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Doctors Save Mother Or Baby: डिलीवरी के वक्त परेशानी होने पर डॉक्टर मां को बचा सकता है या बच्चे को? ये है नियम
Doctors Save Mother Or Baby: मां बनना हर औरत के लिए खास एहसास होता है. लेकिन अगर डिलीवरी के वक्त मां और बच्चे दोनों की जान को खतरा हो तो आखिर डॉक्टर किसकी जान बचाता है. इस आर्टिकल में पढ़ें.
Doctors Save Mother Or Baby: एक महिला के लिए मां बनना बहुत ही सुखद एहसास है. नौ महीने का ये सफर तमाम शारीरिक और मानसिक बदलावों से भरा हुआ होता है. ये सिर्फ एक महिला ही नहीं बल्कि पूरे परिवार का जीवन बदलकर रख देता है. जैसे-जैसे बच्चा बढ़ता मां और बेबी के बीच एक खास रिश्ता बनता जाता है. बेबी के आने से पहले परिवार के सभी लोगों को बहुत उम्मीदें होती हैं. आप उसके लिए नए कपड़े, खिलौने और ढेर सारा सामान खरीदते हैं. बच्चे के लिए हर शौक पूरे किए जाते हैं, फिर आता है डिलीवरी का वक्त. हॉस्पिटल लेकर जाने के बाद अगर डिलीवरी से पहले डॉक्टर कहता है कि मां और बच्चा दोनों की जान को खतरा है. ऐसे में डॉक्टर का फर्ज क्या बनता है और नियम क्या कहता है कि मां और बच्चे में से किसकी जान बचाई जानी चाहिए. आइए जानते हैं.
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मेडिकल की भाषा में कहें तो प्रेग्नेंसी के ट्राइमेस्टर्स में से किसी भी ट्राइमेस्टर में मां या बच्चे की जान को खतरा हो सकता है. लेकिन ऐसी कंडीशन में डॉक्टर मां की जिंदगी बचाएगा.
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इस दौरान अगर डॉक्टर बिना मां की जान को खतरे में डाले बच्चे की जान बचा सकता है तो बच्चे की भी जान बचाई जाएगी, लेकिन प्राथमिकता मां की जान की होती है.
Published at : 07 Mar 2025 08:05 PM (IST)
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