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NASA से रिटायर हुईं सुनीता विलियम्स, जानें अब उन्हें कितनी पेंशन मिलेगी?

भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने नासा से रिटायरमेंट ले लिया है.27 साल के करियर के बाद अब उन्हें कितनी पेंशन मिलेगी और रिटायरमेंट के बाद नासा कौन-कौन सी सुविधाएं देगा, जानिए पूरी जानकारी.

भारतीय मूल की मशहूर अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने नासा से संन्यास लेकर अंतरिक्ष विज्ञान के एक ऐतिहासिक अध्याय का समापन कर दिया है. करीब 27 साल तक नासा के साथ जुड़ी रहने के बाद अब उनका सक्रिय अंतरिक्ष करियर समाप्त हो गया है। इस फैसले के बाद लोगों के मन में यह जानने की जिज्ञासा है कि नासा में रहते हुए उन्हें कितनी सैलरी मिलती थी, रिटायरमेंट के बाद उन्हें कितनी पेंशन मिलेगी और नासा की ओर से उन्हें आगे कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी.

सुनीता विलियम्स नासा की सबसे अनुभवी अंतरिक्ष यात्रियों में गिनी जाती हैं. उन्होंने कई बार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की यात्रा की और लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहकर अहम रिसर्च और तकनीकी जिम्मेदारियां निभाईं. हाल ही में वह अपने एक साथी अंतरिक्ष यात्री के साथ मिशन पर गई थीं, जो तकनीकी कारणों से तय समय से काफी लंबा खिंच गया. इस दौरान उन्हें लगभग नौ महीने तक ISS पर रहना पड़ा, जो उनके करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण और यादगार मिशनों में से एक माना जाता है.

27 साल के शानदार करियर का अंत

सुनीता विलियम्स का नाम नासा के सबसे अनुभवी और भरोसेमंद अंतरिक्ष यात्रियों में लिया जाता है. अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर तीन अहम मिशन पूरे किए. उन्होंने न सिर्फ वैज्ञानिक प्रयोगों में अहम भूमिका निभाई, बल्कि कई बार अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहकर रिकॉर्ड भी बनाए.27 साल की सेवा के बाद उनका रिटायरमेंट नासा के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है.उनके साथ एक ऐसा दौर खत्म हुआ है, जिसमें उन्होंने अंतरिक्ष मिशनों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया.

नासा में कितनी थी सैलरी

रिटायरमेंट से पहले सुनीता विलियम्स नासा के सबसे सीनियर वेतन स्तर GS-15 पर कार्यरत थीं. यह ग्रेड फेडरल कर्मचारियों में सबसे ऊंचे पदों में से एक माना जाता है. इस स्तर पर रहते हुए उन्हें सालाना लगभग 1.20 से 1.30 करोड़ रुपये के बराबर वेतन मिलता था. इस सैलरी के साथ उन्हें मिशन अलाउंस, रिसर्च सुविधाएं और सरकारी लाभ भी दिए जाते थे. लंबे अनुभव और कई अंतरिक्ष मिशनों की वजह से उनका वेतन स्तर नासा में काफी मजबूत माना जाता था.

रिटायरमेंट के बाद कितनी मिलेगी पेंशन 

रिटायरमेंट के बाद सुनीता विलियम्स को नासा के फेडरल एम्प्लॉइज रिटायरमेंट सिस्टम (FERS) के तहत पेंशन मिलेगी. यह पेंशन उनकी कुल सेवा अवधि और औसत सैलरी के आधार पर तय की जाती है.इसके अलावा उन्हें अमेरिका की सोशल सिक्योरिटी स्कीम का भी लाभ मिलेगा, जिससे हर महीने एक तय रकम मिलती रहेगी. लंबे और सीनियर करियर के कारण उनकी पेंशन को आर्थिक रूप से मजबूत माना जा रहा है, जिससे रिटायरमेंट के बाद उन्हें किसी तरह की आर्थिक परेशानी नहीं होगी.

रिटायरमेंट के बाद नासा से मिलने वाली सुविधाएं 

नासा से रिटायर होने के बाद भी सुनीता विलियम्स को कई सुविधाएं मिलती रहेंगी. इनमें स्वास्थ्य बीमा, जीवन बीमा और थ्रिफ्ट सेविंग प्लान (TSP) शामिल है. TSP के जरिए नौकरी के दौरान की गई बचत रिटायरमेंट के बाद उनके काम आएगी.

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रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

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