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बिहार और झारखंड के छठ प्रसाद में क्या है फर्क, जान लें दोनों राज्यों के बीच का अंतर?
इस पूजा की एक और बड़ी खासियत इसका प्रसाद है, यानी वो विशेष खाना जो व्रत रखने वाले लोग बड़े नियम और शुद्धता से बनाते हैं, चाहे बिहार हो या झारखंड, दोनों राज्यों में छठ प्रसाद में गजब का टेस्ट होता है.
छठ पूजा सिर्फ एक त्योहार नहीं है, ये आस्था, श्रद्धा और परंपरा का ऐसा संगम है, जिसमें पूरे परिवार और समाज की एकजुटता साफ नजर आती है. खासकर बिहार और झारखंड में इस पर्व का बहुत गहरा महत्व है. सूरज की पूजा और घाटों पर व्रत वाले लोगों की कतारें, ये नजारे छठ के समय आम हो जाते हैं. लेकिन इस पूजा की एक और बड़ी खासियत इसका प्रसाद है, यानी वो विशेष खाना जो व्रत रखने वाले लोग बड़े नियम और शुद्धता से बनाते हैं, चाहे बिहार हो या झारखंड, दोनों राज्यों में छठ प्रसाद में गजब का टेस्ट होता है, पर इनके बनाने का तरीका, सामग्री और परंपरा थोड़ी-थोड़ी अलग होती है. तो आइए जानते हैं कि बिहार और झारखंड के छठ प्रसाद में क्या फर्क है और क्या खासियत है.
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बिहार में ठेकुआ को छठ पूजा का सबसे जरूरी प्रसाद माना जाता है. इसे गेहूं के आटे, गुड़ और देसी घी से तैयार किया जाता है और खास लकड़ी के सांचे से आकार दिया जाता है. इसे धीमी आंच पर तला जाता है जिससे इसकी खुशबू पूरे घर में फैल जाती है. वहीं झारखंड में भी ठेकुआ बनता है, लेकिन कई बार इसमें नारियल पाउडर या तिल भी मिलाया जाता है, जो इसे थोड़ा अलग टेस्ट देता है. कई परिवार इसमें इलायची या सौंफ का भी यूज करते हैं.
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बिहार में कसर के लड्डू यानी चावल के आटे से बने लड्डू छठ का एक खास हिस्सा होते हैं. इन्हें देसी घी में भूनकर गुड़ के साथ मिलाया जाता है. लेकिन झारखंड में नारियल के लड्डू का चलन ज्यादा है. नारियल, खोया और गुड़ से बने ये लड्डू छठ के प्रसाद में मिठास और खुशबू दोनों जोड़ते हैं.
Published at : 22 Oct 2025 07:45 PM (IST)
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