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मिल गई दूसरी पृथ्वी! वैज्ञानिकों की नई खोज ने सबको हिला डाला, जानें क्या है दावा
Super Earth: द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल की रिसर्च से पता चला है कि एक्सोप्लैनेट एलएचएस 1140 बी एक सुपर-अर्थ हो सकती है. वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस एक्सोप्लैनेट पर पानी भी हो सकता है
पृथ्वी की एक और खोज हुई (फाइल फोटो)
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अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की एक टीम ने धरती के अलावा रहने लायक एक्सोप्लैनेट की एक अहम खोज की है. ये पृथ्वी की तरह ही दिखनें वाला एक गृह होता है. द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, शोध करने पर पता चला है कि एक्सोप्लैनेट एलएचएस 1140 बी एक सुपर-धरती हो सकता है. इस दौरान वैज्ञानिकों का मानना है कि इस एक्सोप्लैनेट पर पानी से भरा समुद्र होने की भी संभावना है. बताया जा रहा है कि एक्सोप्लैनेट एलएचएस 1140 बी नक्षत्र सेटस में करीब 48 प्रकाश साल दूरी पर स्थित है.
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दरअसल, यूनिवर्सिटी डी मॉन्ट्रियल की ओर से किए गए रिसर्च से पता चलता है कि एलएचएस 1140 बी जिसे शुरुआत में एक छोटा-नेपच्यून माना जाता था. जिसमें एक मोटा हाइड्रोजन युक्त वायुमंडल था. मगर, अब जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के नए डेटा से पता चलता है कि यह पृथ्वी से बड़ा एक चट्टानों से बना हुआ ग्रह है.
Published at : 10 Jul 2024 09:07 AM (IST)
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