की गिनती जारी
Live: दतिया में शुरुआती रुझानों के बीच ही नरोत्तम मिश्रा ने दे दी बधाई, वोटों की गिनती जारी
अभिजीत दीपके को इस छात्रा ने याद दिलाई उनकी बात, बोली- 'आपने कहा था कि...'
अभिजीत दीपके को इस छात्रा ने याद दिलाई उनकी बात, बोली- 'आपने कहा था कि...'
'मैं राक्षस बन गया था, सेट पर शराब पीता था', राम कपूर ने बताया क्यों बंद हुआ था 'बड़े अच्छे लगते हैं' शो
राम कपूर ने बताया क्यों बंद हुआ था 'बड़े अच्छे लगते हैं'? बोले- 'मैं सेट पर शराब पीता था'
वनडे की 5 सबसे बड़ी साझेदारियां, 11 साल से ये रिकॉर्ड कायम
वनडे की 5 सबसे बड़ी साझेदारियां, 11 साल से ये रिकॉर्ड कायम
Xप्लेन: Google और OpenAI जैसी कंपनियों पर भारत की निर्भरता कितनी खतरनाक?
Google और OpenAI जैसी कंपनियों पर भारत की निर्भरता कितनी खतरनाक?
अखिलेश को OP राजभर ने दी कव्वाली सीखने की सलाह, कहा- 2027 के बाद...
अखिलेश को OP राजभर ने दी कव्वाली सीखने की सलाह, कहा- 2027 के बाद...
World Breastfeeding Week 2026: बच्चे के लिए कितना जरूरी है मां का दूध, इसमें कितना पोषण?
बच्चे के लिए कितना जरूरी है मां का दूध, इसमें कितना पोषण?
Embed widget