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Aurora Lights: आसमान में कैसे बनती हैं ऑरोरा लाइट्स, क्या भारत में भी देखने को मिल सकता है यह नजारा?
Aurora Lights: ऑरोरा लाइट्स पृथ्वी पर मौजूद सबसे दुर्लभ और लुभावने प्राकृतिक नजारों में से एक है. आइए जानते हैं कि ये आसमान में कैसे बनती हैं.
Aurora Lights: ऑरोरा लाइट्स जिन्हें अक्सर पोलर लाइट भी कहा जाता है पृथ्वी पर सबसे लुभावने प्राकृतिक नजारों में से एक है. लंबे समय से स्कैंडिनेविया और आर्कटिक के बर्फीले आसमान से जुड़ी ऑरोरा लाइट्स लोगों को काफी ज्यादा आकर्षित करती हैं. आइए जानते हैं कि आसमान में यह कैसे बनती हैं और क्या भारत में भी इन्हें देखा जा सकता है.
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ऑरोरा लाइट्स की शुरुआत सूरज पर होने वाली तेज गतिविधि से होती है. सूरज लगातार चार्जड पार्टिकल्स की धाराएं छोड़ता रहता है जिन्हें सोलर विंड कहा जाता है. ज्यादातर सौर गतिविधि के समय यह फ्लो काफी ज्यादा तेज हो जाता है जिस वजह से काफी बड़ी संख्या में एनर्जेटिक प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन अंतरिक्ष में पृथ्वी की तरफ तेजी से बढ़ते हैं.
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जैसे ही यह चार्जड पार्टिकल पृथ्वी के पास आते हैं ज्यादातर ग्रह के चुंबकीय क्षेत्र, जिसे मैग्नेटोस्फीयर कहा जाता है, के जरिए डिफलेक्ट हो जाते हैं. हालांकि यह ढाल उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव के पास कमजोर होती है. जिस वजह से कुछ पार्टिकल्स चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के साथ घूमते हुए ऊपरी वायुमंडल में चले जाते हैं.
Published at : 05 Jan 2026 08:10 AM (IST)
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