CJP Parliament March: जंतर-मंतर से कितनी दूर है संसद भवन, पैदल पहुंचने में कितना वक्त लगता है?
CJP Parliament March: आज कॉकरोच जनता पार्टी संसद मार्च करने जा रही है. आइए जानते हैं कि जंतर-मंतर से संसद भवन तक पैदल जाने में कितना समय लगता है.

- मानसून सत्र में जंतर-मंतर से संसद तक मार्च प्रस्तावित।
- दिल्ली पुलिस ने मार्च की अनुमति नहीं दी, धारा 163 लागू।
- आयोजकों ने शांतिपूर्ण, अहिंसक व्यवहार बनाए रखने की अपील की।
CJP Parliament March: संसद का मानसून सत्र शुरू होने के साथ ही दिल्ली में राजनीतिक हलचल बढ़ चुकी है. इसी के साथ हजारों प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जमा हैं. संसद तक प्रस्तावित मार्च को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच कई लोग यह जानना चाहते हैं कि ये दोनों जगह एक दूसरे से कितनी दूर हैं. आइए जानते हैं जंतर-मंतर से संसद भवन तक पैदल जाने में कितना वक्त लगता है.
जंतर-मंतर और संसद भवन के बीच की दूरी
जंतर-मंतर और संसद भवन नई दिल्ली के बीचों-बीच स्थित हैं. इन दोनों जगहों के बीच पैदल दूरी लगभग 1.5 से 2 किलोमीटर है. पैदल चलने की सामान्य रफ्तार से इस रास्ते को तय करने में आमतौर पर 20 से 25 मिनट लगते हैं. हालांकि भीड़ की आवाजाही, सुरक्षा इंतजाम और ट्रैफिक पाबंदी की वजह से इसमें लगने वाला समय बदल सकता है.
पैदल जाने का मुख्य रास्ता
जंतर-मंतर से संसद भवन जाने का सबसे सीधा रास्ता संसद मार्ग से होकर गुजरता है. जंतर-मंतर से निकलने के बाद पैदल चलने वाले लोग सीधे सड़क पर संसद की तरफ बढ़ सकते हैं. इस रास्ते पर एक मुख्य लैंडमार्क पटेल चौक मेट्रो स्टेशन है. यह जंतर-मंतर के पास है और संसद परिसर की तरफ जाने वाले लोगों के लिए एक अहम पहचान बिंदु का काम करता है.
मानसून सत्र के दौरान प्रस्तावित मार्च
मानसून सत्र के पहले दिन कॉकरोच जनता पार्टी ने संसद तक शांतिपूर्ण मार्च का प्रस्ताव रखा था. आयोजकों के मुताबिक इस मार्च का मकसद शांतिपूर्ण और अहिंसक बने रहना था. हालांकि दिल्ली पुलिस ने यह कहा है कि ऐसे मार्च के लिए ना तो कोई अनुमति मांगी गई थी और ना ही दी गई थी. अधिकारियों ने जनता से किसी भी गैर कानूनी जुलूस में शामिल न होने की अपील की और नागरिकों से कानून व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग करने की भी मांग की.
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इलाके में धारा 163 लागू
प्रस्तावित मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर रोड पर तय प्रदर्शन स्थल को छोड़कर पूरे नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी है. यह पाबंदी संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के दौरान सुरक्षा को बनाए रखने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर लगाई गई हैं.
आयोजकों की शांतिपूर्ण व्यवहार की अपील
अभिजीत दीपके की कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रतिभागियों से प्रस्तावित मार्च के दौरान अनुशासन बनाए रखने की अपील की है. आयोजकों ने यह जोर देकर यह कहा है कि कोई हिंसा या फिर गैर कानूनी गतिविधि नहीं होनी चाहिए और समर्थकों से अपील की कि वह ऐसा कोई भी काम ना करें जिससे कानून व्यवस्था बिगड़ सकती हो. इन सभी अपील के बावजूद भी पुलिस का यह कहना है कि मार्च के लिए कोई भी आधिकारिक मंजूरी नहीं ली गई थी और उन्होंने फिर से दोहराया है कि बिना मंजूरी वाली भीड़ को इकट्ठा होने की इजाजत नहीं दी जाएगी.
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