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सर्दियों में तेजी से बढ़ती है थायरॉइड की समस्या, स्वामी रामदेव ने बताया इससे बचने का तरीका
नॉर्थ इंडिया में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. शीतलहर के कारण लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है. ऐसे मौसम में थायरॉइड मरीज को इन खास बात का ख्याल रखना चाहिए.
हर दूसरा व्यक्ति सर्दी, खांसी और बुखार से जूझ रहा है. इस मौसम में ये सबसे आम समस्याएं हैं, लेकिन अगर आपको बार-बार सर्दी-जुकाम, गले में सूजन और दर्द, बदन दर्द और आलस्य और थकान के कारण हर समय कुछ करने का मन नहीं करता, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें.
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ये थायरॉक्सिन हार्मोन असंतुलन के लक्षण भी हो सकते हैं. शायद बहुत कम लोग जानते होंगे कि ठंड के मौसम में शरीर को गर्म रखने का काम सांस की नली के ऊपर मौजूद तितली के आकार की थायरॉइड ग्रंथि करती है. ज्यादा ठंड होने पर इस ग्रंथि पर भी शरीर को गर्म रखने का दबाव आता है.
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ऐसे में हाइपोथायरायड के मरीजों में थायरॉक्सिन हार्मोन का कम उत्पादन होने से शरीर की ठंड से लड़ने की क्षमता कम होने लगती है. इसे कोल्ड इनटॉलेरेंस भी कहते हैं. इस स्थिति में मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है. नतीजतन वजन और खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है, जिससे दिल को खतरा होता है.
Published at : 20 Jan 2025 07:03 PM (IST)
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