अमेरिका और इजरायल से कितने दिन जंग लड़ सकता है ईरान, जानें उसके पास कितना गोला-बारूद?
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच महायुद्ध अपने पांचवें दिन में है. अमेरिका ने अपने दो विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर और F-22 जेट्स के जरिए ईरान को निशाना बनाया है. आइए जानें कि ईरान के पास कितना गोला-बारूद है.

मध्य पूर्व में बारूद की जंग अब एक भीषण महायुद्ध का रूप ले चुकी है. अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बीच ईरान पांचवें दिन भी डटा हुआ है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि उन्होंने ईरान की कमर तोड़ दी है, लेकिन तेहरान के तेवर बता रहे हैं कि यह लड़ाई इतनी जल्दी खत्म नहीं होगी. क्या ईरान हफ्तों तक टिक पाएगा या चंद दिनों में उसके हथियार जवाब दे जाएंगे? इस महायुद्ध के हर पहलू और सैन्य ताकत का सटीक विश्लेषण जान लेते हैं.
पांचवें दिन के युद्ध के हालात
मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग अब अपने सबसे निर्णायक मोड़ पर है. आज युद्ध का पांचवां दिन है और मिसाइलों की गड़गड़ाहट से पूरा इलाका दहल रहा है. अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के सैन्य ढांचे पर बड़े प्रहार किए हैं, लेकिन ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि यह हमला ईरान द्वारा नियोजित एक बड़े अटैक को रोकने के लिए 'प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक' थी. हालांकि, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई सहित कई शीर्ष नेताओं के मारे जाने की खबरों ने तेहरान में खलबली मचा दी है, फिर भी ईरान की सेना पलटवार कर रही है.
ईरान की जवाबी कार्रवाई
ईरान ने इस युद्ध को केवल अपनी सीमाओं तक सीमित नहीं रखा है. उसने बहरीन, कुवैत, कतर और यूएई जैसे अरब देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भीषण मिसाइल हमले किए हैं. ईरान ने इजरायल पर भी 70 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची का स्पष्ट कहना है कि वे शांति और जंग, दोनों के लिए तैयार हैं.
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कितने दिन चलेगा यह युद्ध?
सैन्य विश्लेषकों के बीच इस बात को लेकर दो राय है. इसको लेकर अनुमान लगाया जा रहा है कि युद्ध 7 से 10 दिन चल सकता है. अमेरिका की मारक क्षमता को देखते हुए जानकारों का कहना है कि ईरान अधिकतम एक हफ्ते से 10 दिन तक टिक पाएगा. उसके गोला-बारूद की सप्लाई लाइन कट चुकी है.
साल 2025 में हुई 12 दिनों की जंग का उदाहरण देते हुए कुछ विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर ईरान ने 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को ब्लॉक कर दिया, तो वैश्विक तेल संकट खड़ा हो जाएगा और यह जंग महीनों खिंच सकती है.
ईरान के पास कितना गोला-बारूद है बचा?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईरान कितने दिन और टिक पाएगा? सैन्य रिपोर्टों के अनुसार, 2025 में हुई 12-दिन की जंग और मौजूदा हमलों के बाद ईरान का शस्त्रागार काफी प्रभावित हुआ है.
मिसाइलें: जंग शुरू होने से पहले ईरान के पास लगभग 3,000 बैलिस्टिक मिसाइलें थीं. इजरायली खुफिया एजेंसी (IDF) के मुताबिक, पिछली जंगों और हालिया हमलों में ईरान की आधी से ज्यादा मिसाइलें और करीब 200 लॉन्चर्स तबाह हो चुके हैं. फिलहाल ईरान के पास 1,000 से 1,500 के करीब मिसाइलें बची होने का अनुमान है.
मिसाइल सिटी: ईरान की असली ताकत उसके पहाड़ों के नीचे बनी 'अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी' है. ये बंकर जमीन से 500 मीटर नीचे हैं, जहां हजारों कामिकेज (आत्मघाती) ड्रोन और मिसाइलें छिपी हैं. इन्हें नष्ट करना अमेरिका के लिए भी बड़ी चुनौती है.
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Source: IOCL



























