एक्सप्लोरर

कितनी धूप में सबसे ज्यादा बिजली बनाते हैं सोलर पैनल? जानें हिसाब

Solar Panel Energy Output: सोलर पैनल सबसे ज्यादा बिजली पीक सन आवर्स में बनाते हैं. अगर ओरिएंटेशन या टिल्ट में गड़बड़ कर दी जाए तो इनकी एफिशिएंसी पर बुरा असर पड़ता है.

Solar Panel Energy Output: सोलर पैनल सबसे ज्यादा बिजली पीक सन आवर्स में बनाते हैं. अगर ओरिएंटेशन या टिल्ट में गड़बड़ कर दी जाए तो इनकी एफिशिएंसी पर बुरा असर पड़ता है.

Solar Panel Energy Output: सोलर पैनल को बिजली बनाने के लिए सनलाइट की जरूरत होती है. इसका मतलब यह नहीं है कि सूरज निकलने से लेकर सूरज के छिपने तक सोलर पैनल लगातार एक समान एनर्जी आउटपुट देते रहेंगे. सुबह-शाम एनर्जी आउटपुट कम हो जाता है तो दोपहर के समय जब सूरज से पैनल को डायरेक्ट सनलाइट मिल रही होती है तो एनर्जी प्रोडक्शन बढ़ जाता है.

1/7
सोलर पैनल को कितनी डायरेक्ट और कितने घंटे सनलाइट मिल रही है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप दुनिया के किस कोने में रहते हैं. इसके अलावा पैनल के एंगल, टिल्ट और मौसम जैसे फैक्टर्स का भी इस पर असर होता है. यही वजह है कि राजस्थान में लगा सोलर एनर्जी सिस्टम केरल में लगे समान सिस्टम के मुकाबले ज्यादा एनर्जी जनरेट करेगा. मैक्सिमम एनर्जी जनरेशन के लिए पैनल को ज्यादा से ज्यादा घंटे सीधी धूप में रहना बहुत जरूरी होता है.
सोलर पैनल को कितनी डायरेक्ट और कितने घंटे सनलाइट मिल रही है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप दुनिया के किस कोने में रहते हैं. इसके अलावा पैनल के एंगल, टिल्ट और मौसम जैसे फैक्टर्स का भी इस पर असर होता है. यही वजह है कि राजस्थान में लगा सोलर एनर्जी सिस्टम केरल में लगे समान सिस्टम के मुकाबले ज्यादा एनर्जी जनरेट करेगा. मैक्सिमम एनर्जी जनरेशन के लिए पैनल को ज्यादा से ज्यादा घंटे सीधी धूप में रहना बहुत जरूरी होता है.
2/7
जब सनलाइट की बात आती है तो ज्यादातर लोग सोचते हैं कि सूरज निकलने से लेकर छिपने तक रहने वाली सनलाइट को काउंट किया जाता है. असल में सोलर पैनल के मामले में ऐसा नहीं होता. मैक्सिमम इनपुट के लिए सोलर पैनल को कड़ी और तेज धूप की जरूरत होती है. अगर पीक सन आवर की बात करें तो इसका मतलब उस एक घंटे से है, जब धूप सबसे तेज होती है और इसकी इंटेंसिटी 1,000 वॉट प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच जाती है. इस दौरान सोलर पैनल सबसे ज्यादा बिजली बनाते हैं.
जब सनलाइट की बात आती है तो ज्यादातर लोग सोचते हैं कि सूरज निकलने से लेकर छिपने तक रहने वाली सनलाइट को काउंट किया जाता है. असल में सोलर पैनल के मामले में ऐसा नहीं होता. मैक्सिमम इनपुट के लिए सोलर पैनल को कड़ी और तेज धूप की जरूरत होती है. अगर पीक सन आवर की बात करें तो इसका मतलब उस एक घंटे से है, जब धूप सबसे तेज होती है और इसकी इंटेंसिटी 1,000 वॉट प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच जाती है. इस दौरान सोलर पैनल सबसे ज्यादा बिजली बनाते हैं.
3/7
पीक सन आवर्स से ही यह तय होता है कि आपके घर की छत पर लगा सोलर सिस्टम कितनी बिजली जनरेट करेगा. पैनल लगाने से पहले आप पीक सन आवर्स से यह पता लगा सकते हैं कि आप जिस सिस्टम को लगाना चाह रहे हैं, वह कितनी बिजली बनाएगा, आपको कितने साइज के पैनल लगाने होंगे और आप जो पैसा खर्च कर रहे हैं, उसका रिटर्न कब तक पूरा हो जाएगा.
पीक सन आवर्स से ही यह तय होता है कि आपके घर की छत पर लगा सोलर सिस्टम कितनी बिजली जनरेट करेगा. पैनल लगाने से पहले आप पीक सन आवर्स से यह पता लगा सकते हैं कि आप जिस सिस्टम को लगाना चाह रहे हैं, वह कितनी बिजली बनाएगा, आपको कितने साइज के पैनल लगाने होंगे और आप जो पैसा खर्च कर रहे हैं, उसका रिटर्न कब तक पूरा हो जाएगा.
4/7
पीक सन आवर्स की संख्या दुनिया के अलग-अलग कोनों में अलग-अलग होती है. भारत की बात करें तो राजस्थान में 6-7 घंटे पीक सन आवर्स होते हैं, वहीं यूनाइटेड किंगडम में यह समय केवल 2-3 घंटे का होता है. अमेरिका के कैलिफॉर्निया में धूप ज्यादा रहने के कारण यहां पीक आवर्स 5-6 घंटे और जर्मनी में लगभग 3 घंटे ही होते हैं. कम पीक आवर्स का मतलब है कि पैनल की एनर्जी आउटपुट कम रहने वाली है और आपको जरूरतें पूरा करने के लिए बड़े सिस्टम की जरूरत पड़ेगी.
पीक सन आवर्स की संख्या दुनिया के अलग-अलग कोनों में अलग-अलग होती है. भारत की बात करें तो राजस्थान में 6-7 घंटे पीक सन आवर्स होते हैं, वहीं यूनाइटेड किंगडम में यह समय केवल 2-3 घंटे का होता है. अमेरिका के कैलिफॉर्निया में धूप ज्यादा रहने के कारण यहां पीक आवर्स 5-6 घंटे और जर्मनी में लगभग 3 घंटे ही होते हैं. कम पीक आवर्स का मतलब है कि पैनल की एनर्जी आउटपुट कम रहने वाली है और आपको जरूरतें पूरा करने के लिए बड़े सिस्टम की जरूरत पड़ेगी.
5/7
पीक सन आवर्स इस बात पर डिपेंड करते हैं कि आप इक्वेटर से कितना दूर या पास रहते हैं. भारत अफ्रीका, साउथईस्ट एशिया और साउथ अमेरिका के कई देश इक्वेटर के पास हैं, जिसका मतलब है कि वहां ज्यादा तेज और चिलचिलाती धूप होगी. दूसरी तरफ कनाडा, नॉर्दन यूरोप और नॉर्दन एशिया के देश इक्वेटर से दूर हैं, जिस वजह से वहां धूप कम रहती है.
पीक सन आवर्स इस बात पर डिपेंड करते हैं कि आप इक्वेटर से कितना दूर या पास रहते हैं. भारत अफ्रीका, साउथईस्ट एशिया और साउथ अमेरिका के कई देश इक्वेटर के पास हैं, जिसका मतलब है कि वहां ज्यादा तेज और चिलचिलाती धूप होगी. दूसरी तरफ कनाडा, नॉर्दन यूरोप और नॉर्दन एशिया के देश इक्वेटर से दूर हैं, जिस वजह से वहां धूप कम रहती है.
6/7
पैनल ऑरिएंटेशन से एनर्जी आउटपुट पर असर पड़ता है. नॉर्दन हेमिस्फेयर वाले देशों में पैनल को साउथ फेसिंग लगाना चाहिए वहीं सदर्न हेमिस्फेयर वाले देशों में पैनल का ओरिएंटेशन नॉर्थ फेसिंग होना चाहिए. इसके अलावा latitude के हिसाब से पैनल का टिल्ट एंगल सेट करना चाहिए. उदाहरण के तौर पर अहमदाबाद में पैनल का टिल्ट 23 डिग्री, जबकि अमेरिका के न्यूयॉर्क में यह 40 डिग्री के करीब होना चाहिए.
पैनल ऑरिएंटेशन से एनर्जी आउटपुट पर असर पड़ता है. नॉर्दन हेमिस्फेयर वाले देशों में पैनल को साउथ फेसिंग लगाना चाहिए वहीं सदर्न हेमिस्फेयर वाले देशों में पैनल का ओरिएंटेशन नॉर्थ फेसिंग होना चाहिए. इसके अलावा latitude के हिसाब से पैनल का टिल्ट एंगल सेट करना चाहिए. उदाहरण के तौर पर अहमदाबाद में पैनल का टिल्ट 23 डिग्री, जबकि अमेरिका के न्यूयॉर्क में यह 40 डिग्री के करीब होना चाहिए.
7/7
अगर ओरिएंटेशन और टिल्ट का ध्यान न रखा जाए तो इसके कई नुकसान हैं. खराब टिल्ट से एनर्जी आउटपुट में 10-25 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है. इसी तरह शेडिंग का रिस्क भी बढ़ जाता है. गलत ओरिएंटेशन और टिल्ट के कारण पैनल पीक आवर्स के दौरान मैक्सिमम एफिशिएंसी तक नहीं पहुंच पाएंगे.
अगर ओरिएंटेशन और टिल्ट का ध्यान न रखा जाए तो इसके कई नुकसान हैं. खराब टिल्ट से एनर्जी आउटपुट में 10-25 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है. इसी तरह शेडिंग का रिस्क भी बढ़ जाता है. गलत ओरिएंटेशन और टिल्ट के कारण पैनल पीक आवर्स के दौरान मैक्सिमम एफिशिएंसी तक नहीं पहुंच पाएंगे.

टेक्नोलॉजी फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola
Advertisement
Advertisement
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

सस्ते Earbuds ढूंढ रहे हैं, BoAt के ये 3 ऑप्शन देख लें
सस्ते Earbuds ढूंढ रहे हैं, BoAt के ये 3 ऑप्शन देख लें
सर्दियों में गीजर चलाते समय न करें ये गलतियां, बिजली बिल पर पड़ सकता है असर
सर्दियों में गीजर चलाते समय न करें ये गलतियां, बिजली बिल पर पड़ सकता है असर
7 इंच की स्क्रीन, स्मार्ट होम का कंट्रोल! Apple HomeView लॉन्च
7 इंच की स्क्रीन, स्मार्ट होम का कंट्रोल! Apple HomeView लॉन्च
Apple के Welcome Home इवेंट में क्या-क्या हुआ लॉन्च? यहां देखें पूरी लिस्ट
Apple के Welcome Home इवेंट में क्या-क्या हुआ लॉन्च? यहां देखें पूरी लिस्ट
Advertisement

वीडियोज

सोशल मीडिया की हसीन 'विष कन्या !
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल का पूरा प्लान क्या है?
चाय की चुस्की CEC के खिलाफ विपक्ष की 'नई रणनीति' !
एक चाय, दो बिस्किट-SIR की जंग में कौन 'हिट'
राहुल का प्रोटेस्ट..अमित शाह ने संभाल लिया 'मोर्चा'

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
राहुल गांधी और डीके शिवकुमार के वीडियो पर बवाल, BJP ने बताया कर्नाटक का अपमान
राहुल गांधी और डीके शिवकुमार के वीडियो पर बवाल, BJP ने बताया कर्नाटक का अपमान
अनुष्का के भाई आकाश यादव का बड़ा आरोप, '…पूरे परिवार की हत्या हो जाएगी'
अनुष्का के भाई आकाश यादव का बड़ा आरोप, '…पूरे परिवार की हत्या हो जाएगी'
फ्लाईदुबई विमान घटनाः UAE पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मालदीव के दो पायलट गिरफ्तार
फ्लाईदुबई विमान घटनाः UAE पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मालदीव के दो पायलट गिरफ्तार
सचिन तेंदुलकर के इन 3 रिकॉर्ड्स को कोई नहीं तोड़ पाएगा, विराट-रूट के लिए भी असंभव
सचिन तेंदुलकर के इन 3 रिकॉर्ड्स को कोई नहीं तोड़ पाएगा, विराट-रूट के लिए भी असंभव
'पति पत्नी और पंगा 2': सिर पर पल्लू लिए सास का हाथ थामे दिखीं मनोज तिवारी की पत्नी सुरभि
'पति पत्नी और पंगा 2': सिर पर पल्लू लिए सास का हाथ थामे दिखीं मनोज तिवारी की पत्नी सुरभि
यूपी में कहीं बारिश तो कहीं मौसम रहेगा शुष्क, IMD ने दिया अलर्ट
यूपी में कहीं बारिश तो कहीं मौसम रहेगा शुष्क, IMD ने दिया अलर्ट
जोधपुर पंचायत चुनाव: किसका पलड़ा रहेगा भारी? 196 प्रत्याशियों ने भरे नामांकन
जोधपुर पंचायत चुनाव: किसका पलड़ा रहेगा भारी? 196 प्रत्याशियों ने भरे नामांकन
जंतर-मंतर पर नहीं होंगे प्रदर्शन, यह जगह कैसे बनी थी लोकतंत्र की आवाज?
जंतर-मंतर पर नहीं होंगे प्रदर्शन, यह जगह कैसे बनी थी लोकतंत्र की आवाज?
Embed widget