एक्सप्लोरर

Earth Rotation: क्या पृथ्वी के घूमने की रफ्तार बढ़ सकती है, अगर ऐसा हुआ तो क्या होंगे परिणाम?

Earth Rotation: अगर पृथ्वी के घूमने की रफ्तार काफी ज्यादा तेज हो जाए तो इसका परिणाम काफी खतरनाक हो सकता है. आइए जानते हैं कि अगर ऐसा होता है तो क्या असर पड़ेगा?

Earth Rotation: अगर पृथ्वी के घूमने  की रफ्तार काफी ज्यादा तेज हो जाए तो इसका परिणाम काफी खतरनाक हो सकता है. आइए जानते हैं कि अगर ऐसा होता है तो क्या असर पड़ेगा?

Earth Rotation: इंसानी इतिहास के ज्यादातर समय में पृथ्वी का घूमना काफी ज्यादा स्थिर और अनुमानित माना जाता था. लेकिन नई वैज्ञानिक खोजों से ऐसा पता चलता है कि यह धारणा अब पूरी तरह से सच नहीं है. असल में पृथ्वी ने पहले ही थोड़ा तेजी से घूमना शुरू कर दिया है. इसी बीच आइए जानते हैं कि अगर यह रफ्तार और ज्यादा बढ़ जाए तो इसका क्या परिणाम हो सकता है.

1/6
अगर पृथ्वी की घूमने की गति बढ़ती है तो इसका सबसे सीधा असर यह होगा कि दिन छोटे हो जाएंगे. हर दिन कुछ मिली सेकंड कम होने से समय के साथ यह अंतर बढ़ जाएगा. एटॉमिक घड़ियां जो ग्लोबल टाइम स्टैंडर्ड तय करती है काफी ज्यादा सटीकता पर आधारित होती हैं. लगातार तेजी से घूमने की वजह से वैज्ञानिकों को नेगेटिव लिप सेकंड शुरू करना होगा. इसमें पृथ्वी के तेजी से घूमने से मेल खाने के लिए आधिकारिक समय से एक सेकंड हटा दिया जाएगा.
अगर पृथ्वी की घूमने की गति बढ़ती है तो इसका सबसे सीधा असर यह होगा कि दिन छोटे हो जाएंगे. हर दिन कुछ मिली सेकंड कम होने से समय के साथ यह अंतर बढ़ जाएगा. एटॉमिक घड़ियां जो ग्लोबल टाइम स्टैंडर्ड तय करती है काफी ज्यादा सटीकता पर आधारित होती हैं. लगातार तेजी से घूमने की वजह से वैज्ञानिकों को नेगेटिव लिप सेकंड शुरू करना होगा. इसमें पृथ्वी के तेजी से घूमने से मेल खाने के लिए आधिकारिक समय से एक सेकंड हटा दिया जाएगा.
2/6
आधुनिक टेक्नोलॉजी समय के अंतर के प्रति काफी ज्यादा संवेदनशील है. जीपीएस नेवीगेशन, सैटलाइट कम्युनिकेशन, स्टॉक एक्सचेंज, पावर ग्रिड और इंटरनेट जैसे सिस्टम सेकंड के कुछ हिस्सों तक सटीक सिंक्रोनाइज्ड घड़ियों पर निर्भर होते हैं. पृथ्वी के घूमने और एटॉमिक टाइम के बीच बेमेल की वजह से नेविगेशन में गड़बड़ी, डेटा लॉस, नेटवर्क में दिक्कत और फाइनेंशियल सिस्टम में रुकावट पैदा हो सकती है.
आधुनिक टेक्नोलॉजी समय के अंतर के प्रति काफी ज्यादा संवेदनशील है. जीपीएस नेवीगेशन, सैटलाइट कम्युनिकेशन, स्टॉक एक्सचेंज, पावर ग्रिड और इंटरनेट जैसे सिस्टम सेकंड के कुछ हिस्सों तक सटीक सिंक्रोनाइज्ड घड़ियों पर निर्भर होते हैं. पृथ्वी के घूमने और एटॉमिक टाइम के बीच बेमेल की वजह से नेविगेशन में गड़बड़ी, डेटा लॉस, नेटवर्क में दिक्कत और फाइनेंशियल सिस्टम में रुकावट पैदा हो सकती है.

जनरल नॉलेज फोटो गैलरी

और देखें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Protests In POK: पाकिस्तान के पास कैसे चला गया था PoK, क्या है कश्मीर के इस टुकड़े की इसकी कहानी?
पाकिस्तान के पास कैसे चला गया था PoK, क्या है कश्मीर के इस टुकड़े की इसकी कहानी?
Cylinders Prices Reduced: घरेलू LPG सस्ता और कमर्शियल सिलेंडर इतना महंगा क्यों, कैसे तय होते हैं दाम; किससे ज्यादा कमाती है सरकार?
घरेलू LPG सस्ता और कमर्शियल सिलेंडर इतना महंगा क्यों, कैसे तय होते हैं दाम; किससे ज्यादा कमाती है सरकार?
Mughal Era News System: क्या मुगलों के दौर में भी होते थे अखबार, जनता तक कैसे पहुंचते थे दरबार के शाही फैसले?
क्या मुगलों के दौर में भी होते थे अखबार, जनता तक कैसे पहुंचते थे दरबार के शाही फैसले?
लोकसभा या राज्यसभा, किसके सांसदों के पास है ज्यादा पैसा? यहां देखें हिसाब-किताब
लोकसभा या राज्यसभा, किसके सांसदों के पास है ज्यादा पैसा? यहां देखें हिसाब-किताब

वीडियोज

Ketan Agrawal Case Update: क्या सोनम रघुवंशी की तरह सिया गोयल भी बच जाएगी?
Mumbai Monsoon Rains:मुंबई-ठाणे में मानसून का तांडव, सड़कें बनीं नदियाँ, पानी में डूबीं गाड़ियाँ!
Sansani | Crime News | Ketan Murder Case: प्रेमी-प्रेमिका ने रची मंगेतर की हत्या की खूनी पटकथा!
Ram Mandir Donation Scam | Sandeep Chaudhary: राम मंदिर चोरी मामले का वो 'छुपा हुआ' सच!
Ram Mandir Donation Scam: चढ़ावा चोरी वाला बक्सा..अंदर क्या क्या मिला? | CM Yogi | Champat Rai

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
क्या पानी-खून बहेगा एक साथ? 61 भारतीयों के साइन, पाक टूलकिट का हिस्सा बने राजनेता, क्यों भूल गए पहलगाम?
क्या पानी-खून बहेगा एक साथ? 61 भारतीयों के साइन, पाक टूलकिट का हिस्सा बने राजनेता, क्यों भूल गए पहलगाम?
'BJP में शामिल हो जाएं दिग्विजय सिंह', पार्टी के विधायक ने दिया न्यौता, MP कांग्रेस में अंतर्कलह
'BJP में शामिल हो जाएं दिग्विजय सिंह', पार्टी के विधायक ने दिया न्यौता, MP कांग्रेस में अंतर्कलह
‘दुर्भाग्य! ये कोई पहली घटना नहीं...’, 125 साल पुराना गुरुद्वारा तोड़ने पर भारत ने पाकिस्तान को लगाई लताड़
‘ये पहली घटना नहीं...’, 125 साल पुराना गुरुद्वारा तोड़ने पर भारत ने पाकिस्तान को लगाई लताड़
'श्रेयस अय्यर को पसंद नहीं वैभव सूर्यवंशी...', संजू सैमसन के फ्लॉप होने पर भड़के फैंस; गौतम गंभीर को बताया घमंडी
'श्रेयस अय्यर को पसंद नहीं वैभव सूर्यवंशी', संजू सैमसन के फ्लॉप होने पर भड़के फैंस; गौतम गंभीर को बताया घमंडी
August Theatrical Release: सनी देओल मचाएंगे गदर, जुनूनी प्यार में डुबोएंगे इमरान हाशमी, बॉक्स ऑफिस पर आएगी सुनामी
अगस्त थिएटर रिलीज: सनी देओल मचाएंगे गदर, जुनूनी प्यार में डुबोएंगे इमरान हाशमी, बॉक्स ऑफिस पर आएगी सुनामी
Exclusive: WhatsApp के Username फीचर पर सरकार की सख्ती के बाद Meta का पहला रिएक्शन, सुरक्षा को लेकर जानें क्या कहा
WhatsApp के Username फीचर पर सरकार की सख्ती के बाद Meta का पहला रिएक्शन, सुरक्षा को लेकर जानें क्या कहा
दिल्ली जिमखाना क्लब खाली कराने को लेकर केन्द्र का शो काउज नोटिस, 7 जुलाई तक मांगा जवाब
दिल्ली जिमखाना क्लब खाली कराने को लेकर केन्द्र का शो काउज नोटिस, 7 जुलाई तक मांगा जवाब
Explained: गुजरात हाईकोर्ट- 'मैरिज सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन काफी नहीं', बिना 'सप्तपदी' के शादी अमान्य क्यों, फैसले का असर क्या?
गुजरात HC- 'मैरिज सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन काफी नहीं', बिना 'सप्तपदी' के शादी अमान्य क्यों?
Embed widget