यह है दुनिया का सबसे बड़ा मिलिट्री बेस, जानें कितने सैनिक रहते हैं यहां?
World's Largest Military Base: अमेरिका का मिलिट्री बेस दुनिया का सबसे बड़ा मिलिट्री बेस है. आइए जानते हैं कौन सा है यह मिलिट्री बेस.

World's Largest Military Base: आमतौर पर मिलिट्री बेस को एक ऐसी प्रतिबंधित जगह के तौर पर देखा जाता है जहां बैरक, एयरक्राफ्ट, हथियार और ट्रेनिंग ग्राउंड होते हैं. लेकिन कुछ बेस इतने बड़े होते हैं कि वे लगभग आजाद शहरों की तरह काम करते हैं. इनमें घर, स्कूल, अस्पताल, शॉपिंग एरिया, एयरफील्ड और हजारों आम नागरिक कर्मचारी होते हैं. इसका सबसे बड़ा उदाहरण अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में स्थित फोर्ट ब्रैग है. इसे आबादी के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा मिलिट्री बेस माना जाता है. यहां 52000 से ज्यादा एक्टिव ड्यूटी सैनिक और उनके साथ हजारों परिवार के सदस्य और आम नागरिक कर्मचारी रहते हैं. यह बेस सिर्फ सैनिकों के रहने की जगह नहीं है. यह एक काफी बड़ा मिलिट्री समुदाय है.
फोर्ट ब्रैग की आबादी
यहां 52000 से ज्यादा एक्टिव ड्यूटी सैनिक तैनात हैं. इसी के साथ कुछ अनुमानों के मुताबिक रिजर्व सैनिकों को मिलाकर यह संख्या 54000 से ऊपर पहुंच जाती है. मिलिट्री आबादी के साथ लगभग 70000 आश्रित भी रहते हैं. इनमें सैनिकों के जीवन साथी और बच्चे शामिल हैं.
इस बेस पर हजारों आम नागरिक कर्मचारी और ठेकेदार भी काम करते हैं. जब बेस से जुड़े समुदाय जिनमें रिटायर हो चुके लोग और उनके परिवार शामिल हैं, को ध्यान में रखा जाता है तो यह संख्या लाखों तक पहुंच सकती है. हालांकि ऐसे आंकड़े इस बात पर निर्भर करते हैं कि आबादी को कैसे परिभाषित किया गया है.

नॉर्थ कैरोलिना में एक बड़ा मिलिट्री बेस
फोर्ट ब्रैग लगभग 163000 एकड़ में फैला है. यह लगभग 650 वर्ग किलोमीटर के बराबर है. इसका बड़ा आकार ट्रेनिंग एरिया, ऑपरेशनल सुविधा, रिहायशी इलाकों और मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जगह देता है. यह बेस नॉर्थ कैरोलिना में बसा है और देश में अमेरिकी सेना की सबसे रणनीतिक रूप से जरूरी सुविधाओं में से एक बन गया है.
82वीं एयरबोर्न डिवीजन का घर
फोर्ट ब्रैग की सबसे जरूरी यूनिट में से एक 82वीं एयरबोर्न डिवीजन है. यह अमेरिकी सेना की सबसे जानी-मानी एयरबोर्न यूनिट में से एक है. इसके सैनिकों को जरूरत पड़ने पर हवाई रास्ते से तेजी से तैनात होने और एयरबोर्न ऑपरेशन करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है.

स्पेशल ऑपरेशंस का एक बड़ा केंद्र
फोर्ट ब्रैग अमेरिकी सेना के स्पेशल ऑपरेशंस कमान से भी गहराई से जुड़ा हुआ है. प्रमुख स्पेशल ऑपरेशंस संगठन की मौजूदगी इस बेस को अमेरिकी सैन्य ढांचे में खास रूप से ज़रूरी बनती है. वहां तैनात कर्मचारियों को काफी खास ट्रेनिंग दी जाती है और वह ऐसे मिशन में शामिल हो सकते हैं जिनके लिए एडवांस्ड ऑपरेशनल क्षमताओं की जरूरत होती है.
अपने बड़े एयरफील्ड
अपनी सभी एविएशन गतिविधि के लिए इस बेस को किसी दूर के सिविलियन एयरपोर्ट पर निर्भर नहीं रखा गया है. इसमें पोप फील्ड और सिमंस आर्मी एयरफील्ड शामिल हैं. यह मिलिट्री एविएशन ऑपरेशन में मदद करते हैं. इन एयर फील्ड की वजह से मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और दूसरे एविएशन एसेट सीधे बेस से ऑपरेट कर सकते हैं. इससे एक्सरसाइज या फिर तैनाती के दौरान कर्मियों और साजों सामान को ले जाना आसान हो जाता है.
2025 में इसका नाम फिर से बदला
इस बेस के नामकरण का इतिहास काफी पुराना रहा है. फरवरी 2025 में अमेरिकी सेना द्वारा आधिकारिक तौर पर फोर्ट ब्रैग नाम बहाल करने से पहले कुछ समय के लिए इसे फोर्ट लिबर्टी के नाम से जाना जाता था. बहाल किया गया नाम दूसरे विश्व युद्ध के सैनिक रोलैंड एल ब्रैग से जुड़ा था ना कि कॉन्फेडरेट जनरल ब्रैकस्टन ब्रैग से. उनके नाम पर ऐतिहासिक रूप से इस बेस का नाम रखा गया था.
फोर्ट कैंपबेल एक और बड़ा अमेरिकी मिलिट्री बेस
केंटकी और टेनेसी में बसा फोर्ट कैंपबेल अमेरिकी सेना का एक और बड़ा बेस है. यहां मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक 26000 से ज्यादा एक्टिव ड्यूटी सैनिक तैनात हैं.
परिवारों, सिविलियन कर्मचारी और दूसरे संबंधित कर्मियों को शामिल करने पर इसका मिलिट्री समुदाय काफी बड़ा हो जाता है. इससे यह संयुक्त राज्य अमेरिका के सबसे बड़े मिलिट्री समुदाय में से एक बन जाता है.
यह भी पढ़ेंः इस देश का नहीं है कोई भी अपना संविधान, जानें कौन तय करता है नियम कानून?





















