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यहां है नौकरी का असली मजा, दुनिया के वो देश जहां सबसे कम हैं वर्किंग आवर्स; मौज में कटती है जिंदगी
दुनिया के 7 ऐसे देशों की सूची सामने आई है जहां वर्क-लाइफ बैलेंस को सबसे ऊपर रखा जाता है. इन देशों में कर्मचारियों पर काम का बोझ बेहद कम है और वे अपनी निजी जिंदगी का भरपूर आनंद उठाते हैं.
रोजाना 9 से 10 घंटे दफ्तर में बिताने और भारी तनाव झेलने वाले कर्मचारियों के लिए वीकेंड का इंतजार किसी वरदान जैसा होता है. लेकिन दुनिया के नक्शे पर कुछ ऐसे भी चुनिंदा देश मौजूद हैं, जहां नौकरी करना कोई आफत या बोझ नहीं, बल्कि एक खुशनुमा अनुभव है. इन मुल्कों में काम को जिंदगी नहीं माना जाता, बल्कि उसे जीवन का महज एक छोटा सा हिस्सा समझा जाता है. बेहतरीन वर्क-लाइफ बैलेंस के मामले में ये देश पूरी दुनिया के लिए मिसाल बन चुके हैं, जहां लोग कम काम करके भी बेहद आलीशान और सुकून भरी जिंदगी जीते हैं.
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डेनमार्क बेहतरीन वर्क-लाइफ बैलेंस के मामले में पहले पायदान पर आता है. इस देश में केवल 1% लोग ही ऐसे हैं जो हफ्ते में 50 घंटे से ज्यादा काम करते हैं, जबकि बाकी आबादी अपना ज्यादातर वक्त परिवार के साथ बिताती है. डेनमार्क में कर्मचारियों को सालभर में 36 दिनों की पेड छुट्टियां दी जाती हैं. यहां के कामकाजी लोगों को पूरे साल में महज 1,381 घंटे ही ऑफिस में काम करना पड़ता है.
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रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्वे इस सूची में दूसरे स्थान पर है. यहां के लोग अपने पूरे दिन का करीब 65% हिस्सा यानी लगभग 15.7 घंटे सिर्फ अपनी व्यक्तिगत देखभाल, आराम और पसंदीदा शौक पूरे करने में बिताते हैं. इसी शानदार लाइफस्टाइल की वजह से नॉर्वे को दुनिया के सबसे खुशहाल देशों की कतार में गिना जाता है. इस खूबसूरत देश में कर्मचारियों के लिए साल भर में बस 1,384 घंटे काम करने का नियम बनाया गया है.
Published at : 26 May 2026 06:35 PM (IST)
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