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कॉपर या कांच की बोतल... किसमें पानी पीना बेस्ट? जानें फायदे-नुकसान और मिथ से जुड़ी हर बात
तांबे और कांच की बोतल में पानी पीने के अपने फायदे और नुकसान हैं. तांबे का पानी बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करता है, लेकिन गलत इस्तेमाल से नुकसान हो सकता है. जानिए दोनों में क्या बेहतर है.
हम लोग अक्सर पानी की बोतलें मौसम के अनुसार बदलते हैं, जिनमें कांच की बोतल और कॉपर की बोतल शामिल होती हैं. कांच की बोतल में पानी पीने से पानी के स्वाद में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं आता, जबकि कॉपर की बोतल में पानी पीने से स्वाद में फर्क महसूस होता है. हालांकि कॉपर की बोतल में रखा पानी शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद माना जाता है. यह इम्युनिटी बढ़ाने, त्वचा को चमकदार रखने और जोड़ों के दर्द में राहत देने में मदद कर सकता है. वहीं कांच किसी भी प्रकार का रसायन पानी में नहीं छोड़ता. वैसे तो दोनों ही बोतलों में पानी पीने से कोई सीधा नुकसान नहीं होता, लेकिन इनके गुणों में काफी अंतर है.
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तांबे में प्राकृतिक रूप से एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं. अगर पानी को करीब 16 घंटे तक तांबे के बर्तन में रखा जाए, तो उसमें मौजूद ई.कोलाई, साल्मोनेला और शिगेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया नष्ट हो सकते हैं. तांबा पानी को शुद्ध रखने और हानिकारक कीटाणुओं को खत्म करने में अहम भूमिका निभाता है. इसलिए तांबे या कॉपर की बोतल में पानी पीना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है और यह कई बीमारियों से बचाव में मदद कर सकता है.
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तांबे की बोतल में रखा पानी शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है और त्वचा के लिए भी लाभकारी माना जाता है. तांबा शरीर में मौजूद एंजाइम्स की कार्यक्षमता को बढ़ाता है और कोलेजन बनने में सहायक होता है. इसके अलावा तांबा वजन घटाने, गठिया की समस्या और दिल से जुड़ी बीमारियों में भी फायदेमंद बताया जाता है.
Published at : 07 Jan 2026 07:06 AM (IST)
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