एक्सप्लोरर
जगद्गुरु शंकराचार्य, ऋषि, मुनि, योगी, साधु, सन्यासी और संत में क्या अंतर है? तस्वीरों के जरिए समझें?
Hinduism: हममें से ज्यादातर लोग शंकराचार्य, ऋषि, मुनि, साधु, संत, योगी और संन्यासी को एक जैसा ही समझ लेते हैं, जबकि असल में ये सब अलग होते हैं. इनका कार्य, आध्यात्मिक ज्ञान, रहन-सहन सब अलग होता है.
जगद्गुरु शंकराचार्य, ऋषि, मुनि, योगी, साधु, सन्यासी और संत में अंतर
1/9

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, भारत में मठों की शुरुआत आदि शंकराचार्य ने की थी. हिंदू दार्शनिक और धर्म गुरु होने के कारण, उन्हें जगद्गुरु शंकराचार्य के नाम से जाना जाता है, जो सनातन धर्म की रक्षा और प्रसार करने का काम करते हैं. इस कार्य के लिए उन्होंने अपने प्रमुख 4 शिष्यों को देश के चारों दिशाओं में स्थापित किए गए मठों का जिम्मा सौंपा. इन मठों के प्रमुख को शंकराचार्य के नाम से जाना जाता है. सनातन धर्म में इनका स्थान सर्वोच्च है. भारत में कुल 4 शंकराचार्य हैं.
2/9

ऋषि, मुनि, योगी, साधु, संत और संन्यासी के बीच अधिकतर लोग अंतर नहीं कर पाते हैं. आज के इस लेख के माध्यम से हम आपको भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के के जरिए इन सवाल का जवाब देंगे.
Published at : 10 Sep 2025 08:30 AM (IST)
और देखें
Advertisement
Advertisement
Advertisement
टॉप हेडलाइंस
विश्व
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
विश्व
क्रिकेट




























