एक्सप्लोरर

Toilet in Space: अंतरिक्ष में टॉयलेट कैसे जाते हैं एस्ट्रोनॉट्स, जानें किस टेक्नोलॉजी का होता है इस्तेमाल?

Toilet In Space: अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण नहीं होता. तो फिर अंतरिक्ष यात्री स्पेस में टॉयलेट का इस्तेमाल कैसे करते हैं? आइए जानते हैं कि किस टेक्नोलॉजी का स्पेस में इस्तेमाल होता है.

Toilet In Space:  अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण नहीं होता. तो फिर अंतरिक्ष यात्री स्पेस में टॉयलेट का इस्तेमाल कैसे करते हैं? आइए जानते हैं कि किस टेक्नोलॉजी का स्पेस में इस्तेमाल होता है.

Toilet In Space: क्या आपने कभी सोचा है कि अंतरिक्ष में अंतरिक्ष यात्री शौचालय का इस्तेमाल कैसे करते हैं? इस बात को तो सभी जानते हैं कि अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण नहीं होता. यही वजह है कि वहां पर पारंपरिक शौचालय काम नहीं करते. इसीलिए वैज्ञानिकों ने खास तौर से कुछ ऐसी प्रणालियों विकसित की हैं जो वायु प्रवाह और सक्शन टेक्नोलॉजी पर निर्भर करती हैं. आइए जानते हैं कैसे करती है यह टेक्नोलॉजी काम.

1/6
अंतरिक्ष में वेस्ट को नीचे की तरफ खींचने वाला कोई गुरुत्वाकर्षण नहीं होता. इस वजह से सामान्य शौचालय बेकार हो जाता है. अगर सही प्रणाली ना हो तो वेस्ट बस इधर-उधर तैरता रहेगा जिससे स्वच्छता संबंधी तकलीफें होगी. इस वजह से अंतरिक्ष यात्री सक्शन ड्रिवन टॉयलेट्स का इस्तेमाल करते हैं. यह वेस्ट को सुरक्षित रूप से प्रबंधित करने के लिए नियंत्रित वायु प्रवाह का इस्तेमाल करते हैं.
अंतरिक्ष में वेस्ट को नीचे की तरफ खींचने वाला कोई गुरुत्वाकर्षण नहीं होता. इस वजह से सामान्य शौचालय बेकार हो जाता है. अगर सही प्रणाली ना हो तो वेस्ट बस इधर-उधर तैरता रहेगा जिससे स्वच्छता संबंधी तकलीफें होगी. इस वजह से अंतरिक्ष यात्री सक्शन ड्रिवन टॉयलेट्स का इस्तेमाल करते हैं. यह वेस्ट को सुरक्षित रूप से प्रबंधित करने के लिए नियंत्रित वायु प्रवाह का इस्तेमाल करते हैं.
2/6
मूत्र के लिए अंतरिक्ष यात्री एक नली से जुड़ी फनल का इस्तेमाल करते हैं. इस नली में एक अंतर्निहित सक्षम तंत्र होता है जो मूत्र को एक सुरक्षित कंटेनर में खींच लेता है.
मूत्र के लिए अंतरिक्ष यात्री एक नली से जुड़ी फनल का इस्तेमाल करते हैं. इस नली में एक अंतर्निहित सक्षम तंत्र होता है जो मूत्र को एक सुरक्षित कंटेनर में खींच लेता है.
3/6
अंतरिक्ष में कुछ भी बर्बाद नहीं होता. मूत्र को एकत्र करने के बाद इसे फिल्टर और शुद्ध करके एक पुनर्चक्रित पेयजल बनाया जाता है. नासा का एडवांस्ड फिल्ट्रेशन सिस्टम 93% मूत्र को दुबारा इस्तेमाल के लिए सुरक्षित और स्वच्छ पानी में बदल सकता है.
अंतरिक्ष में कुछ भी बर्बाद नहीं होता. मूत्र को एकत्र करने के बाद इसे फिल्टर और शुद्ध करके एक पुनर्चक्रित पेयजल बनाया जाता है. नासा का एडवांस्ड फिल्ट्रेशन सिस्टम 93% मूत्र को दुबारा इस्तेमाल के लिए सुरक्षित और स्वच्छ पानी में बदल सकता है.
4/6
सॉलिड वेस्ट के लिए अंतरिक्ष यात्री एक छोटी ऊंची शौचालय सीट पर बैठते हैं. यह शरीर से कसकर फिट होती है. जैसे ढक्कन खोला जाता है तो एक वैक्यूम सक्शन सिस्टम अपने आप सक्रिय हो जाता है और वेस्ट को प्लास्टिक से ढके कंटेनर में खींच लेता है.
सॉलिड वेस्ट के लिए अंतरिक्ष यात्री एक छोटी ऊंची शौचालय सीट पर बैठते हैं. यह शरीर से कसकर फिट होती है. जैसे ढक्कन खोला जाता है तो एक वैक्यूम सक्शन सिस्टम अपने आप सक्रिय हो जाता है और वेस्ट को प्लास्टिक से ढके कंटेनर में खींच लेता है.
5/6
हर इस्तेमाल के बाद वेस्ट को खास बाग में सील कर दिया जाता है और उन्हें वेस्ट कंटेनर में संग्रहित किया जाता है. जब यह कंटेनर भर जाते हैं तो उन्हें कार्गो अंतरिक्ष यान में पृथ्वी पर वापस भेज दिया जाता है, जो वायुमंडल में जल जाते हैं.
हर इस्तेमाल के बाद वेस्ट को खास बाग में सील कर दिया जाता है और उन्हें वेस्ट कंटेनर में संग्रहित किया जाता है. जब यह कंटेनर भर जाते हैं तो उन्हें कार्गो अंतरिक्ष यान में पृथ्वी पर वापस भेज दिया जाता है, जो वायुमंडल में जल जाते हैं.
6/6
वातावरण को स्वच्छ और सांस लेने योग्य बनाए रखने के लिए शौचालय में एक एयर फ्लो सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है जो गंध को दूर करती है और हवा को फिल्टरों के जरिए से प्रवाहित करती है.
वातावरण को स्वच्छ और सांस लेने योग्य बनाए रखने के लिए शौचालय में एक एयर फ्लो सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है जो गंध को दूर करती है और हवा को फिल्टरों के जरिए से प्रवाहित करती है.

जनरल नॉलेज फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

इमरान खान के पास है OCI कार्ड, जानें इसमें मिलते हैं क्या-क्या अधिकार?
इमरान खान के पास है OCI कार्ड, जानें इसमें मिलते हैं क्या-क्या अधिकार?
अंकिता भंडारी केस में क्यों उछला दुष्यंत गौतम का नाम, गवर्नर बनने का विरोध क्यों?
अंकिता भंडारी केस में क्यों उछला दुष्यंत गौतम का नाम, गवर्नर बनने का विरोध क्यों?
जल्लाद का काम कौन करेगा और कौन नहीं, कैसे होता है तय?
जल्लाद का काम कौन करेगा और कौन नहीं, कैसे होता है तय?
कम से कम कितने दिन की होती है ज्यूडिशियल कस्टडी? जानें नियम
कम से कम कितने दिन की होती है ज्यूडिशियल कस्टडी? जानें नियम

वीडियोज

लखनऊ में मौत की पटकथा...नेपाल में 'गुप्त लीला' !
SC में सुनवाई का सार..'क्या 'तमाशा' बना रखा है ?'
तो सत्ता परिवर्तन का प्लान-बांग्लादेश का क्यों बखान!
Jagadhatri:😮Jagadhatri मिशन के लिए तैयार, Shivay ने घर की देवी को सम्मान देकर भेजा मैदान में! #sbs
Bollywood News: कॉफ़ी विद करण का धमाकेदार आगाज, सलमान खान के बेबाक अंदाज ने शो पर लगाया तड़का! (15.10.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
प्रशांत भूषण के बयान पर बवाल, जवाब में BJP नेताओं ने PM मोदी का पुराना वीडियो कर दिया वायरल
प्रशांत भूषण के बयान पर बवाल, जवाब में BJP नेताओं ने PM मोदी का पुराना वीडियो कर दिया वायरल
यमुना हुई जहरीली? हजारों मछलियों की एकसाथ मौत से हड़कंप, जांच जारी
यमुना हुई जहरीली? हजारों मछलियों की एकसाथ मौत से हड़कंप, जांच जारी
अब SSR: EC ने मानी राहुल गांधी की बात? बदल दिए नियम, कांग्रेस बोली- 'इससे गुनाह...'
अब SSR: EC ने मानी राहुल गांधी की बात? बदल दिए नियम, कांग्रेस बोली- 'इससे गुनाह...'
सिर्फ वनडे खेलने के लिए BCCI से कितना पैसा लेते हैं रोहित और विराट?
सिर्फ वनडे खेलने के लिए BCCI से कितना पैसा लेते हैं रोहित और विराट?
इमरान खान के 'लीव इंडिया' नोटिस पर किरण राव का तीखा तंज- 'वाह, अब मुंबई पुलिस?'
इमरान खान को मिले देश छोड़ने के नोटिस पर भड़की आमिर ख़ान की एक्स वाइफ
'नेहा बोरा के साथ मिलकर राहुल गांधी…', BJP का बड़ा बयान
'नेहा बोरा के साथ मिलकर राहुल गांधी…', BJP का बड़ा बयान
CJI सूर्यकांत पर बयान को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, संजय राउत से मांगा स्पष्टीकरण
CJI सूर्यकांत पर बयान को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, संजय राउत से मांगा स्पष्टीकरण
स्टोन-पेपर-सिजर में छोटी बच्ची से बार-बार हारा आर्मी वाला, वीडियो वायरल
स्टोन-पेपर-सिजर में छोटी बच्ची से बार-बार हारा आर्मी वाला, वीडियो वायरल
Embed widget