एक्सप्लोरर

क्या मौत आने से पहले ही इंसान को हो जाता है इसका अंदाजा, जानें 7 दिन पहले क्या होता है?

मौत से पहले शरीर द्वारा दिए गए संकेत कोई रहस्य नहीं, बल्कि शरीर की स्वाभाविक तैयारी होते हैं. विज्ञान इन्हें जैविक बदलाव मानता है, जबकि परंपराएं इन्हें आध्यात्मिक संकेतों से जोड़ती हैं.

मौत से पहले शरीर द्वारा दिए गए संकेत कोई रहस्य नहीं, बल्कि शरीर की स्वाभाविक तैयारी होते हैं. विज्ञान इन्हें जैविक बदलाव मानता है, जबकि परंपराएं इन्हें आध्यात्मिक संकेतों से जोड़ती हैं.

क्या इंसान को अपनी मौत से पहले कोई संकेत मिलते हैं? क्या शरीर और मन पहले ही यह इशारा देने लगते हैं कि अंत करीब है? सदियों से लोग यह सवाल पूछते आए हैं. कोई इसे विज्ञान से जोड़ता है, तो कोई धार्मिक ग्रंथों में इसका जवाब खोजता है. हैरानी की बात यह है कि आधुनिक मेडिकल साइंस और प्राचीन मान्यताएं, दोनों ही मृत्यु से पहले होने वाले कुछ खास बदलावों की ओर इशारा करती हैं. इन्हीं संकेतों को समझने की कोशिश इस रिपोर्ट में की गई है.

1/8
मेडिकल साइंस के मुताबिक, जब शरीर जीवन के अंतिम चरण में पहुंचता है, तो कई शारीरिक प्रक्रियाएं धीरे-धीरे धीमी पड़ने लगती हैं. डॉक्टरों और पालीएटिव केयर विशेषज्ञों के अनुसार, मौत से कुछ दिन पहले शरीर खुद को ऊर्जा बचाने की स्थिति में ले जाता है.
मेडिकल साइंस के मुताबिक, जब शरीर जीवन के अंतिम चरण में पहुंचता है, तो कई शारीरिक प्रक्रियाएं धीरे-धीरे धीमी पड़ने लगती हैं. डॉक्टरों और पालीएटिव केयर विशेषज्ञों के अनुसार, मौत से कुछ दिन पहले शरीर खुद को ऊर्जा बचाने की स्थिति में ले जाता है.
2/8
मृत्यु के करीब पहुंचते व्यक्ति को अक्सर भूख और प्यास बहुत कम लगने लगती है. पाचन तंत्र सुस्त हो जाता है, जिससे खाना-पानी लेने की इच्छा खत्म होने लगती है. यह एक सामान्य जैविक प्रक्रिया मानी जाती है.
मृत्यु के करीब पहुंचते व्यक्ति को अक्सर भूख और प्यास बहुत कम लगने लगती है. पाचन तंत्र सुस्त हो जाता है, जिससे खाना-पानी लेने की इच्छा खत्म होने लगती है. यह एक सामान्य जैविक प्रक्रिया मानी जाती है.
3/8
अंतिम दिनों में सांस कभी बहुत तेज, तो कभी बहुत धीमी हो सकती है. कई बार सांस रुक-रुक कर चलती है, जिसे डॉक्टर चेन-स्टोक्स ब्रीदिंग कहते हैं. गले से घरघराहट जैसी आवाज भी आ सकती है, जिसे आम भाषा में डेथ रैटल कहा जाता है.
अंतिम दिनों में सांस कभी बहुत तेज, तो कभी बहुत धीमी हो सकती है. कई बार सांस रुक-रुक कर चलती है, जिसे डॉक्टर चेन-स्टोक्स ब्रीदिंग कहते हैं. गले से घरघराहट जैसी आवाज भी आ सकती है, जिसे आम भाषा में डेथ रैटल कहा जाता है.
4/8
शरीर की ऊर्जा तेजी से घटने लगती है. व्यक्ति दिन का अधिकांश समय सोते हुए बिताता है और जागने पर भी बेहद थका हुआ महसूस करता है. हाथ-पैर उठाने या बोलने में भी दिक्कत आने लगती है.
शरीर की ऊर्जा तेजी से घटने लगती है. व्यक्ति दिन का अधिकांश समय सोते हुए बिताता है और जागने पर भी बेहद थका हुआ महसूस करता है. हाथ-पैर उठाने या बोलने में भी दिक्कत आने लगती है.
5/8
मृत्यु से कुछ दिन पहले व्यक्ति के व्यवहार और सोच में भी बदलाव दिख सकते हैं. कई बार वह भ्रम की स्थिति में चला जाता है और ऐसी बातें करने लगता है, जिनका आसपास के माहौल से कोई संबंध नहीं होता है.
मृत्यु से कुछ दिन पहले व्यक्ति के व्यवहार और सोच में भी बदलाव दिख सकते हैं. कई बार वह भ्रम की स्थिति में चला जाता है और ऐसी बातें करने लगता है, जिनका आसपास के माहौल से कोई संबंध नहीं होता है.
6/8
कुछ लोग ऐसी चीजें देखने या सुनने की बात कहते हैं, जो वास्तव में मौजूद नहीं होतीं हैं. मेडिकल साइंस इसे ऑक्सीजन की कमी, दवाओं के असर या दिमागी गतिविधियों में बदलाव से जोड़कर देखता है.
कुछ लोग ऐसी चीजें देखने या सुनने की बात कहते हैं, जो वास्तव में मौजूद नहीं होतीं हैं. मेडिकल साइंस इसे ऑक्सीजन की कमी, दवाओं के असर या दिमागी गतिविधियों में बदलाव से जोड़कर देखता है.
7/8
भारतीय परंपरा में गरुड़ पुराण और शिव पुराण जैसे ग्रंथों में मृत्यु से पहले मिलने वाले संकेतों का वर्णन मिलता है. हालांकि इन्हें आस्था और विश्वास के रूप में देखा जाता है, न कि वैज्ञानिक प्रमाण के तौर पर देखा जाता है.
भारतीय परंपरा में गरुड़ पुराण और शिव पुराण जैसे ग्रंथों में मृत्यु से पहले मिलने वाले संकेतों का वर्णन मिलता है. हालांकि इन्हें आस्था और विश्वास के रूप में देखा जाता है, न कि वैज्ञानिक प्रमाण के तौर पर देखा जाता है.
8/8
विशेषज्ञों का मानना है कि मौत से लगभग एक हफ्ता पहले शरीर और दिमाग दोनों तेजी से काम करना कम कर देते हैं. यही वजह है कि इस दौरान शारीरिक कमजोरी, मानसिक भ्रम और भावनात्मक दूरी एक साथ नजर आती है. यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे डर के बजाय समझदारी और संवेदनशीलता से देखने की जरूरत होती है.
विशेषज्ञों का मानना है कि मौत से लगभग एक हफ्ता पहले शरीर और दिमाग दोनों तेजी से काम करना कम कर देते हैं. यही वजह है कि इस दौरान शारीरिक कमजोरी, मानसिक भ्रम और भावनात्मक दूरी एक साथ नजर आती है. यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे डर के बजाय समझदारी और संवेदनशीलता से देखने की जरूरत होती है.

जनरल नॉलेज फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola
Advertisement
Advertisement
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

गृह मंत्री के काफिले में कितनी गाड़ियां? राहुल गांधी के दावे के बीच जानें
गृह मंत्री के काफिले में कितनी गाड़ियां? राहुल गांधी के दावे के बीच जानें
बच्चों की संख्या से क्यों लक्ष्मी योजना का कनेक्शन? जानें वजह
बच्चों की संख्या से क्यों लक्ष्मी योजना का कनेक्शन? जानें वजह
क्या POK के लोगों की मदद कर सकता है भारत, क्या हैं नियम?
क्या POK के लोगों की मदद कर सकता है भारत, क्या हैं नियम?
World Tiger Day: किस राज्य में सबसे ज्यादा टाइगर, लोगों के लिए क्यों बन रहे खतरा?
किस राज्य में सबसे ज्यादा टाइगर, लोगों के लिए क्यों बन रहे खतरा?
Advertisement

वीडियोज

Lock Upp 2: Shreya Kalra का बड़ा खुलासा, बचपन की दर्दनाक घटना सुनकर भावुक हुए सभी
Samay Raina का Munawar Faruqui पर Aamir Khan वाला Joke हुआ Viral, India’s Got Latent में मचा हंगामा
Ramayana Trailer Update: 30 July को आएगा ट्रेलर, फैंस में बढ़ी जबरदस्त Excitement
Batwara 1947 Trailer Review: Sunny Deol छा गए, लेकिन क्या ट्रेलर बना उम्मीदों जितना दमदार?
New Maruti Brezza 2026 Price Revealed | ₹7.40 Lakh से शुरू | #maruti #brezza #autolive

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी, बागी गुट को लेकर की ये मांग
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी, बागी गुट को लेकर की ये मांग
NEET आंदोलन: रूस में रहने वाले युवक पर भी FIR, गजब है बिहार पुलिस!
NEET आंदोलन: रूस में रहने वाले युवक पर भी FIR, गजब है बिहार पुलिस!
सिद्धारमैया ने मांगा प्रह्लाद जोशी का इस्तीफा, बोले - 'वह भी...'
सिद्धारमैया ने मांगा प्रह्लाद जोशी का इस्तीफा, बोले - 'वह भी...'
राहुल गांधी ने अमित शाह को घेरा, सौरव दास बोले, 'ये सीरियस...'
राहुल गांधी ने अमित शाह को घेरा, सौरव दास बोले, 'ये सीरियस...'
श्रीलंका सीरीज से पहले ईशान किशन बने कप्तान, वैभव सूर्यवंशी उपकप्तान
श्रीलंका सीरीज से पहले ईशान किशन बने कप्तान, वैभव सूर्यवंशी उपकप्तान
Xप्लेन: राहुल गांधी के 'दो बोल' से बवाल! जानें सदन के अंदर और बाहर का हाल?
राहुल गांधी के 'दो बोल' से बवाल! जानें सदन के अंदर और बाहर का हाल?
न आलिया न राहा, फिर रणबीर के फोन के वॉलपेपर पर है किसकी तस्वीर? जानकर नम हो जाएंगी आखें
न आलिया न राहा, फिर रणबीर के फोन के वॉलपेपर पर है किसकी तस्वीर?
‘मौत भी मंजूर, लेकिन...’, बांग्लादेश लौटने पर शेख हसीना का बड़ा बयान
‘मौत भी मंजूर, लेकिन...’, बांग्लादेश लौटने पर शेख हसीना का बड़ा बयान
Embed widget