दिल्ली से करीब साढ़े चार हजार किलोमीटर दूर सीरिया से लगे देश तुर्की में सेना के एक गुट ने तख्तापल़ट का दावा किया लेकिन उनकी यह कोशिश नाकाम रहीं. जहां पूरे तुर्की में सेना की एक टुकड़ी ने तख्तापलट की कोशिश की तो वहीं दूसरी ओर तुर्की के लोग लोकतंत्र को बचाने के लिए सड़कों पर उतर आए. आगे की स्लाइड्स में देखिए लोकतंत्र को बचाने के लिए सेना का संघर्ष.
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तुर्की के लोगों के कारण ही आज इस देश का लोकतंत्र बच पाया है.
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दिल्ली से करीब साढ़े चार हजार किलोमीटर दूर सीरिया से लगे देश तुर्की में सेना के एक गुट ने तख्तापल़ट का दावा किया लेकिन उनकी यह कोशिश नाकाम रहीं. जहां पूरे तुर्की में सेना की एक टुकड़ी ने तख्तापलट की कोशिश की तो वहीं दूसरी ओर तुर्की के लोग लोकतंत्र को बचाने के लिए सड़कों पर उतर आए. आगे की स्लाइड्स में देखिए लोकतंत्र को बचाने के लिए सेना का संघर्ष.
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फिलहाल तुर्की में सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया गया है.
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लोकतंत्र को बचाने के लिए तुर्की में जगह जगह संघर्ष हो रहा है.
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सेना प्रमुख को सैनिक मुख्यालय में ही बंधक बना लिया गया है और पूरे तुर्की में कर्फ्यू लगा दिया गया है.
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तुर्की के पीएम बिनाली युल्दरम ने एक बयान में कहा है कि तख्तापलट की कोशिश के बाद ‘हालात काफी हद तक नियंत्रण में हैं.’
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बगावत को नाकाम करार दे दिया गया है और लोगों ने सड़कों पर उतरकर तख्तापलट का जोरदार विरोध किया है.
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वहां के टीवी के हवाले से बताया गया है कि अंकारा में तख्तापलट की कोशिश के दौरान हुए संघर्ष में 196 लोगों की मौत हो गई है.
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उन्होंने बताया है कि तख्तापलट की कोशिश के संबंध में 120 से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए हैं.
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तुर्की में बागियों ने सरकारी टेलीविजन पर कब्जा करके तख्तापलट का एलान कर दिया था.