एक्सप्लोरर

Rice and Fish Farming: धान की फसल के साथ कर लें ये काम, दोगुना हो जाएगा मुनाफा

Rice-Fish Farming: धान की खेती के साथ मछली पालन अपनाकर किसान एक ही खेत से दोहरी कमाई कर सकते हैं. यह तरीका लागत घटाने, पैदावार बढ़ाने और सालाना मुनाफा बढ़ाने में मदद करता है.

Rice-Fish Farming: धान की खेती के साथ मछली पालन अपनाकर किसान एक ही खेत से दोहरी कमाई कर सकते हैं. यह तरीका लागत घटाने, पैदावार बढ़ाने और सालाना मुनाफा बढ़ाने में मदद करता है.

धान की खेती कर रहे किसानों के लिए अक्सर ये परेशानी होती है कि केवल धान से उन्हें अच्छा मुनाफा नहीं मिलता. ऐसे में क्या होगा अगर आपको पता चले कि एक रास्ता ऐसा भी है जिससे धान के अलावा दो गुना ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है? हम बात कर रहे हैं मछली पालन की. अगर आप धान की खेती करते हैं और हर साल बस उतनी ही कमाई से संतुष्ट हो जाते हैं, तो अब वक्त आ गया है कुछ नया सोचने का.

1/6
धान की फसल काटने के बाद खेत महीनों खाली पड़ा रहता है और किसान अगली फसल के इंतज़ार में बैठे रहते हैं. लेकिन अब मछली पालन को अपनाकर धान की कटाई के बाद भी किसान मुनाफा कमा रहे हैं. इसे कहते हैं धान-मछली खेती, यानी Rice-Fish Farming.
धान की फसल काटने के बाद खेत महीनों खाली पड़ा रहता है और किसान अगली फसल के इंतज़ार में बैठे रहते हैं. लेकिन अब मछली पालन को अपनाकर धान की कटाई के बाद भी किसान मुनाफा कमा रहे हैं. इसे कहते हैं धान-मछली खेती, यानी Rice-Fish Farming.
2/6
इस तरीके को समझना बहुत आसान है. धान की रोपाई के लिए वैसे भी खेत में काफी पानी भरकर रखना पड़ता है. किसान खेत के चारों तरफ छोटी मेढ़ बनाते हैं, ताकि पानी रुका रहे. अब इसी पानी में मछली के बीज यानी फिंगरलिंग डाल दिए जाएं तो धान के साथ-साथ मछली भी बढ़ने लगती है. मतलब एक ही खेत, एक ही पानी और दो-दो फसलें. मछलियां खेत में मौजूद कीड़े-मकोड़े और घास खाती रहती हैं, जिससे धान की फसल को कीटनाशकों की जरूरत कम पड़ती है. साथ ही मछलियों का मल खेत के लिए प्राकृतिक खाद का काम करता है, जिससे धान की पैदावार भी बेहतर होती है.
इस तरीके को समझना बहुत आसान है. धान की रोपाई के लिए वैसे भी खेत में काफी पानी भरकर रखना पड़ता है. किसान खेत के चारों तरफ छोटी मेढ़ बनाते हैं, ताकि पानी रुका रहे. अब इसी पानी में मछली के बीज यानी फिंगरलिंग डाल दिए जाएं तो धान के साथ-साथ मछली भी बढ़ने लगती है. मतलब एक ही खेत, एक ही पानी और दो-दो फसलें. मछलियां खेत में मौजूद कीड़े-मकोड़े और घास खाती रहती हैं, जिससे धान की फसल को कीटनाशकों की जरूरत कम पड़ती है. साथ ही मछलियों का मल खेत के लिए प्राकृतिक खाद का काम करता है, जिससे धान की पैदावार भी बेहतर होती है.
3/6
अब बात करते हैं इसे शुरू करने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है. सबसे पहली शर्त है कि आपके खेत में पानी रोके रखने की अच्छी क्षमता होनी चाहिए. अगर खेत से पानी जल्दी निकल जाता है तो मछलियां जिंदा नहीं रह पाएंगी. इसके लिए खेत के चारों ओर मजबूत मेढ़ बनानी पड़ती है और जरूरत पड़े तो जाल की घेराबंदी भी की जा सकती है, ताकि मछलियां बाहर न निकल सकें और कोई उन्हें चुरा भी न सके. इसके अलावा ये भी ध्यान रखें कि मछली की वही प्रजाति चुनें जो धान के खेत के माहौल में अच्छी तरह जिंदा रह सके, जैसे रोहू, कतला, मांगुर या देसी कार्प मछलियां.
अब बात करते हैं इसे शुरू करने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है. सबसे पहली शर्त है कि आपके खेत में पानी रोके रखने की अच्छी क्षमता होनी चाहिए. अगर खेत से पानी जल्दी निकल जाता है तो मछलियां जिंदा नहीं रह पाएंगी. इसके लिए खेत के चारों ओर मजबूत मेढ़ बनानी पड़ती है और जरूरत पड़े तो जाल की घेराबंदी भी की जा सकती है, ताकि मछलियां बाहर न निकल सकें और कोई उन्हें चुरा भी न सके. इसके अलावा ये भी ध्यान रखें कि मछली की वही प्रजाति चुनें जो धान के खेत के माहौल में अच्छी तरह जिंदा रह सके, जैसे रोहू, कतला, मांगुर या देसी कार्प मछलियां.
4/6
अब सवाल यह आता है कि इससे फायदा कितना होता है. जिन किसानों ने इस तरीके को अपनाया है, उनके अनुभव बताते हैं कि यह वाकई एक समझदारी भरा फैसला है. कई किसानों ने बताया कि मछली पालन को धान की खेती के साथ जोड़ने के बाद, अब वे सालाना करीब सात लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं और बहुत से किसानों के लिए मिसाल बन रहे हैं.
अब सवाल यह आता है कि इससे फायदा कितना होता है. जिन किसानों ने इस तरीके को अपनाया है, उनके अनुभव बताते हैं कि यह वाकई एक समझदारी भरा फैसला है. कई किसानों ने बताया कि मछली पालन को धान की खेती के साथ जोड़ने के बाद, अब वे सालाना करीब सात लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं और बहुत से किसानों के लिए मिसाल बन रहे हैं.
5/6
सबसे अच्छी बात यह है कि यह तरीका छोटे और मझोले किसानों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है, जिनके पास सीमित जमीन होती है. उन्हें अलग से तालाब बनाने या मछली पालन के लिए नई जमीन खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती.  इसके अलावा सरकार भी मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है. बिहार जैसे राज्यों में मत्स्य प्रजाति विविधीकरण योजना के तहत किसानों को मछली पालन शुरू करने के लिए सब्सिडी भी दी जा रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इस तरीके को अपनाएं और अपनी आय बढ़ा सकें.
सबसे अच्छी बात यह है कि यह तरीका छोटे और मझोले किसानों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है, जिनके पास सीमित जमीन होती है. उन्हें अलग से तालाब बनाने या मछली पालन के लिए नई जमीन खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती. इसके अलावा सरकार भी मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है. बिहार जैसे राज्यों में मत्स्य प्रजाति विविधीकरण योजना के तहत किसानों को मछली पालन शुरू करने के लिए सब्सिडी भी दी जा रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इस तरीके को अपनाएं और अपनी आय बढ़ा सकें.
6/6
बेशक इस खेती में कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं, जैसे खेत में पानी की लगातार उचित मात्रा बनाए रखना, सही समय पर मछली के बीज डालना, और कीटनाशकों का इस्तेमाल बहुत सीमित रखना ताकि मछलियों को नुकसान न हो. लेकिन जो किसान इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखते हैं, उनके लिए यह तरीका वाकई वरदान साबित होता है. धान भी पूरी तरह तैयार होता है और साथ में मछली बेचकर अतिरिक्त मुनाफा भी हाथ लगता है.
बेशक इस खेती में कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं, जैसे खेत में पानी की लगातार उचित मात्रा बनाए रखना, सही समय पर मछली के बीज डालना, और कीटनाशकों का इस्तेमाल बहुत सीमित रखना ताकि मछलियों को नुकसान न हो. लेकिन जो किसान इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखते हैं, उनके लिए यह तरीका वाकई वरदान साबित होता है. धान भी पूरी तरह तैयार होता है और साथ में मछली बेचकर अतिरिक्त मुनाफा भी हाथ लगता है.

एग्रीकल्चर फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola
Advertisement
Advertisement
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

शिमला मिर्च की खेती करने वाले किसान जरूर पढ़ें, अच्छी पैदावार के लिए अपनाएं ये तरीके
शिमला मिर्च की खेती करने वाले किसान जरूर पढ़ें, अच्छी पैदावार के लिए अपनाएं ये तरीके
मखाना और मछली पालन बना किसानों के लिए फायदे का सौदा, एक तालाब से बढ़ी कमाई
मखाना और मछली पालन बना किसानों के लिए फायदे का सौदा, एक तालाब से बढ़ी कमाई
Unhealthy Soil: खेत की मिट्टी हो गई खराब, इन संकेतों को पहचान लेंगे तो समय से पहले हो जाएगा इलाज
खेत की मिट्टी हो गई खराब, इन संकेतों को पहचान लेंगे तो समय से पहले हो जाएगा इलाज
इस बार इन किसानों के खाते में अटक जाएगी पीएम किसान निधी की अलगी किस्त, घर बैठे ऐसे कराएं ठीक
इस बार इन किसानों के खाते में अटक जाएगी पीएम किसान निधी की अलगी किस्त, घर बैठे ऐसे कराएं ठीक
Advertisement

वीडियोज

गुटखाबाज बीवी की डिमांड डायरी!
Shehnaaz Gill बोलीं- अभी सक्सेस नहीं मिली, मेरा सपना है लोग टिकट खरीदकर मेरी फिल्में देखने आएं
Bollywood News: '3 Idiots' की कहानी पर आमिर का नया खुलासा, सोनम वांगचुक कनेक्शन पर छिड़ी नई बहस (17-07-2026)
Udne ki Asha: Sailee-Sachin की बदली किस्मत; Ganpatipule में मिला पैसा, पर खो गया सुकून!
Tata Altroz diesel long term review and mileage: E20 ka best solution? #autolive

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
बुलेट ट्रेन में देरी का ठीकरा जापान के मंत्री ने भारत पर फोड़ा, विदेश मंत्रालय ने दिया ये जवाब
बुलेट ट्रेन में देरी का ठीकरा जापान के मंत्री ने भारत पर फोड़ा, विदेश मंत्रालय ने दिया ये जवाब
पाक के सिंध में बच्चों में तेजी से फैला HIV, WHO का अनुमान- पूरे देश में साढ़े 3 लाख लोग ऐसे ही जीने को मजबूर
पाक के सिंध में बच्चों में तेजी से फैला HIV, WHO का अनुमान- पूरे देश में साढ़े 3 लाख लोग ऐसे ही जीने को मजबूर
चिराग पासवान ने साफ किया रुख, 'बिहार में शराबबंदी कानून हटाने के पक्ष में तभी होंगे, जब पहले...'
चिराग पासवान ने साफ किया रुख, 'बिहार में शराबबंदी कानून हटाने के पक्ष में तभी होंगे, जब पहले...'
'मैं खेलना छोड़ दूंगा...', संन्यास की अफवाहों के बीच रोहित शर्मा के पुराने बयान ने मचाई सनसनी; जानें रिटायरमेंट पर क्या कहा
'मैं खेलना छोड़ दूंगा', संन्यास की अफवाहों के बीच रोहित शर्मा के पुराने बयान ने मचाई सनसनी
Lenin Box Office Day 7 Worldwide: 'धमाल 4' के आगे 'लेनिन' का भी वर्ल्डवाइड बजा डंका, अखिल अक्किनेनी के करियर का बना इतना बड़ा रिकॉर्ड
'लेनिन' का भी वर्ल्डवाइड बजा डंका, अखिल अक्किनेनी के करियर का बना इतना बड़ा रिकॉर्ड
Explained: क्या इस बार पास होगा परिसीमन बिल? कैसे बजट सत्र के मुकाबले बदल गई मानसून सत्र की तस्वीर?
क्या इस बार पास होगा परिसीमन बिल? कैसे बजट सत्र के मुकाबले मानसून सत्र की तस्वीर बदल गई?
मानसून सत्र में पेश नहीं हो पाएगा 130वां संविधान संशोधन बिल? JPC सदस्यों में नहीं बनी एक राय, कहा- ‘अभी चर्चा की जरूरत’
मानसून सत्र में पेश नहीं हो पाएगा 130वां संविधान संशोधन बिल? JPC सदस्यों में नहीं बनी एक राय
ब्रिटेन के 59वें PM होंगे लेबर पार्टी के एंडी बर्नहैम, ग्रेटर मैनचेस्टर के रह चुके मेयर, किंग चार्ल्स III सौंपेंगे सत्ता
ब्रिटेन के 59वें PM होंगे लेबर पार्टी के एंडी बर्नहैम, ग्रेटर मैनचेस्टर के रह चुके मेयर, किंग चार्ल्स III सौंपेंगे सत्ता
Embed widget