एक्सप्लोरर

शराब पीने से पहले दो बूंद जमीन पर क्यों गिराते हैं, कहां से शुरू हुई ये परंपरा?

Liquor On Ground: देश में शराब की पहली बूंद धरती को अर्पित करने की परंपरा सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि भावनाओं, आस्थाओं और पुरानी संस्कृतियों का संगम है. आइए जानते हैं कि यह कब से शुरू हुई.

Liquor On Ground: देश में शराब की पहली बूंद धरती को अर्पित करने की परंपरा सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि भावनाओं, आस्थाओं और पुरानी संस्कृतियों का संगम है. आइए जानते हैं कि यह कब से शुरू हुई.

शराब पीने से पहले जमीन पर दो-तीन बूंदें टपकाने की रस्म को कई लोग बस एक पुरानी आदत समझते हैं, पर इसके पीछे सदियों से चली आ रही मान्यताओं और रहस्यमय परंपराओं की लंबी कहानी छिपी है. भारत से लेकर दुनिया के कई देशों तक यह अनोखी प्रथा अलग-अलग अर्थों में निभाई जाती रही है. कोई इसे शुभ संकेत मानता है, कोई देवताओं और पूर्वजों के प्रति सम्मान का तरीका, तो कोई नकारात्मक शक्तियों को दूर रखने की कोशिश. ऐसे में सवाल उठता है कि ऐसा क्यों करते हैं और ये परंपरा आखिर शुरू कहां से हुई?

1/9
भारत के कई हिस्सों में शराब का गिलास हाथ में आते ही लोग उंगलियों से कुछ बूंदें बाहर छिड़कते दिख जाते हैं. अक्सर इसे एक स्वाभाविक हरकत समझ लिया जाता है, लेकिन इस छोटे से कर्म के पीछे गहरा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक इतिहास है.
भारत के कई हिस्सों में शराब का गिलास हाथ में आते ही लोग उंगलियों से कुछ बूंदें बाहर छिड़कते दिख जाते हैं. अक्सर इसे एक स्वाभाविक हरकत समझ लिया जाता है, लेकिन इस छोटे से कर्म के पीछे गहरा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक इतिहास है.
2/9
माना जाता है कि धरती पर गिराई गई पहली बूंदें किसी अदृश्य शक्ति को समर्पित होती हैं, मानो पीने वाला व्यक्ति कह रहा हो कि यह घूंट मेरे लिए, और इसकी पहली निशानी उन शक्तियों के नाम, जो मुझे सुरक्षित रखें.
माना जाता है कि धरती पर गिराई गई पहली बूंदें किसी अदृश्य शक्ति को समर्पित होती हैं, मानो पीने वाला व्यक्ति कह रहा हो कि यह घूंट मेरे लिए, और इसकी पहली निशानी उन शक्तियों के नाम, जो मुझे सुरक्षित रखें.
3/9
भारत में इस परंपरा को भैरवनाथ की पूजा से भी जोड़कर देखा गया है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भैरवनाथ उन शक्तियों के रक्षक माने जाते हैं जो साधकों को नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक उलझनों से बचाती हैं.
भारत में इस परंपरा को भैरवनाथ की पूजा से भी जोड़कर देखा गया है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भैरवनाथ उन शक्तियों के रक्षक माने जाते हैं जो साधकों को नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक उलझनों से बचाती हैं.
4/9
शराब छिड़कने को उनके प्रति सम्मान और सुरक्षा की कामना के प्रतीक के रूप में देखा जाता था. समय के साथ यह धार्मिक परंपरा धीरे-धीरे आम सामाजिक आदत में बदल गई.
शराब छिड़कने को उनके प्रति सम्मान और सुरक्षा की कामना के प्रतीक के रूप में देखा जाता था. समय के साथ यह धार्मिक परंपरा धीरे-धीरे आम सामाजिक आदत में बदल गई.
5/9
दिलचस्प बात यह है कि यह प्रथा केवल भारत की नहीं है. यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका के कई हिस्सों में भी शराब या किसी पेय को पहले जमीन पर अर्पित करने की परंपरा रही है, जिसे वहां लाइबेशन कहा जाता है.
दिलचस्प बात यह है कि यह प्रथा केवल भारत की नहीं है. यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका के कई हिस्सों में भी शराब या किसी पेय को पहले जमीन पर अर्पित करने की परंपरा रही है, जिसे वहां लाइबेशन कहा जाता है.
6/9
कैम्ब्रिज डिक्शनरी ‘लाइबेशन’ को मृतकों या देवताओं की स्मृति में अर्पित की जाने वाली शराब के रूप में परिभाषित करती है. ग्रीस और रोम की प्राचीन सभ्यताओं में लोग पीने से पहले देवताओं के नाम शराब टपकाते थे, ताकि आगामी यात्रा, युद्ध या समारोह के लिए उनका आशीर्वाद मिले.
कैम्ब्रिज डिक्शनरी ‘लाइबेशन’ को मृतकों या देवताओं की स्मृति में अर्पित की जाने वाली शराब के रूप में परिभाषित करती है. ग्रीस और रोम की प्राचीन सभ्यताओं में लोग पीने से पहले देवताओं के नाम शराब टपकाते थे, ताकि आगामी यात्रा, युद्ध या समारोह के लिए उनका आशीर्वाद मिले.
7/9
अफ्रीकी देशों में इस परंपरा को पूर्वजों के प्रति सम्मान के रूप में निभाया जाता रहा है. अमेरिका में कई समुदाय आज भी किसी महत्वपूर्ण क्षण पर जमीन पर शराब की कुछ बूंदें गिराकर अपने दिवंगत प्रियजनों को याद करते हैं.
अफ्रीकी देशों में इस परंपरा को पूर्वजों के प्रति सम्मान के रूप में निभाया जाता रहा है. अमेरिका में कई समुदाय आज भी किसी महत्वपूर्ण क्षण पर जमीन पर शराब की कुछ बूंदें गिराकर अपने दिवंगत प्रियजनों को याद करते हैं.
8/9
यानी यह परंपरा वैश्विक है. शराब का पहला अंश किसी ‘ऊपर वाली शक्ति’ या ‘अनदेखे रक्षक’ को समर्पित किया जाता है. भारत के ग्रामीण इलाकों में एक मान्यता यह भी है कि शराब की प्रथम बूंदें छिड़कने से बुरी नजर दूर रहती है.
यानी यह परंपरा वैश्विक है. शराब का पहला अंश किसी ‘ऊपर वाली शक्ति’ या ‘अनदेखे रक्षक’ को समर्पित किया जाता है. भारत के ग्रामीण इलाकों में एक मान्यता यह भी है कि शराब की प्रथम बूंदें छिड़कने से बुरी नजर दूर रहती है.
9/9
माना जाता है कि शराब में ‘आकर्षण’ की ऊर्जा होती है जो किसी भी नकारात्मकता को खींच सकती है, इसलिए उसका एक छोटा हिस्सा जमीन को अर्पित कर दिया जाता है ताकि वह नकारात्मक प्रभाव वहीं समाप्त हो जाए और पीने वाला सुरक्षित रहे.
माना जाता है कि शराब में ‘आकर्षण’ की ऊर्जा होती है जो किसी भी नकारात्मकता को खींच सकती है, इसलिए उसका एक छोटा हिस्सा जमीन को अर्पित कर दिया जाता है ताकि वह नकारात्मक प्रभाव वहीं समाप्त हो जाए और पीने वाला सुरक्षित रहे.

जनरल नॉलेज फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Insect Without Head : बिना सिर के हफ्तों जिंदा रह सकता है यह जीव, मौत भी मान लेती है हार!
बिना सिर के हफ्तों जिंदा रह सकता है यह जीव, मौत भी मान लेती है हार!
Bank Locker Tips: बैंक लॉकर से गायब हो जाए पैसा तो क्या करें, कहां से मिलेगा वापस?
बैंक लॉकर से गायब हो जाए पैसा तो क्या करें, कहां से मिलेगा वापस?
पाकिस्तान में जेल में बंद कैदी का कौन कराता है इलाज, सरकार या घरवाले?
पाकिस्तान में जेल में बंद कैदी का कौन कराता है इलाज, सरकार या घरवाले?
US Driving License As Voter ID Card: जैसे भारत में वोटर कार्ड, वैसे अमेरिका में मतदान के लिए क्या जरूरी?
जैसे भारत में वोटर कार्ड, वैसे अमेरिका में मतदान के लिए क्या जरूरी?

वीडियोज

Bollywood News: तलाक की अफवाहों के बीच कोर्ट पहुंचीं सुनीता आहूजा! पैपराजी को देखकर बदला अंदाज, फैंस हुए हैरान (19.08.26)
Chugalkhor Aunty: 🫨चुगलखोर आंटी के साथ देखिए चुगलियों का पिटारा #sbs
Bigg Boss House में भूत? Himanshi Khurana का डरावना दावा, बोलीं- कोई गला दबा रहा था
Bhojpuri Bawal में Pawan Singh की ‘तीसरी बीवी’ बनेंगी Amrapali Dubey? मजेदार बातचीत वायरल
Sunita Ahuja विवाद के बीच Govinda का Thailand Club Dance Video Viral, Fans ने किया React

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
तेजस्वी बोले- संजय झा ने नीतीश कुमार को फंसाया, ये लोग अमित शाह का चेला
तेजस्वी बोले- संजय झा ने नीतीश को फंसाया, ये लोग अमित शाह का चेला
ईरान जंग में फुस्स रहे MQ-9 ड्रोन, फिर क्यों भारत ने की अमेरिका से डील?
ईरान जंग में फुस्स रहे MQ-9 ड्रोन, फिर क्यों भारत ने की अमेरिका से डील?
'पीठ पीछे थोड़ी ना घूम रहे थे', सुनीता के आरोपों पर भड़कीं पूनम पांडे, बोलीं- गोविंदा को मेरा 100% सपोर्ट
सुनीता के आरोपों पर भड़कीं पूनम पांडे, बोलीं- गोविंदा को मेरा 100% सपोर्ट
CM रेवंत रेड्डी पर भड़कीं मंत्री की बेटी, कहा- 'तुम्हारे भाई...'
CM रेवंत रेड्डी पर भड़कीं मंत्री की बेटी, कहा- 'तुम्हारे भाई...'
50, 60 और आज 65 रुपये! तीन दिन में चीनी के दाम बढ़े, फीका होगा रक्षाबंधन
50, 60 और आज 65 रुपये! तीन दिन में चीनी के दाम बढ़े, फीका होगा रक्षाबंधन
सौरव गांगुली स्टाइल में सेलिब्रेशन, लॉर्ड्स की बालकनी में टीम इंडिया ने उतारी शर्ट
सौरव गांगुली स्टाइल में सेलिब्रेशन, लॉर्ड्स की बालकनी में टीम इंडिया ने उतारी शर्ट
'सूर्या मानसिक संघर्ष से गुजरे', राधिका सरतकुमार ने बयां किया एक्टर का दर्द, तारीफ में कहा ये
'सूर्या मानसिक संघर्ष से गुजरे', राधिका सरतकुमार ने बयां किया एक्टर का दर्द
'रहमान डकैत' से शुक्राचार्य बने अक्षय खन्ना, असुरों के गुरु की कहानी कर देगी हैरान
'रहमान डकैत' से शुक्राचार्य बने अक्षय खन्ना, असुरों के गुरु की कहानी कर देगी हैरान
Embed widget