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क्या होती है इद्दत, क्यों इस पीरियड में दूसरा निकाह नहीं कर सकतीं मुस्लिम महिलाएं?
Iddat Period: मुस्लिम समाज में इद्दत का वक्त सिर्फ महिलाओं के लिए तलाक और पति की मौत के बाद इंतजार का समय होता है. लेकिन इसका पालन करना महिला के लिए जरूरी होता है.
इद्दत इस्लाम में एक ऐसी अवधि को माना जाता है, जिसका महिला को अपने पति की मृत्यु या फिर तलाक के बाद के समय का पालन करना होता है. वैसे तो इद्दत का टाइम परिस्थिति के अनुसार बदलता रहता है, लेकिन इसका वक्त आमतौर पर तलाक के मामले में तीन महीने और पति की मौत के बाद चार महीने और दस दिन होता है. चलिए जानें कि इस पीरियड में मुस्लिम महिलाएं दूसरा निकाह क्यों नहीं कर सकती हैं.
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इद्दत एक इंतजार का टाइम होता है, जिसका पालन किसी महिला को तब करना होता है, जब उसके शौहर की मौत हो जाती है. इन दिनों में एक महिला तय वक्त तक शादी नहीं कर सकती है.
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इसका वक्त करीब चार महीने लंबा होता है. तलाक के बाद इंतजार की इस अवधि को मानना जरूरी होता है. वैसे तो इस पीरियड को कुरू कहा जाता है, लेकिन आम बोलचाल में इसे इद्दत भी कहते हैं.
Published at : 21 Apr 2025 06:27 PM (IST)
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