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उपराष्ट्रपति चुनाव में पार्टियों नहीं जारी करती व्हिप, सांसदों को अपने समर्थन में वोट करने के लिए नहीं कर सकती मजबूर; जानिए क्यों?
Vice President Election: उपराष्ट्रपति का चुनाव पूरी तरह गुप्त मतदान के आधार पर होता है. इस व्यवस्था में सांसद किस उम्मीदवार को वोट दे रहे हैं, यह जानकारी बाहर नहीं लाई जाती.
भारत में उपराष्ट्रपति का चुनाव एक खास प्रक्रिया है, जो संविधान के अनुच्छेद 66 के तहत होती है. यह चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों द्वारा गुप्त मतदान के जरिए किया जाता है.
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लेकिन एक बात जो इस चुनाव को बाकी संसदीय मतदानों से अलग बनाती है, वह यह है कि इसमें राजनीतिक दल अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी नहीं कर सकते. इसका मतलब है कि पार्टियां अपने सांसदों को किसी खास उम्मीदवार को वोट देने के लिए मजबूर नहीं कर सकतीं. चलिए जानते हैं कि ऐसा क्यों?
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भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित और नामित सदस्यों द्वारा किया जाता है. यानी इस चुनाव में राज्य की विधानसभाओं की कोई भूमिका नहीं होती. रिक्त पदों को छोड़कर कुल मिलाकर 782 सांसद उपराष्ट्रपति के चुनाव में वोट डालने का अधिकार रखते हैं.
Published at : 08 Sep 2025 08:24 PM (IST)
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