एक्सप्लोरर

Chak De Phatte: कहां से आया चक दे फट्टे शब्द? भारतीय सेना से जुड़ा है इतिहास, सच्चाई जानकर होगा गर्व

Chak De Phatte: “चक दे फट्टे” खेल हो या जिंदगी की चुनौतियां, यह शब्द हर किसी के अंदर जोश भरने का काम करता है. जो बस जोशीला नारा नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास और वीरता से जुड़ी एक खास पहचान है.

Chak De Phatte: जब भी किसी को जोश दिलाना हो या जीत की तरफ बढ़ने का हौसला देना हो, तो एक आवाज अक्सर सुनाई देती है “चक दे फट्टे!” यह सिर्फ एक लाइन नहीं, बल्कि दिल में आग जला देने वाला जज्बा है.  आज के दौर में हम इसे दोस्तों को मोटिवेट करने, मैच से पहले खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने या किसी को “ऑल द बेस्ट” कहने की जगह इस्तेमाल करते हैं. वही यह सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि हिम्मत, जज्बा और जीत का प्रतीक बन चुका है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस जोशीले मुहावरे के पीछे एक गहरी ऐतिहासिक कहानी छिपी हुई है, जो सीधे भारत के वीर योद्धाओं से जुड़ी है. चलिए आपको बताते हैं. 

सिख-मुगल संघर्ष से जुड़ी इसकी शुरुआत

“चक दे फट्टे” की शुरुआत 17वीं-18वीं सदी के उस दौर से मानी जाती है, जब सिख योद्धाओं और मुगलों के बीच लगातार संघर्ष हो रहे थे. माना जाता है कि उस समय सिख घुड़सवार छापामार तरीके से हमला करते थे यानी अचानक वार करना और फिर तेजी से वापस लौट जाना. इन लड़ाइयों में सिर्फ ताकत ही नहीं, बल्कि तेज दिमाग और सही रणनीति भी बहुत जरूरी होती थी, और यहीं से इस नारे की असली कहानी शुरू होती है.

यह भी पढ़ेंः होर्मुज के लिए चले प्रोजेक्ट फ्रीडम पर कितना पैसा लुटा चुका अमेरिका? होश उड़ा देंगे आंकड़े

लकड़ी के पुल और रणनीति की कहानी

कहा जाता है कि जब मुगलों की बड़ी सेना आगे बढ़ती थी, तो वे नदियों और नालों को पार करने के लिए बड़े-बड़े लकड़ी के पुल बनाते थे. सिख योद्धा इन रास्तों और हालात का फायदा उठाते थे. वे अचानक हमला करते और फिर वापस लौटते समय उन लकड़ी के पुलों के तख्तों यानी फट्टों को निकाल देते थे, ताकि मुगल सेना उनका पीछा न कर सके. “चक दे फट्टे” इसी संदर्भ में इस्तेमाल होता था मतलब तख्ते हटा दो और आगे बढ़ो.  यह एक तरह का संकेत भी था कि मिशन पूरा हो गया है और अब सुरक्षित लौटना है.

पूरा नारा और उसका गहरा मतलब

इसका एक पुराना और पूरा रूप भी बताया जाता है कि “चक दे फट्टे, पुट दे किल्ली”, जिसका मतलब होता है दुश्मन की जड़ तक हिला देना. यह नारा उस दौर में जीत और आत्मविश्वास का प्रतीक बन गया था. यह सिर्फ युद्ध का नारा नहीं था, बल्कि एक ऐसी भावना थी जो योद्धाओं को हर मुश्किल हालात में आगे बढ़ने की ताकत देती थी.

आज के दौर में इसका इस्तेमाल और महत्व

आज के समय में “चक दे फट्टे” का मतलब और भी व्यापक हो गया है. अब यह किसी भी काम को पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ करने का प्रतीक बन गया है. खेल के मैदान से लेकर आम जिंदगी तक, इसे एक मोटिवेशनल लाइन की तरह इस्तेमाल किया जाता है. यह हमें याद दिलाता है कि हालात चाहे जैसे भी हों, अगर इरादे मजबूत हों तो जीत जरूर मिलती है.  हाल ही में पूर्व सेना प्रमुख मनोज नरवणे ने भी अपनी किताब Four Stars of Destiny में इसका जिक्र करते हुए बताया कि यह नारा सिख लाइट इन्फेंट्री में काफी लोकप्रिय रहा है. उनके अनुसार, यह सिर्फ एक शब्द नहीं बल्कि सेना के जज्बे, जोश और जीत की भावना को दर्शाता है. 

यह भी पढ़ेंः क्या 18 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों का IPL खेलना अपराध है? जानिए क्या कहता है बालश्रम कानून

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

CJP Protest: कॉकरोच ही नहीं भारत में हुए हैं ये ऐतिहासिक आंदोलन, जानें क्या रहा था उनका परिणाम?
कॉकरोच ही नहीं भारत में हुए हैं ये ऐतिहासिक आंदोलन, जानें क्या रहा था उनका परिणाम?
Sonam Wangchuk Hunger Strike: अन्ना हजारे ने कैसे खत्म किया था अपना अनशन, उनकी किन मांगों को UPA सरकार ने माना था?
अन्ना हजारे ने कैसे खत्म किया था अपना अनशन, उनकी किन मांगों को UPA सरकार ने माना था?
CJP Parliament March: जंतर-मंतर से कितनी दूर है संसद भवन, पैदल पहुंचने में कितना वक्त लगता है?
जंतर-मंतर से कितनी दूर है संसद भवन, पैदल पहुंचने में कितना वक्त लगता है?
Sonam Wangchuk Hunger Strike: नारियल पानी, शहद या जूस पिलाकर ही क्यों खत्म कराया जाता है अनशन, क्या है इसकी वजह?
नारियल पानी, शहद या जूस पिलाकर ही क्यों खत्म कराया जाता है अनशन, क्या है इसकी वजह?
Advertisement

वीडियोज

Ramayan में पहले रिजेक्ट हुए थे Arun Govil, बाद में बने करोड़ों लोगों के Shri Ram
Hydrogen Train News:न डीजल,न बिजली! भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन! इंजन का राज जानकर रह जाएंगे हैरान!
Lock Upp 2 में Harshad Chopda ने पहली बार साझा किया अपनी जिंदगी का सबसे दर्दनाक राज
'आधा हिंदुस्तान शूट किया'... Shehnaaz Gill ने बताई अपनी नई फिल्म की grandness की असली वजह
Mercedes G Wagon से BMW XM तक: Ritika Ahuja ने खोले अपने Dream Garage के राज, बोलीं
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Tripura DGP Death: त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ ने की खुदकुशी, 2025 में लिया था चार्ज
त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ ने की खुदकुशी, 2025 में लिया था चार्ज
अमित शाह से शिक्षा मंत्री की मुलाकात के बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अखिलेश यादव का बड़ा दावा
अमित शाह से शिक्षा मंत्री की मुलाकात के बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अखिलेश का बड़ा दावा
CJP Protest: लाठीचार्ज के बाद बात करने के लिए केंद्र सरकार के किस मंत्री से मिलने पहुंचे CJP प्रवक्ता? खुद कर दिया खुलासा
लाठीचार्ज के बाद बात करने के लिए केंद्र सरकार के किस मंत्री से मिलने पहुंचे CJP प्रवक्ता? खुद कर दिया खुलासा
क्या है Ferran Torres का भारत से कनेक्शन? जिसके गोल से स्पेन ने जीता वर्ल्ड कप खिताब; जानिए
क्या है Ferran Torres का भारत से कनेक्शन? जिसके गोल से स्पेन ने जीता वर्ल्ड कप खिताब; जानिए
'सरकार क्यों डरी, आई एम वेरी सैड...', छात्रों पर बरसी लाठियां तो गुस्से में बोले शशि थरूर
'सरकार क्यों डरी, आई एम वेरी सैड...', छात्रों पर बरसी लाठियां तो गुस्से में बोले शशि थरूर
Explained: जंतर-मंतर भूख हड़ताल का पूरा लेखा-जोखा! हर सवाल का जवाब, हर आंकड़ा, हर नाम और पीछे की कहानी...
जंतर-मंतर भूख हड़ताल का पूरा लेखा-जोखा! हर सवाल का जवाब, हर आंकड़ा, हर नाम और पीछे की कहानी...
'आप लोगों की तबीयत कैसी है?', सलमान खान की हेल्थ को लेकर परेशान हुए फैंस तो एक्टर ने पूछ डाला सवाल, अब शेयर कर दी ऐसी तस्वीरें
'आपकी तबीयत कैसी है?', सलमान खान की हेल्थ को लेकर परेशान हुए फैंस तो एक्टर ने पूछ डाला सवाल
NEET UG Result 2026 Controversy: सवालों के घेरे में NEET UG का रिजल्ट, कहीं OMR शीट बदली तो कहीं आंसर-की से मैच नहीं कर रहा स्कोर!
सवालों के घेरे में NEET UG का रिजल्ट, कहीं OMR शीट बदली तो कहीं आंसर-की से मैच नहीं कर रहा स्कोर!
Embed widget