दिल्ली फुकेत फ्लाइट में कब क्या हुआ ? पढ़ें पूरी पोस्ट फ्लाइट रिपोर्ट
फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में 4 अगस्त को हुई घटना की जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. अब ऐसे में कब क्या हुआ है, इसकी डिटेल भी सामने आई है.

फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में 4 अगस्त को हुई घटना की जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. अब ऐसे में कब क्या हुआ है, इसकी डिटेल भी सामने आई है. विमान ने उड़ान के शुरुआती ढाई घंटे से ज्यादा समय तक सामान्य तरीके से उड़ान भरी थी. फिर सुबह 9.32 बजे अचानक कई सिस्टम से जुड़ी अलर्ट रिकॉर्ड किए गए. इसके बाद अलग-अलग समय पर दरवाजे, इंजन एंटी-आइस और ऑटोपायलट से जुड़े मैसेज आते रहे. लेकिन यहां सबसे जरूरी सावधानी है, 9:32 बजे के मैसेज लेकर हैं. अभी यह तय नहीं किया जा सकता कि कौन-सी खराबी सबसे पहले हुई या किस खराबी की वजह से दूसरी खराबियां हुईं.
ECAM लॉग मिनट तो बताता है लेकिन सेकंड नहीं. इसलिए असली कारण और घटनाओं का सटीक क्रम DFDR डेटा की जांच के बाद AAIB ही तय कर पाएगा.
(Adding time stamp - भारतीय समयानुसार कर दिया है)
सुबह 6:56 बजे (0126 GMT) विमान की रिकॉर्डिंग शुरू होती है. यह उड़ान भरने के आसपास का समय है. इसके बाद करीब 2 घंटे 36 मिनट तक लॉग में कोई बड़ी चेतावनी दर्ज नहीं होती. यानी इस हिस्से में सिस्टम लॉग के हिसाब से सब सामान्य दिखता है.
सुबह 9:32 बजे (0402 GMT) यही सबसे अहम समय है. इसी एक मिनट में 9 चेतावनियां दर्ज होती हैं. इनमें हाइड्रोलिक प्रेशर, ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट, एलिवेटर फॉल्ट और दूसरे हाइड्रोलिक सिस्टम/टैंक लेवल से जुड़े मैसेज शामिल हैं.
फेल्योर सेक्शन में भी इसी समय की 3 एंट्री हैं. सुबह 9:33 बजे (0403 GMT) दायां आगे वाला इमरजेंसी दरवाजा दो मैसेज. सुबह 9:35 बजे (0405 GMT) दायां पीछे वाला दरवाजा—एक मैसेज. इसके बाद करीब 41 मिनट तक कोई नई एंट्री नहीं.
सुबह 10:16 बजे (0446 GMT) इंजन नंबर-1 के एंटी-आइस सिस्टम में खराबी दर्ज होती है. सुबह 10:52 बजे (0522 GMT) ऑटोपायलट दूसरी बार डिस्कनेक्ट होता है. सुबह 11:07 बजे (0537 GMT) रिकॉर्डिंग खत्म होती है जो लैंडिंग के आसपास का समय माना जा रहा है. सुबह 11:30 बजे (0600 GMT) यह खराबी का समय नहीं, बल्कि रिपोर्ट जनरेट होने का समय है.
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 11 अगस्त को कहा कि विमान ने cruise के दौरान करीब 300 फीट की अचानक एल्टीट्यूड वेरिएशन का सामना किया. विमान बाद में स्थिर हुआ और दिल्ली में सुरक्षित उतरा. इस घटना में 20 यात्री और चार केबिन क्रू घायल हुए. अब यही कुछ सेकंड पूरी जांच का केंद्र हैं क्योंकि सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि विमान नीचे क्यों आया. असली सवाल यह है कि विमान के नीचे आने से पहले क्या हुआ था और उसके बाद क्या हुआ?
इधर, पूरे मामले में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 11 अगस्त को कहा कि विमान ने क्रूस के दौरान 300 फीट की अचानक एल्टीट्यूड वेरिएसन का सामना किया. विमान बाद में स्थिर हुआ. दिल्ली में सुरक्षित उतरा. इस घटना में 20 यात्रा और चार केबिन क्रू घायल हुए थे. अब यही कुछ सेंक पूरी जांच का केंद्र है.



















