Iran-US War: ‘US का सबसे बड़ा युद्धपोत भी फेल...’, ईरान का बड़ा दावा, जानें मुस्लिम देशों से क्या की अपील
Iran-America War: ईरानी सेना के प्रवक्ता जनरल शेखारची ने कहा कि मुस्लिम देशों को ईरान और उसके लोगों पर भरोसा करना चाहिए और आपसी एकता और सहयोग के जरिए उन विरोधी ताकतों का सामना करना चाहिए.

- ईरानी सेना ने मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील की है.
- ईरान ने अमेरिकी सैन्य क्षमता पर सवाल उठाते हुए भरोसा न करने को कहा.
- ईरान ने दावा किया कि अमेरिकी युद्धपोत 'अब्राहम लिंकन' पीछे हटा.
- ईरान का कहना है कि आपसी एकता से क्षेत्र में स्थिरता आएगी.
अमेरिका और इजरायल के साथ जंग के बीच ईरान की सेना ने दुनिया के अन्य मुस्लिम देशों के नेताओं से एकजुट होने की अपील की है. ईरानी सेना के प्रवक्ता जनरल शेखारची ने कहा कि इस्लामी दुनिया को मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में एकजुट होने की जरूरत है. मुस्लिम देशों को इस्लामी गणराज्य (ईरान) और उसके लोगों पर भरोसा करना चाहिए और आपसी एकता और सहयोग के जरिए उन विरोधी ताकतों का सामना करना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि आइए हम सभी अमेरिका और जायनिस्टों के नेतृत्व में चल रहे अविश्वास और पाखंड के खिलाफ इस्लामी दुनिया की एकता के लिए एकजुट हों.
ईरान ने अमेरिकी सेना की ताकत पर उठाए सवाल
जनरल शेखारची ने अपने बयान में अमेरिकी सेना की ताकत पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने इस्लामिक नेताओं से कहा कि अमेरिका की खोखली ताकत पर भरोसा न करें. अमेरिका की सैन्य क्षमता उतनी मजबूत नहीं है, जितनी अक्सर दिखाई जाती है. वह अपनी कमजोर होती सेना की भी पूरी तरह से रक्षा नहीं कर सकता है और न ही वह मुस्लिम देशों और पूरे इलाके की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाएगा.
उन्होंने कहा कि मुस्लिम देशों के बीच एकजुटता ही पूरे क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है. इस्लामी दुनिया को अपने सामूहिक हितों की रक्षा के लिए मिलकर कदम उठाने चाहिए और बाहरी ताकतों पर अपनी निर्भरता से बचना चाहिए.
ईरान के सामने नहीं टिका US का सबसे बड़ा युद्धपोतः शेखारची
इसके अलावा, ईरानी सेना के प्रवक्ता जनरल शेखारची ने अपने बयान में अमेरिका के सबसे बड़े युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका के सबसे बड़ा वॉरशिप अब्राहम लिंकन, जो मुस्लिम संसाधनों को लूटने और डर पैदा करने का प्रतीक था, वो ईरान की ताकत के सामने टिक नहीं पाया और उसे ऐतिहासिक हार का सामना करते हुए पीछे हटना पड़ा. उन्होंने आगे कहा कि यह घटना इतिहास में एक बेहद महत्वपूर्ण क्षण के रूप में याद रखी जाएगी.
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Source: IOCL


























