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क्या-क्या काम करने पर सदन से निकाले जा सकते हैं विधायक? देखें पूरी लिस्ट

दिल्ली विधानसभा में हंगामे के बाद 8 विधायक मार्शल आउट हुए, क्योंकि सदन में नारेबाजी, कागजात फाड़ने और अध्यक्ष के आदेश न मानने पर निलंबन का कड़ा नियम है.

दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन मंगलवार को राशन में चावल वितरण के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में भारी तीखी झड़प हुई. चावल घोटाले पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों ने जब जोरदार नारेबाजी शुरू की, तो माहौल बेहद गरमा गया. हंगामा बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाते हुए आम आदमी पार्टी के आठ विधायकों को मार्शल के जरिए सदन से बाहर निकलवा दिया. हालांकि सरकार ने सभी आरोपों को पूरी तरह मनगढ़ंत बताया, लेकिन इस घटना ने यह सवाल फिर खड़ा कर दिया कि सदन के भीतर कौन-कौन से काम अनुशासनहीनता माने जाते हैं और वे कौन से नियम हैं जिनके तहत जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई होती है.

चावल वितरण विवाद और सदन से निष्कासन

सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, विपक्षी सदस्यों ने चावल वितरण से जुड़े कथित घोटाले पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग उठाई. सरकार द्वारा इस आरोप को बेबुनियाद बताए जाने के बाद माहौल बिगड़ गया और सदस्य वेल के पास आकर नारेबाजी करने लगे. जब कई चेतावनियों के बावजूद स्थिति नियंत्रण में नहीं आई, तो स्पीकर ने निष्कासन का आदेश जारी किया. यह घटना दर्शाती है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में नियम-कायदों का पालन कराना पीठासीन अधिकारी की सबसे प्राथमिक जिम्मेदारी होती है, ताकि जनता से जुड़े मुद्दों पर निष्पक्ष बहस हो सके.

सदन के भीतर प्रतिबंधित हैं ये काम

संसदीय परंपराओं और संविधान के तहत सदन की गरिमा बनाए रखना हर सांसद और विधायक का नैतिक दायित्व है. सदन के भीतर कुछ ऐसे कार्य हैं जिन्हें पूरी तरह वर्जित माना गया है. इनमें जानबूझकर कार्यवाही में अड़ंगा डालना, वेल में जाकर नारेबाजी करना, आपत्तिजनक या असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करना और रिपोर्ट या विधेयकों की प्रतियां फाड़कर हवा में उछालना शामिल है. इसके अलावा, बिना अनुमति बोलना या किसी भी तरह के पोस्टर, बैनर और तख्तियां दिखाना भी पूरी तरह से बैन है.

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क्या-क्या काम करने पर सदन से निकाले जा सकते हैं विधायक? देखें पूरी लिस्ट

अध्यक्ष के अधिकारों और अनुशासनहीनता के नियम

जब भी कोई सदस्य नियमों की धज्जियां उड़ाता है, तो पीठासीन अधिकारी यानी अध्यक्ष या सभापति को उसे दंडित करने के स्पष्ट अधिकार दिए गए हैं. लोकसभा के नियम 373, 374 और 374A व राज्यसभा के नियम 255 और 256 इसी अनुशासन को बनाए रखने के लिए बनाए गए हैं. अगर कोई विधायक या सांसद चेतावनी के बाद भी अपनी सीट पर नहीं लौटता, अध्यक्ष का अनादर करता है या शारीरिक हाथापाई जैसी नौबत लाता है, तो उसे तुरंत सदन से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है.

निष्कासन और कानूनी प्रावधान

कार्रवाई का दायरा उल्लंघन की गंभीरता पर निर्भर करता है. नियम 373 के तहत स्पीकर किसी सदस्य को उस दिन की बची हुई बैठक के लिए अस्थाई रूप से बाहर भेज सकते हैं. लेकिन अगर व्यवधान गंभीर और योजनाबद्ध हो, तो नियम 374 के तहत सदस्य को लगातार 5 बैठकों या उस पूरे सत्र की बची हुई अवधि के लिए निलंबित किया जा सकता है. इसके अलावा, यदि कोई सदस्य अपनी पार्टी के आधिकारिक व्हिप का उल्लंघन करके वोटिंग करता है, तो उस पर दलबदल विरोधी कानून के तहत स्थायी अयोग्यता का खतरा भी मंडराने लगता है.


क्या-क्या काम करने पर सदन से निकाले जा सकते हैं विधायक? देखें पूरी लिस्ट

जनप्रतिनिधियों के आचरण से जुड़ा बड़ा संदेश

लोकतंत्र में विधानसभा या संसद केवल बहस का केंद्र नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश की नीति बनाने वाली सर्वोच्च संस्थाएं हैं. जब जनप्रतिनिधि मर्यादित आचरण छोड़ विरोध के अमर्यादित तरीकों को चुनते हैं, तो इससे सदन का कीमती समय और जनता का पैसा बर्बाद होता है. यही वजह है कि नियमों की पुस्तिका में निष्कासन और मार्शल आउट जैसे कड़े प्रावधान रखे गए हैं, ताकि विरोध दर्ज कराने की आड़ में लोकतांत्रिक ढांचे और सदन की मर्यादा को कोई नुकसान न पहुंचे.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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