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Google Maps का ये छुपा हुआ जुगाड़ जान लिया तो लेट होना भूल जाएंगे! ट्रैफिक खुद रास्ता छोड़ देगा

Google Maps: अगर आपने कभी यह महसूस किया है कि गूगल मैप्स चलाने के बावजूद आप समय पर नहीं पहुंच पाते, तो आप अकेले नहीं हैं. ज्यादातर लोग यही सोचते हैं कि मैप्स सिर्फ रास्ता दिखाने का काम करता है.

Google Maps: अगर आपने कभी यह महसूस किया है कि गूगल मैप्स चलाने के बावजूद आप समय पर नहीं पहुंच पाते, तो आप अकेले नहीं हैं. ज्यादातर लोग यही सोचते हैं कि मैप्स सिर्फ रास्ता दिखाने का काम करता है.

अगर आपने कभी यह महसूस किया है कि गूगल मैप्स चलाने के बावजूद आप समय पर नहीं पहुंच पाते, तो आप अकेले नहीं हैं. ज्यादातर लोग यही सोचते हैं कि मैप्स सिर्फ रास्ता दिखाने का काम करता है. हम लोकेशन डालते हैं, स्टार्ट दबाते हैं और निकल पड़ते हैं, लेकिन ट्रैफिक, गलत टाइमिंग या भीड़ के कारण मंजिल पर पहुंचते-पहुंचते देर हो ही जाती है. चाहे ऑफिस की अहम मीटिंग हो या ट्रेन और फ्लाइट पकड़नी हो, देर से पहुंचने की झुंझलाहट हर किसी ने महसूस की है. लेकिन गूगल मैप्स में एक ऐसा स्मार्ट फीचर मौजूद है जो इस परेशानी को काफी हद तक खत्म कर सकता है.

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असल में गूगल मैप्स सिर्फ नेविगेशन ऐप नहीं है, बल्कि सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह आपके समय को मैनेज करने वाला एक पर्सनल असिस्टेंट बन सकता है. इसमें एक खास सेटिंग है जिसके जरिए आप पहले से तय कर सकते हैं कि आपको अपनी मंजिल पर किस समय पहुंचना है. इसके बाद गूगल मैप्स खुद यह हिसाब लगाता है कि आपको घर से कितनी देर पहले निकलना चाहिए, ताकि आप बिल्कुल सही वक्त पर वहां पहुंच सकें.
असल में गूगल मैप्स सिर्फ नेविगेशन ऐप नहीं है, बल्कि सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह आपके समय को मैनेज करने वाला एक पर्सनल असिस्टेंट बन सकता है. इसमें एक खास सेटिंग है जिसके जरिए आप पहले से तय कर सकते हैं कि आपको अपनी मंजिल पर किस समय पहुंचना है. इसके बाद गूगल मैप्स खुद यह हिसाब लगाता है कि आपको घर से कितनी देर पहले निकलना चाहिए, ताकि आप बिल्कुल सही वक्त पर वहां पहुंच सकें.
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इस फीचर को आमतौर पर “Arrive by” या “Depart at” के नाम से जाना जाता है. जब आप गूगल मैप्स को यह बता देते हैं कि आपको किसी जगह, मान लीजिए सुबह 10 बजे तक पहुंचना है तो ऐप अपने पास मौजूद पुराने ट्रैफिक डेटा, उस दिन और समय के पैटर्न और मौजूदा ट्रैफिक अपडेट्स का विश्लेषण करता है. इसके बाद यह आपको एक सटीक समय बताता है कि कब निकलना सबसे बेहतर रहेगा. यानी अब आपको अंदाजा लगाने या आखिरी वक्त में दौड़भाग करने की जरूरत नहीं पड़ती.
इस फीचर को आमतौर पर “Arrive by” या “Depart at” के नाम से जाना जाता है. जब आप गूगल मैप्स को यह बता देते हैं कि आपको किसी जगह, मान लीजिए सुबह 10 बजे तक पहुंचना है तो ऐप अपने पास मौजूद पुराने ट्रैफिक डेटा, उस दिन और समय के पैटर्न और मौजूदा ट्रैफिक अपडेट्स का विश्लेषण करता है. इसके बाद यह आपको एक सटीक समय बताता है कि कब निकलना सबसे बेहतर रहेगा. यानी अब आपको अंदाजा लगाने या आखिरी वक्त में दौड़भाग करने की जरूरत नहीं पड़ती.
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इस सेटिंग को इस्तेमाल करना भी काफी आसान है लेकिन जानकारी के अभाव में ज्यादातर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं. जब आप गूगल मैप्स में अपनी मंजिल चुनकर दिशा-निर्देश देखते हैं तो ऊपर की तरफ दिए गए ऑप्शन में जाकर आप पहुंचने या निकलने का समय सेट कर सकते हैं.
इस सेटिंग को इस्तेमाल करना भी काफी आसान है लेकिन जानकारी के अभाव में ज्यादातर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं. जब आप गूगल मैप्स में अपनी मंजिल चुनकर दिशा-निर्देश देखते हैं तो ऊपर की तरफ दिए गए ऑप्शन में जाकर आप पहुंचने या निकलने का समय सेट कर सकते हैं.
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जैसे ही आप अपना तय समय डालते हैं, मैप्स आपको तुरंत बता देता है कि उस समय ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए आपको कितनी बजे घर से निकलना चाहिए.
जैसे ही आप अपना तय समय डालते हैं, मैप्स आपको तुरंत बता देता है कि उस समय ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए आपको कितनी बजे घर से निकलना चाहिए.
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इस फीचर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ अनुमान पर नहीं चलता. गूगल मैप्स करोड़ों यूजर्स से मिले डेटा और रियल-टाइम ट्रैफिक जानकारी के आधार पर कैलकुलेशन करता है. नतीजा यह होता है कि आप बिना घबराए, आराम से निकलते हैं और लेट होने की टेंशन लगभग खत्म हो जाती है. एक बार अगर आपने इस ‘सीक्रेट’ को अपना लिया तो समय पर पहुंचना आपके लिए आदत बन जाएगा.
इस फीचर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ अनुमान पर नहीं चलता. गूगल मैप्स करोड़ों यूजर्स से मिले डेटा और रियल-टाइम ट्रैफिक जानकारी के आधार पर कैलकुलेशन करता है. नतीजा यह होता है कि आप बिना घबराए, आराम से निकलते हैं और लेट होने की टेंशन लगभग खत्म हो जाती है. एक बार अगर आपने इस ‘सीक्रेट’ को अपना लिया तो समय पर पहुंचना आपके लिए आदत बन जाएगा.

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