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लाल, नीले या काले नहीं, हवाई जहाज का रंग हमेशा सफेद ही क्यों होता है?
हवाई जहाज का सफेद रंग कोई संयोग नहीं, बल्कि सुरक्षा, विज्ञान और पैसे से जुड़ा सोच-समझा फैसला है. आइए विस्तार से समझते हैं कि प्लेन का रंग सफेद क्यों होता है.
आसमान में जब भी कोई हवाई जहाज गुजरता है, हमारी नजर सबसे पहले उसके विशाल आकार और तेज रफ्तार पर जाती हैं. लेकिन एक बात जो लगभग हर प्लेन में एक जैसी होती है, वह है उसका रंग. न लाल, न नीला, न काला- ज्यादातर हवाई जहाज सफेद ही क्यों होते हैं? क्या यह सिर्फ परंपरा है या इसके पीछे कोई गहरा विज्ञान और बड़ा खर्च जुड़ा है? इस सवाल का जवाब जानकर आप अगली उड़ान में प्लेन को बिल्कुल अलग नजर से देखेंगे. चलिए जानें.
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हवाई जहाज से यात्रा करना आज भी बहुत से लोगों के लिए खास अनुभव होता है. जो लोग सफर कर चुके हैं, उन्होंने गौर किया होगा कि दुनिया की लगभग हर बड़ी एयरलाइन के विमान सफेद रंग के ही होते हैं. भले ही उन पर अलग-अलग रंगों की ब्रांडिंग हो, लेकिन मूल रंग अधिकतर सफेद ही रहता है. इसके पीछे सिर्फ डिजाइन नहीं, बल्कि सुरक्षा, विज्ञान और खर्च से जुड़े कई ठोस कारण हैं.
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हवाई जहाज जमीन से कई किलोमीटर ऊपर उड़ते हैं, जहां वे सीधे तेज धूप के संपर्क में रहते हैं. ऊंचाई पर सूरज की किरणें ज्यादा प्रभावी होती हैं और विमान का ढांचा जल्दी गर्म हो सकता है. सफेद रंग की खासियत यह है कि वह सूरज की रोशनी को ज्यादा रिफ्लेक्ट करता है.
Published at : 26 Jan 2026 04:29 PM (IST)
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