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Chhappan Bhog: छप्पन भोग केवल व्यंजन नहीं, भक्ति का प्रतीक है
Chhappan Bhog: भारत की धार्मिक परंपराओं में 56 भोग सिर्फ खाने की थाली नहीं, बल्कि आस्था, भक्ति और आभार का प्रतीक हैं. हर व्यंजन में भगवान को अर्पित करने की भावना छुपी होती है.
भक्ति, आस्था और कृतज्ञता का पर्व
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भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं में छप्पन भोग सिर्फ 56 व्यंजनों की सूची आस्था, कृतज्ञता और सेवा का जीवंत प्रतीक है. गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव पर मंदिरों और घरों में 56 प्रकार के पकवान सजाए जाते हैं.
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छप्पन भोग का रहस्य दो महत्वपूर्ण बातों पर आधारित है. भगवत पुराण के अनुसार जब इंद्रदेव ने व्रज पर प्रलयंकारी वर्षा की, तब श्रीकृष्ण ने सात दिन तक गोवर्धन पर्वत उठाकर गोपालकों और गायों की रक्षा की. इस दौरान उन्होंने न भोजन किया, न विश्राम किया. वैष्णव परंपरा में ठाकुरजी की सेवा दिन के आठ खंडों में होती है. इन आठ खंडों में नैवेद्य अर्पित किया जाता है. सात दिन यह आठ सेवाएं दी जाती है. यानी कि 56 तरह के व्यंजन के भोग लगते हैं.
Published at : 18 Oct 2025 08:51 AM (IST)
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