एक्सप्लोरर

बिना टूटे कैसे मुड़ जाती है Foldable फोन की स्क्रीन? जानें तकनीक

Foldable Phone: फोल्डेबल फोन की स्क्रीन नॉर्मल स्मार्टफोन की तरह केवल हार्ड कांच से नहीं बनी होती है. इसमें कई पतली और लचीली लेयर्स का इस्तेमाल किया जाता है.

Foldable Phone: फोल्डेबल फोन की स्क्रीन नॉर्मल स्मार्टफोन की तरह केवल हार्ड कांच से नहीं बनी होती है. इसमें कई पतली और लचीली लेयर्स का इस्तेमाल किया जाता है.

भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में प्रीमियम और फोल्डेबल स्मार्टफोन का क्रेज काफी तेजी से बढ़ा है. फोल्डेबल फोन की सबसे बड़ी खास बात ये होती है कि इन्हें आप अपनी जरूरत के हिसाब से छोटा या बड़ा कर सकते हैं क्योंकि इनकी स्क्रीन बीच से आसानी से मुड़ जाती है. लेकिन अब सवाल ये आता है कि नॉर्मल स्मार्टफोन की स्क्रीन को मोड़ना संभव नहीं होता है तो फोल्डेबल फोन की स्क्रीन कैसे मुड़ जाती है. आइए जानते हैं कि इन फोन में कौन सी तकनीक का इस्तेमाल होता है.

1/6
फोल्डेबल फोन की स्क्रीन नॉर्मल स्मार्टफोन की तरह केवल हार्ड कांच से नहीं बनी होती है. इसमें कई पतली और लचीली लेयर्स का इस्तेमाल किया जाता है. इनमें सबसे जरूरी होता है Flexible OLED या AMOLED पैनल.
फोल्डेबल फोन की स्क्रीन नॉर्मल स्मार्टफोन की तरह केवल हार्ड कांच से नहीं बनी होती है. इसमें कई पतली और लचीली लेयर्स का इस्तेमाल किया जाता है. इनमें सबसे जरूरी होता है Flexible OLED या AMOLED पैनल.
2/6
OLED टेक्नोलॉजी में अलग बैकलाइट की जरूरत नहीं होती है इसलिए स्क्रीन को बेहद पतला बनाया जा सकता है. यही पतलापन इसे मोड़ने में मदद करता है. साथ ही इसकी सेफ्टी के लिए इसके ऊपर बेहद पतली और लचीली कवर लेयर लगाई जाती है.
OLED टेक्नोलॉजी में अलग बैकलाइट की जरूरत नहीं होती है इसलिए स्क्रीन को बेहद पतला बनाया जा सकता है. यही पतलापन इसे मोड़ने में मदद करता है. साथ ही इसकी सेफ्टी के लिए इसके ऊपर बेहद पतली और लचीली कवर लेयर लगाई जाती है.
3/6
कई एडवांस फोल्डेबल फोन में Ultra-Thin Glass यानी UTG का इस्तेमाल किया जाता है. ये नॉर्मल स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाले कांच के मुकाबले में काफी पतला होता है और कुछ हद तक मुड़ भी सकता है. हालांकि, सिर्फ ग्लास ही पूरी स्क्रीन को फ्लेक्सिबल नहीं बनाता है. स्क्रीन के नीचे मौजूद OLED पैनल, टच सेंसर, सेफ्टी लेयर और दूसरे जरूरी कंपोनेंट्स को भी इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वे बार-बार मुड़ने पर भी काम करते रहें.
कई एडवांस फोल्डेबल फोन में Ultra-Thin Glass यानी UTG का इस्तेमाल किया जाता है. ये नॉर्मल स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाले कांच के मुकाबले में काफी पतला होता है और कुछ हद तक मुड़ भी सकता है. हालांकि, सिर्फ ग्लास ही पूरी स्क्रीन को फ्लेक्सिबल नहीं बनाता है. स्क्रीन के नीचे मौजूद OLED पैनल, टच सेंसर, सेफ्टी लेयर और दूसरे जरूरी कंपोनेंट्स को भी इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वे बार-बार मुड़ने पर भी काम करते रहें.
4/6
जानकारी के अनुसार, फोल्डेबल डिस्प्ले को एक ही ठोस प्लेट की तरह नहीं बनाया जाता है. इसमें कई बेहद पतली परतें होती हैं जिन्हें स्पेशल मटेरियल और टेक्नोलॉजी की मदद से तैयार किया जाता है. ऐसे में जब फोन बंद या खुलता है तो ये लेयर्स कंट्रोल्ड तरीके से मुड़ती हैं. इसके साथ ही डिस्प्ले के अलग-अलग पार्ट्स पर पड़ने वाला प्रेशर भी डिजाइन के जरिए कम किया जाता है जिससे स्क्रीन पर कोई नुकसान न आए.
जानकारी के अनुसार, फोल्डेबल डिस्प्ले को एक ही ठोस प्लेट की तरह नहीं बनाया जाता है. इसमें कई बेहद पतली परतें होती हैं जिन्हें स्पेशल मटेरियल और टेक्नोलॉजी की मदद से तैयार किया जाता है. ऐसे में जब फोन बंद या खुलता है तो ये लेयर्स कंट्रोल्ड तरीके से मुड़ती हैं. इसके साथ ही डिस्प्ले के अलग-अलग पार्ट्स पर पड़ने वाला प्रेशर भी डिजाइन के जरिए कम किया जाता है जिससे स्क्रीन पर कोई नुकसान न आए.
5/6
फोल्डेबल फोन में केवल स्क्रीन ही खास नहीं होती है बल्कि इसका hinge यानी काज भी एक अहम भूमिका निभाता है. ये काज स्क्रीन को एक निश्चित एंगल और डॉयरेक्शन में मोड़ने में मदद करता है.
फोल्डेबल फोन में केवल स्क्रीन ही खास नहीं होती है बल्कि इसका hinge यानी काज भी एक अहम भूमिका निभाता है. ये काज स्क्रीन को एक निश्चित एंगल और डॉयरेक्शन में मोड़ने में मदद करता है.
6/6
आपको बता दें कि फोल्डेबल फोन की स्क्रीन को हजारों-लाखों बार मोड़ने और खोलने के हिसाब से टेस्ट किया जाता है. फोन बनाने वाली कंपनी इसके लिए अलग-अलग कंडिशन में स्क्रीन और hinge की durability को चेक करते हैं. फिर भी इसका मतलब ये नहीं होता है कि फोल्डेबल फोन की फोन को कोई नुकसान नहीं पहुंच सकता है.
आपको बता दें कि फोल्डेबल फोन की स्क्रीन को हजारों-लाखों बार मोड़ने और खोलने के हिसाब से टेस्ट किया जाता है. फोन बनाने वाली कंपनी इसके लिए अलग-अलग कंडिशन में स्क्रीन और hinge की durability को चेक करते हैं. फिर भी इसका मतलब ये नहीं होता है कि फोल्डेबल फोन की फोन को कोई नुकसान नहीं पहुंच सकता है.

टेक्नोलॉजी फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola
Advertisement
Advertisement
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

अब चश्मे में मिलेगा ChatGPT? Nothing बना रहा है AI Smart Glasses!
अब चश्मे में मिलेगा ChatGPT? Nothing बना रहा है AI Smart Glasses!
ऑनलाइन विज्ञापनों से कैसे जासूसी कर रहा था इजरायल? रिसर्च में खुलासा
ऑनलाइन विज्ञापनों से कैसे जासूसी कर रहा था इजरायल? रिसर्च में खुलासा
अब ऐप डाउनलोड के साथ खरीदें फोन! Google Play Store में आया नया फीचर
अब ऐप डाउनलोड के साथ खरीदें फोन! Google Play Store में आया नया फीचर
कितने का आता है फेसियल रिकॉग्निशन कैमरा, क्या-क्या होते हैं फीचर्स?
कितने का आता है फेसियल रिकॉग्निशन कैमरा, क्या-क्या होते हैं फीचर्स?
Advertisement

वीडियोज

'इच्छाधारी बीवी' को सजा-ए-मौत!
विदेश से 'मंतर' अराजक 'जंतर'
संविधान नहीं..सड़कतंत्र पर भरोसा ?
CEC पर दिल्ली में NON-STOP बवाल...तख्तापलट का ट्रेलर?
Bollywood News: 'रामायण' का हॉलीवुड में डंका,  3 घंटे 15 मिनट की होगी महागाथा! (16.10.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अभिजीत दीपके की हिरासत पर शशि थरूर का रिएक्शन, 'दिल्ली पुलिस आपको...'
अभिजीत दीपके को हिरासत में लेने पर शशि थरूर का रिएक्शन, 'दिल्ली पुलिस आपको...'
CBI अधिकारियों से मिले अंकिता भंडारी के माता-पिता, निष्पक्ष जांच का मिला भरोसा
CBI अधिकारियों से मिले अंकिता भंडारी के माता-पिता, निष्पक्ष जांच का मिला भरोसा
प्रशांत भूषण के रिजीम चेंज वाले बयान पर बोले योगेंद्र यादव बोले- 'ये भारत का...'
प्रशांत भूषण के रिजीम चेंज वाले बयान पर बोले योगेंद्र यादव बोले- 'ये भारत का...'
पैनिक अटैक, शराब की लत, 26 दिन रिहैब सेंटर...तलाक के बाद बुरी तरह टूट गए थे युजवेंद्र चहल
पैनिक अटैक, शराब की लत, 26 दिन रिहैब सेंटर...तलाक के बाद बुरी तरह टूट गए थे युजवेंद्र चहल
शमी-भुवी फिर नजरअंदाज, हार्दिक गायब; NZ दौर के लिए टीम इंडिया के चयन पर सवाल
शमी-भुवी फिर नजरअंदाज, हार्दिक गायब; NZ दौर के लिए टीम इंडिया के चयन पर सवाल
'सपा जॉइन कई लेहला का...', सच होगा रवि किशन का तंज? अखिलेश से मिले BJP पार्षद
'सपा जॉइन कई लेहला का...', सच होगा रवि किशन का तंज? अखिलेश से मिले BJP पार्षद
JEE Mains के लिए कब से शुरू हो रहे रजिस्ट्रेशन? ये डॉक्यूमेंट्स रखें तैयार
JEE Mains के लिए कब से शुरू हो रहे रजिस्ट्रेशन? ये डॉक्यूमेंट्स रखें तैयार
मेकअप टिप्स; इंडियन स्किन टोन के लिए ऐसे चुनें सही फाउंडेशन और ब्लश
मेकअप टिप्स; इंडियन स्किन टोन के लिए ऐसे चुनें सही फाउंडेशन और ब्लश
Embed widget